हरियाणा के कुरुक्षेत्र निवासी 25 वर्षीय विशु शर्मा की जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई. घटना की जानकारी परिवार को मिलते ही घर में मातम छा गया. परिजन गहरे सदमे में हैं और अब विशु के शव को भारत लाने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं. हत्या की वजह और वारदात में शामिल बताए जा रहे तीन आरोपियों के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है.
विशु के पिता नीरज शर्मा ने बताया कि उनका बेटा नवंबर 2022 में पुर्तगाल गया था. इसके लिए परिवार ने अपना प्लॉट बेचकर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए थे. पुर्तगाल जाने के करीब एक साल बाद विशु फ्रांस चला गया. वहां उसने छह महीने तक फौज की ट्रेनिंग ली और करीब एक साल तक फ्रांस आर्मी में भी रहा.
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इसके बाद विशु ने फ्रांस की नौकरी छोड़ दी और जर्मनी चला गया. वहां वह डिलीवरी का काम करता था और उसने अपनी एक टीम भी बना रखी थी. पिता के मुताबिक, यह टीम विशु के अंडर काम करती थी. विदेश में रहने के दौरान वह अपने काम को लेकर सक्रिय था और परिवार के संपर्क में भी बना रहता था.
सोमवार को हुई थी पिता से आखिरी बातचीत
नीरज शर्मा ने बताया कि सोमवार को उनकी विशु से फोन पर बातचीत हुई थी. उस दौरान दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई और इसके बाद विशु अपने काम पर चला गया. मंगलवार को परिवार की उससे कोई बात नहीं हो सकी. बुधवार सुबह परिजनों को उसकी हत्या की खबर मिली, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया.
परिवार के लिए सबसे बड़ा सदमा यह है कि जिस बेटे के सुरक्षित घर लौटने की उम्मीद थी, अब उसके शव को भारत लाने की तैयारी करनी पड़ रही है. परिजन जर्मनी में मौजूद संबंधित लोगों और अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि अंतिम प्रक्रिया पूरी कर विशु का शव भारत लाया जा सके.
विशु की बहन भी भाई की मौत की खबर से सदमे में है. पिता के मुताबिक, विशु ने अपनी बहन से कहा था कि वह रक्षाबंधन पर उसे अंगूठी गिफ्ट करेगा. भाई की इस बात को लेकर बहन उत्साहित थी, लेकिन अचानक आई मौत की खबर ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं.
विदेश में बना रहा करियर, परिवार ने लगाए थे सपने
विशु के विदेश जाने की कहानी भी संघर्ष और परिवार की उम्मीदों से जुड़ी है. बेटे के बेहतर भविष्य के लिए परिवार ने अपना प्लॉट तक बेच दिया था. करीब 20 लाख रुपये खर्च कर उसे पुर्तगाल भेजा गया. वहां से वह फ्रांस पहुंचा और सेना की ट्रेनिंग लेने के बाद फ्रांस आर्मी में भी काम किया.
बाद में वह जर्मनी चला गया और डिलीवरी के काम से जुड़ गया. उसने अपनी एक टीम भी तैयार कर ली थी, जो उसके नेतृत्व में काम करती थी. परिवार के मुताबिक, विशु विदेश में अपने करियर को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था. इसी बीच उसकी हत्या की खबर ने परिजनों को तोड़कर रख दिया.
फिलहाल, परिजनों का पूरा ध्यान विशु के शव को भारत लाने पर है. वहीं, हत्या के कारण और घटना की पूरी परिस्थितियों को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. वारदात में शामिल बताए जा रहे तीन आरोपियों की भूमिका और हत्या के पीछे की वजह भी जांच का विषय है.