scorecardresearch
 

सावन में आस्था की परीक्षा... पुल बहा तो ट्रॉली बनी सहारा, उत्तराखंड में मध्यमहेश्वर धाम जाने के लिए घंटों लाइन में खड़े श्रद्धालु - VIDEO

रुद्रप्रयाग में मध्यमहेश्वर धाम जाने वाले रास्ते पर मोरखंडा नदी की अस्थायी पुलिया तेज बहाव में बह गई है, जिससे श्रद्धालु अब ट्रॉली से नदी पार कर रहे हैं. सावन के कारण भीड़ बढ़ने से दोनों तरफ लंबी कतारें लग रही हैं. साल 2013 की आपदा में स्थायी पुल बहने के बाद से हर मॉनसून में यही स्थिति बनती है. सोमवार को भीड़ के धक्के से एक उत्तर प्रदेश निवासी कांवड़ यात्री नदी में गिर गया और समय पर इलाज न मिलने से उसकी मौत हो गई.

Advertisement
X
मध्यमहेश्वर मार्ग पर पुलिया बही (Photo: ITG)
मध्यमहेश्वर मार्ग पर पुलिया बही (Photo: ITG)

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में द्वितीय केदार के नाम से मशहूर मध्यमहेश्वर धाम जाने वाले रास्ते में मोरखंडा नदी पर बनी अस्थायी पुलिया तेज बहाव में बह गई है. इस वजह से धाम जाने वाले श्रद्धालु और स्थानीय लोग अब ट्रॉली के सहारे नदी पार कर रहे हैं. सावन का महीना होने के कारण इन दिनों धाम में दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ काफी बढ़ गई है, जिससे ट्रॉली में बैठने के लिए दोनों तरफ लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.

गौरतलब है कि साल 2013 में आई भीषण आपदा के दौरान मोरखंडा नदी पर बना स्थायी पुल बह गया था. तभी से हर साल बरसात के मौसम में यही हालात बन जाते हैं और लोगों को अस्थायी पुलिया या ट्रॉली के भरोसे रहना पड़ता है. इस साल भी बारिश शुरू होते ही पुलिया नदी की तेज धारा में बह गई, जिसके बाद ट्रॉली ही आवाजाही का एकमात्र सहारा बची है.

यह भी पढ़ें: जंतर-मंतर पर इस्तीफा लहराने वाले सिपाही शेर सिंह पर एक्शन, उत्तराखंड पुलिस ने किया सस्पेंड

सोमवार को इस दौरान एक दर्दनाक हादसा भी हो गया. धाम जाने के लिए एक कांवड़ यात्री ट्रॉली में बैठने की कोशिश कर रहा था. उसी समय भीड़ ज्यादा होने की वजह से धक्का लगने से वह नदी में जा गिरा. यह यात्री उत्तर प्रदेश का रहने वाला था. हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे तुरंत रुद्रप्रयाग लाया जा रहा था, लेकिन समय पर इलाज न मिल पाने के कारण रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.

Advertisement

इस हादसे के बावजूद अभी भी ट्रॉली में बैठने के लिए भीड़ कम नहीं हो रही है. दोनों छोर पर लंबी लाइनें लगी हुई हैं और यात्री परेशानी झेल रहे हैं. प्रशासन के सामने अब बड़ी चुनौती है कि भीड़ को व्यवस्थित तरीके से पार कराया जाए ताकि दोबारा कोई हादसा न हो.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement