कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के नियमों में बजट में प्रस्तावित नियम के बदलावों पर समीक्षा की जा सकती है. पीएमओ के सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें सुधार के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली से बात की है. उन्होंने कहा कि इस मामले में अच्छे सुझावों को माना जाना चाहिए.
आम बजट की संबंधित घोषणा पर पुनर्विचार
आम बजट में वित्त मंत्री ने को लेकर चले आ रहे नियमों में बदलाव की घोषणा की थी. इसके मुताबिक पीएफ पर टैक्स भी लगाया गया था. इस साल 26 फरवरी को पीएफ की निकासी और इस राशि के वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना में निवेश के नियमों को कड़ा कर दिया गया था.
EPF Tax: Media reports stating "PM appealed to FM to reconsider tax" incorrect, both ministries are working on it already
— ANI (@ANI_news)
कड़े नियमों का हो रहा विरोध
के एक अधिकारी ने कहा कि अब शेयरहोल्डर 54 साल की उम्र पूरी होने के बाद अपने पीएफ की निकासी के लिए दावा नहीं कर सकेंगे. इसके लिए 57 साल की उम्र होने तक उनको इंतजार करना होगा. ईपीएफओ के 5 करोड़ शेयरहोल्डर हैं.
महिला कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
ईपीएफ पर टैक्स लगाए जाने का विरोध करती हुई महिला कांग्रेस ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के घर के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने कहा कि नौकरीपेशा लोगों के लिए पीएफ एक बड़े सहारे की तरह होता है. इस पर दोहरे टैक्स से लोगों के सामने बुढ़ापे में लाचारी का खतरा है.
All India Mahila Congress protest in Delhi demanding
— ANI (@ANI_news)
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का असर
मामले में विरोध होने पर केंद्र सरकार ने पुनर्विचार का भरोसा दिलाया था. वित्त मंत्री ने कहा था कि तमाम सुझावों के बाद मंत्रालय इस कर सकता है. पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को भी इस नरम रुख की वजह बताया जा रहा है.