प्रयागराज में चल रहे कुंभ 2019 में श्रद्धालुओं समेत देश के शीर्ष नेताओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है. गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी कुंभ पहुंचे. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल राम नाईक भी मौजूद रहे.
Prayagraj: President Ram Nath Kovind offers prayer at . CM Yogi Adityanath and Governor Ram Naik also present.
— ANI UP (@ANINewsUP)
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कुंभ मेले में व्यवस्थाओं को लेकर सीएम योगी और राज्यपाल की सराहना की. राष्ट्रपति कोविंद ने प्रयागराज में लोगों के उदारता की प्रशंसा में कहा, "इस तरह के बड़े आयोजन के कारण वे(स्थानीय लोग) कठिनाइयों और प्रतिबंधों का सामना करते हैं. लेकिन वे इस कार्यक्रम के महत्व को महसूस करते हैं. लाखों लोगों का यहां आना उनके विश्वास के प्रभाव को दिखलाता है.'
इस दौरान सीएम योगी ने कहा, 'कुंभ के जरिए हम स्वच्छ कुंभ और पर्यावरण के अनुकूल कार्यक्रम का संदेश देना चाहते हैं. इसके लिए हमने शौचालयों का इंतजाम किया है, जिससे मेले में खुले में शौच न हो. शौचालयों के निर्माण के कारण पूरे राज्य भर में बीमारियां कम हुईहैं. यह गांधी जी के दृष्टिकोण के समर्थन में है. गांधी जी रामराज्य, भारतीय संस्कृति के सुशासन के समर्थक थे."
इससे पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी मंगलवार को प्रयागराज में संगम तट पर डुबकी लगा चुकी है. उन्होंने स्नान के दौरान खींची गई फोटो को ट्विटर पर भी पोस्ट किया था. अमेठी से लोकसभा का चुनाव लड़ चुकीं स्मृति ईरानी ने अमेठी के 20 हजार लोगों को कुंभ मेले में स्नान करवाने का फैसलाकिया है. ये लोग कई ग्रुप्स में कुंभ में स्नान के लिए ले जाए जाएंगे.
हर हर गंगे 🙏
— Smriti Z Irani (@smritiirani)
केंद्रीय मंत्री उमा भारती बुधवार को कुंभ में शामिल होने प्रयागराज पहुंची थीं. जहां उन्होंने स्वच्छता ग्राम का का निरीक्षण किया.
गौरतलब है कि दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक मेले कुंभ की शुरुआत मंगलवार 15 जनवरी को हो चुकी है. के मौके पर के साथ इसका आगाज हुआ और यह 4 मार्च तक चलेगा. इसमें करीब 15 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है. कुंभ 2019 अर्द्ध कुंभ है जो हर छह साल पर होता है. महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल में होता है.
योगी सरकार ने कुंभ मेले के लिए 4236 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. यह साल 2013 के महाकुंभ के बजट का तीन गुना है. यही नहीं, यह अब तक का सबसे महंगा कुंभ है, इतना बजट अभी तक किसी भी कुंभ के लिए आवंटित नहीं हुआ है, चाहे वह अर्द्ध कुंभ हो या पूर्ण कुंभ.