बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 2019 में होने वाले आम चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है. इन्हीं तैयारियों के तहत आज लखनऊ और कानपुर मंडल के पार्टी कार्यकर्ताओं का सम्मेलन हुआ. इस सम्मेलन की शुरुआत पार्टी अध्यक्ष मायावती को पीएम बनाने के संकल्प के साथ की गई. इसके साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन पर उत्साह जताया. हालांकि इस सम्मेलन में खुद मायावती शामिल नहीं हुईं.
यह शायद पहला ऐसा मौका था जब लखनऊ के सबसे बड़े ऑडिटोरियम में बिना मायावती के बीएसपी ने अपने की. आज की इस बैठक का जिम्मा नए बनाए गए नेशनल कोऑर्डिनेटर जयवीर सिंह और जयप्रकाश सिंह को दिया गया. सूत्रों के मुताबिक मायावती अपने तमाम कार्यकर्ताओं का फीडबैक इन जोनल कोऑर्डिनेटरों की मीटिंग के माध्यम से ले रही हैं.
माना जा रहा है कि इस सम्मेलन का मकसद पार्टी कार्यकर्ताओं से उनकी राय जानकर लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति तय करना है. इसके साथ ही पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने के काम पर भी फैसला लिया जाएगा.
इस कार्यक्रम की शुरुआत बकायदा दोनों नेशनल कोऑर्डिनेटर को मुकुट पहनाकर की गई. कार्यक्रम की शुरुआत में यह संकल्प हुआ कि मायावती को प्रधानमंत्री बनाना है. हाल ही में एमएलसी बनाए गए ने मंच से बोलते हुए 1993 के गठबंधन की याद दिलाई और 2019 में एक बार फिर से वैसे ही गठबंधन को दोहराने की बात करते हुए मायावती को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने की बात कही.
बता दें कि प्रधानमंत्री की ताबड़तोड़ रैलियों को देखते हुए रविवार को ही मायावती ने इस बात की आशंका जताई थी कि भारतीय जनता पार्टी समय से पहले लोकसभा चुनाव करा सकती है.