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न निरीक्षण काम आया, न आश्वासन! एक साल से बंद लोअर मालरोड पर व्यापारियों का ऐलान, 15 अगस्त से आर-पार की लड़ाई

नैनीताल की लोअर मालरोड करीब एक साल से बंद है, लेकिन कई निरीक्षण और आश्वासनों के बावजूद सड़क अब तक नहीं खुली. व्यापार मंडल ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए 15 अगस्त को आंदोलन का ऐलान किया है. अध्यक्ष पुनीत टंडन शाम 4 बजे ग्राउंड जीरो पर लेटकर अनिश्चितकालीन धरना देंगे. उन्होंने अब सिर्फ आश्वासन स्वीकार नहीं करने की बात कही है.

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26 जून का आश्वासन भी नहीं हुआ पूरा.(Photo: Lila Singh Bisht/ITG)
26 जून का आश्वासन भी नहीं हुआ पूरा.(Photo: Lila Singh Bisht/ITG)

नैनीताल की लोअर मालरोड को बंद हुए करीब एक साल पूरा होने वाला है, लेकिन सड़क को दोबारा खोलने का इंतजार खत्म नहीं हुआ है. इस दौरान कई निरीक्षण, बैठकें और प्रशासनिक स्तर पर आश्वासन दिए गए, मगर जमीन पर स्थिति अब भी पहले जैसी बनी हुई है. इसे लेकर व्यापारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है.

मां नयना देवी नैनीताल व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने 15 अगस्त को शाम 4 बजे लोअर मालरोड के ग्राउंड जीरो पर लेटकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का ऐलान किया है. उनका कहना है कि व्यापार मंडल ने प्रशासन को पर्याप्त समय दिया और अधिकारियों के भरोसे पर आंदोलन भी टाला, लेकिन अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा.

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व्यापार मंडल ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के निरीक्षण को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. संगठन का दावा है कि कमिश्नर बंद पड़ी मालरोड का तीन बार जायजा ले चुके हैं, लेकिन करीब एक साल गुजरने के बाद भी सड़क की स्थिति नहीं बदली. व्यापारियों का सवाल है कि अगर तीन निरीक्षणों के बावजूद समाधान नहीं निकला तो इन दौरों का नतीजा आखिर कहां है.

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26 जून का आश्वासन भी नहीं हुआ पूरा

व्यापार मंडल के मुताबिक, 26 जून को अधिशासी अधिकारी रत्नेश सक्सेना ने ग्राउंड जीरो पर पुनीत टंडन और मीडिया की मौजूदगी में भरोसा दिलाया था कि 15 अगस्त के वीकेंड तक लोअर मालरोड को पूरी तरह खोल दिया जाएगा. इसी भरोसे के बाद व्यापार मंडल अध्यक्ष ने अपना प्रस्तावित धरना स्थगित कर दिया था.

अब 15 अगस्त नजदीक है, लेकिन सड़क खोलने का काम पूरा नहीं हुआ. व्यापार मंडल का कहना है कि कुछ समय से काम भी बंद पड़ा है. ऐसे में संगठन ने फिर से आंदोलन की घोषणा की है. व्यापारियों का कहना है कि नैनीताल को सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले निरीक्षण नहीं, बल्कि जमीन पर खुली और चालू सड़क चाहिए.

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व्यापार मंडल का आरोप है कि लगातार निरीक्षण और बैठकों के बावजूद समाधान की गति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. संगठन अब प्रशासन से साफ तौर पर सड़क को खोलने की मांग कर रहा है. व्यापारियों का कहना है कि जनता और कारोबारियों को बार-बार तारीख और भरोसे के बजाय वास्तविक काम चाहिए.

एक सड़क बंद, दूसरी पर नो हॉर्न का दबाव

लोअर मालरोड बंद होने का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा है. इसका दबाव अपर मालरोड पर बढ़ गया है, जहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही के बीच वाहनों का संचालन भी जारी रहता है. व्यापार मंडल का कहना है कि ऐसी स्थिति में अपर मालरोड को नो हॉर्न जोन घोषित किए जाने से वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ गई है.

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संगठन का तर्क है कि भीड़भाड़ वाली सड़क पर पैदल यात्रियों को सावधान करने के लिए कई बार वाहन का हॉर्न जरूरी होता है. लेकिन नो हॉर्न नियम के चलते चालक चालान के डर में रहते हैं. व्यापार मंडल सवाल उठा रहा है कि जब एक सड़क लगभग सालभर से बंद है और पूरा यातायात दूसरी सड़क पर निर्भर है, तब मौजूदा जमीनी परिस्थितियों को ध्यान में रखे बिना ऐसा फैसला कितना व्यावहारिक है.

लोअर मालरोड के लंबे समय तक बंद रहने का असर शहर के व्यापार और सामान्य गतिविधियों पर भी पड़ा है. व्यापार मंडल के मुताबिक, इसका प्रभाव नैनीताल में आयोजित होने वाली माउंटेन मैराथन की सामान्य रूटिंग पर भी पड़ा है. संगठन का कहना है कि सड़क बंद रहने से केवल यातायात ही नहीं, बल्कि शहर की आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं.

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'अब आश्वासन नहीं, मालरोड चाहिए'

पुनीत टंडन का कहना है कि प्रशासन को पर्याप्त वक्त दिया गया और अधिकारियों के आश्वासनों पर भरोसा करते हुए आंदोलन को स्थगित किया गया था. अब दोबारा केवल भरोसे या आश्वासन के आधार पर पीछे हटने की स्थिति नहीं है. उनका कहना है कि व्यापारियों को अब बंद सड़क के समाधान के बजाय उसका वास्तविक रूप से खुलना चाहिए.

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उन्होंने घोषणा की है कि 15 अगस्त को शाम 4 बजे लोअर मालरोड के ग्राउंड जीरो पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा. इस दौरान वह केवल पानी और लिक्विड का सेवन करेंगे और ठोस भोजन नहीं लेंगे. जरूरत पड़ने पर उन्होंने अन्न-जल त्यागने की बात भी कही है.

व्यापार मंडल ने स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों से आंदोलन में सहयोग करने की अपील की है. संगठन का कहना है कि अब मांग केवल आश्वासन की नहीं, बल्कि लोअर मालरोड को जल्द से जल्द खोलने की है. फिलहाल 15 अगस्त को प्रस्तावित धरने को लेकर प्रशासन और व्यापार मंडल के बीच टकराव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है.

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