संसद के मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये सत्र काफी ऐतिहासिक है. इस सत्र में सरकार कई अहम बिल लाने वाली हैं. साथ ही पीएम ने विपक्षी दलों से सकारात्मक रवैए अपनाने और सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप चलाने की अपील की.
पीएम ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, 'मानसून हो या और मानसून सत्र, अगर दोनों ही प्रो एक्टिव हो, तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं. और दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है. इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी प्रोएक्टिव रहे और मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रहे.'
'देश ने हासिल की अनेक सिद्धियां'
पीएम ने कहा, पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं. देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है. चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं. अब हम अंतरिक्ष के क्षेत्र की भी बात कर सकते हैं. पिछले साल मॉनसून सत्र से ठीक पहले, एक भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर थे. दो दिन पहले, भारत के युवाओं के नेतृत्व वाले एक स्टार्ट-अप ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की, जिसे अब तक बहुत कम देश ही हासिल कर पाए हैं.
पीएम ने आगे बोलते हुए कहा कि ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं. उन्होंने भारतीयों में आत्मविश्वास जगाया और दुनिया में भारत का मान बढ़ाया. ये संदेश देता है कि हमारे युवाओं की क्षमताएं और महत्वाकांक्षाएं अंतरिक्ष की तरह ही असीम हैं.
'शोर-शराबे की जरूरत नहीं'
मेरा मानना है कि जहां तर्क, तथ्य होते हैं, वहां शोर-शराबे की कोई जरूरत नहीं होती. अगर आपके तर्क और तथ्य मजबूत हैं तो आवाज ऊंची करने की कोई ज़रूरत नहीं है. मुझे उम्मीद है कि संसद में चर्चाएं तर्क और तथ्यों के आधार पर होंगी. हर आवाज़ को सुने जाने का मौका मिलना चाहिए. संसद की यही भूमिका है.
पीएम ने अपने संबोधन में कहा, 'पिछले दिनों राजस्थान में बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई है. कुछ हफ्ते पहले देश का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट देश को समर्पित किया गया. अभी कुछ दिन पहले ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन देश को समर्पित की गई है. विश्व के बहुत कम देश ऐसे हैं, जिसके पास ये सुविधा है, लेकिन भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन देशवासियों को समर्पित की है, वो सबसे ताकतवर इंजन वाली और सबसे लंबी है.'
संसद ने पेश हो सकते ये विधेयक
जानकारी के अनुसार, मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयक पेश कर सकती है, जिसमें आयकर संशोधन विधेयक, 2026– ये बिल पहले जारी किए गए, जो अध्यादेश की जगह लेगा. सर्वोच्च न्यायालय संशोधन विधेयक, 2026- जजों की संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 किया जाएगा. राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक, 2026- राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को कानूनी संरक्षण मिलेगा. जन्म और मृत्यु का पंजीकरण संशोधन विधेयक, 2026- रजिस्ट्रेशन में देरी पर जुर्माने और नियम को सख्त बनाया जाएगा. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संशोधन विधेयक, 2026- MSME को वित्तीय राहत देने और व्यापार को आसान बनाने के लिए सुधार होंगे. विदेशी अंशदान संशोधन विधेयक, 2026- विदेशी चंदे के इस्तेमाल पर सख्त निगरानी होगी. विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025: UGC, AICTE, NCTE की जगह एक रेगुलेटर अथॉरिटी बनाई जाएगी.
25 दिन चलेगा मॉनसून सत्र
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि संसद का मानसून सत्र, 2026 सोमवार, 20 जुलाई, 2026 से शुरू होगा जो सरकारी कामकाज की आवश्यकतानुसार गुरुवार, 13 अगस्त, 2026 तक चलेगा. 25 दिनों तक चले वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें निर्धारित हैं. इन बैठकों में राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक, बहस चर्चा और कई अहम फैसले होंगे.