सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है. वैसे तो सावन में हर दिन महादेव की पूजा होती है. लेकिन इसमें सोमवार का महत्व अधिक होता है. मान्यता है कि सावन सोमवार के दिन विधि-विधान से शिव पूजन, व्रत और जलाभिषेक करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं. ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र ने बताया है कि आखिर सावन का सोमवार क्यों खास है और इस दिन कौन से उपाय करने से इंसान का भाग्य संवर सकता है.
सावन सोमवार का महत्व क्यों है?
सोमवार का संबंध चंद्रमा से माना जाता है और भगवान शिव अपने मस्तक पर चंद्र देव को धारण करते हैं. शास्त्रों में सोमवार को चंद्र देव का वार बताया गया है. इसी वजह से सोमवार को शिव पूजा के लिए खास माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और व्रत करने से शिवजी के साथ चंद्रमा का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है. चंद्रमा को मन का कारक माना गया है. इसलिए इस दिन की गई पूजा मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मकता का संचार भी बढ़ाती है.
1. सावन सोमवार का व्रत
सावन सोमवार का व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय माना गया है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने और शिवजी की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. अच्छा जीवनसाथी पाने की इच्छा रखने वाले स्त्री और पुरुष दोनों यह व्रत रख सकते हैं.
2. पार्थिव शिवलिंग की पूजा
शास्त्रों में मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. सावन सोमवार के दिन मिट्टी का शिवलिंग बनाकर विधि-विधान से पूजा और अभिषेक करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं. इसे विशेष पुण्यदायी माना जाता है.
3. गंगाजल से रुद्राभिषेक करें
सावन सोमवार पर गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना गया है. यदि संभव हो तो रुद्री या रुद्राभिषेक भी कराया जा सकता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार गंगाजल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और इससे किया गया अभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है.
4. मंत्र जाप
भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का नियमित जाप सबसे सरल उपाय माना गया है. वहीं रोगों, मानसिक कष्ट और कठिन परिस्थितियों से राहत की कामना रखने वाले श्रद्धालु महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी कर सकते हैं.
5. साढ़ेसाती, ढैय्या, महादशा से मुक्ति
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैया या महादशा का प्रभाव चल रहा हो, उन्हें सावन सोमवार पर शिवजी का रुद्राभिषेक और पूजा करनी चाहिए. इसके अलावा नौकरी, व्यवसाय या अन्य मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भी भगवान शिव से प्रार्थना करना शुभ माना गया है.
चार सावन सोमवार का उठाएं लाभ
इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं. इन चारों सोमवार पर शिव मंदिर जाकर जलाभिषेक, व्रत, मंत्र जाप और पूजा करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई आराधना जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता का मार्ग खोलने वाली मानी जाती है.