आजतक.इन में चीफ सब एडिटर के पद पर काम कर रहे मोहित ग्रोवर का डिजिटल पत्रकारिता से रिश्ता वैसा ही है, जैसा धोनी का आखिरी ओवर से—भरोसेमंद और असरदार. आजतक डिजिटल के साथ यह उनकी दूसरी पारी है और इस बार वे सिर्फ ख़बरें ही नहीं लिख रहे, बल्कि न्यूज़ रूम में भविष्य की तकनीक का 'सॉफ्टवेयर' अपडेट कर रहे हैं. मोहित फिलहाल AI से जुड़े खास प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं और आजतक ई-पेपर की लॉन्चिंग से लेकर उसे रफ़्तार देने वाली कोर टीम के अहम खिलाड़ी रहे हैं. आजतक की मल्टीमीडिया टीम की अगुवाई करते हुए वे 'AI की पाठशाला' में लोगों को तकनीक सिखा रहे हैं, तो 'Gen-Z की डिक्शनरी' के जरिए नई पीढ़ी की भाषा को डिकोड कर रहे हैं.
डिजिटल पत्रकारिता की पिच पर मोहित साल 2017 से डटे हुए हैं और खास बात ये है कि करियर का 'डेब्यू' भी aajtak.in से ही हुआ था. नेशनल डेस्क पर तपकर तैयार हुए मोहित ने करीब ढाई साल स्पोर्ट्स डेस्क की कप्तानी भी संभाली. आईपीएल का शोर हो, टी-20 वर्ल्ड कप का रोमांच या फिर फुटबॉल वर्ल्ड कप 2022 की दीवानगी, मोहित ने हर बड़े टूर्नामेंट को अपनी कलम से कवर किया है. आपने जो देश की पहली AI एंकर सना को देखा, मोहित उसे लॉन्च करने वाली कोर टीम में रहे. 2023 से 2025 तक में करीब दो साल के लिए मोहित टीवी-9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में भी रहे, जहां पहले 'स्पोर्ट्स 9' के जरिए वर्ल्ड कप कवरेज और फिर टीवी9 डिजिटल के लिए ओरिजनल वीडियोज़ के साथ तगड़े प्रयोग किए.
मोहित का ताल्लुक मेरठ के उस हस्तिनापुर से है, जिसका जिक्र महाभारत की कहानियों में होता है. हिन्दी में 12वीं तक पढ़ाई की, साइंस ली थी इसलिए ग्रेजुएशन में बीसीए कर लिया. इसके बाद पत्रकारिता का 'प्रैक्टिकल' करने नोएडा आ गए और आजतक के ही इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से अपनी ट्रेनिंग पूरी की. सवा अरब भारतीयों की तरह क्रिकेट उनके लिए धर्म है, जिसे वे सिर्फ देखते नहीं, बल्कि जीते हैं. जब खबरों की भागदौड़ से ब्रेक मिलता है, तो मोहित किताबों के पन्नों में खोए मिलते हैं या फिर कव्वाली की किसी महफिल में होते हैं. उस्ताद नुसरत फतेह अली खान की रुहानियत और अजीज़ मियां की तकरार के वे पक्के मुरीद हैं. आजकल एआई का भूत सवार हुआ है तो एआई से जुड़े कुछ कोर्स भी कर रहे हैं. तकनीक की समझ, क्रिकेट का जुनून और शायरी की नज़ाकत—इन्हीं तीन धागों से मोहित अपनी पत्रकारिता की चादर बुनते हैं.