कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने स्विस बैंक के ताजा आंकड़ों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है. शुक्रवार को राहुल ने ट्वीट किया कि मोदी सरकार जब से आई है सिर्फ कह रही है कि कालाधन लाएंगे, जबकि अब जब 2018 में वहां जमापूंजी बढ़ी है तो वो कह रहे हैं कि ये सब व्हाइट मनी है.
राहुल ने इंडिया टुडे का ही एक वीडियो ट्ववीट करते हुए तीन आंकड़े जारी किए. उन्होंने लिखा कि 2014 में उन्होंने (सरकार) कहा कि मैं स्विस बैंक में जमा सारा काला धन लाऊंगा और सभी भारतीयों के खाते में 15 लाख जमा कराउंगा. इसके बाद 2016 में कहा कि नोटबंदी देश में मौजूद काले धन को खत्म कर देगी. वहीं अब 2018 में वो कह रहे हैं कि स्विस बैंक में जो भारतीयों का पैसा बढ़ा है वह सब व्हाइट मनी है, स्विस बैंक में कोई काला धन नहीं है.
2014, HE said: I will bring back all the "BLACK" money in Swiss Banks & put 15 Lakhs in each Indian bank A/C.
2016, HE said: Demonetisation will cure India of "BLACK" money.
2018, HE says: 50% jump in Swiss Bank deposits by Indians, is "WHITE" money. No "BLACK" in Swiss Banks!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi)
पार्टी ने जारी किया था पुराना वीडियो
आपको बता दें कि इससे पहले भी कांग्रेस पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरा था. कांग्रेस ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लिया. ये वीडियो नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले का है, जिसमें वो कह रहे हैं कि किस तरह डॉलर के मुकाबले रुपया गिर रहा है और ये सब केंद्र की भ्रष्ट सरकार की वजह से हो रहा है.
ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी विपक्ष में थे, तब वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मजाक उड़ाते थे, क्या हमें भी अब ऐसा ही करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रचार के दौरान इन्होंने 15 लाख रुपए देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आए तो ये जुमला बन गया.
गौरतलब है कि स्विस बैंक ने जो ताजा आंकड़े जारी किए हैं उसमें दिख रहा है कि पिछले एक साल में भारतीयों की जमा पूंजी में करीब 50% की बढ़ोतरी हुई है. पिछले तीन साल से ये आंकड़े लगातार घट रहे थे, लेकिन अचानक 2017 में इतनी लंबी छलांग मोदी सरकार के लिए चिंता बढ़ा सकती है. विपक्ष के अलावा कई साथियों ने भी इसको लेकर सरकार को घेरा है.