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झोटा हत्याकांड: पेरिस से लौटते ही पंजाब CM भगवंत मान ने किया CBI जांच का ऐलान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परविंदर झोटा हत्याकांड में CBI जांच कराने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ मजबूती से खड़ी है और परविंदर के परिवार के साथ है.

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13 अक्टूबर को एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या हुई थी. (Photo: ITG)
13 अक्टूबर को एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या हुई थी. (Photo: ITG)

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेरिस से लौटते ही नशा विरोधी परविंदर झोटा हत्याकांड में CBI जांच कराने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए इसका ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि सरकार परविंदर के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है. परविंदर के परिवार की मांग को मानते हुए CM भगवंत मान ने मामले में CBI जांच के आदेश दिए हैं.

शिरोमणि अकाली दल, बीजेपी समेत विपक्ष की तमाम पार्टियां मामले में CBI जांच की मांग कर रही थी. झोटा के परिवार और मामले में बनाई गई एक्शन कमेटी ने भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखते हुए CBI जांच कराने की मांग की थी. आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात भी करने वाले हैं.

13 अक्टूबर को एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या हुई थी. परिवार ने अभी तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया है. परिवार मामले की CBI जांच कराने की मांग पर अड़ा हुआ था. परिवार चाहता है कि शव का पोस्टमार्टम PGI के डॉक्टरों की टीम से कराया जाए. वहीं मामले में बनी इंसाफ कमेटी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से परविंदर सिंह झोटा को शहीद का दर्जा देने की मांग की. परविंदर की ओर से बनाई गई एंटी ड्रग टास्क फोर्स के सदस्यों की मांग है कि जिस दुकान के पास उनकी हत्या की गई वहां उनकी एक प्रतिमा लगाई जाए.

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सरकार ने बनाई कमेटी

इस मामले में परविंदर झोटा के परिवार और समर्थकों से बातचीत के लिए सरकार ने कल तीन महिला IAS अफसरों की एक कमेटी भी बनाई थी. इसमें कंवलप्रीत कौर बराड़, अपनीत रियात और मानसा की DC नवजोत कौर शामिल हैं. बता दें, बराड़ फरीदकोट रेंज की कमिश्नर हैं जबकि अपनीत रियात पहले मानसा की DC रह चुकी हैं. 

यह भी पढ़ें: परविंदर झोटा के अंतिम संस्कार पर अड़ा पेच, CBI जांच की मांग के बीच सरकार ने बनाई कमेटी

कैसे हुई थी हत्या 

एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को एक फार्मेसी में हुई थी, यहां परविंदर ने दुकान के मालिक से उस व्यक्ति के बारे में पूछा था, जिसने कथित तौर पर उसी सुबह वहां से ड्रग्स खरीदे थे. इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई थी. विवाद के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें झोटा की मौत हो गई. हत्या के बाद दुकान का मालिक मौके से फरार हो गया था, बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया.

झोटा कथित नशा विक्रेताओं से सवाल करते हुए सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाते थे. रिपोर्टों के मुताबिक, घटना से पहले उनका मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार से सामना हुआ था. झोटा उस व्यक्ति पर सिंथेटिक ड्रग्स बेचने का आरोप लगा रहे थे.

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