संसद में मंगलवार को सियासी बहस और राजनीतिक हलचल के बीच एक अलग ही नजारा देखने को मिला. बीजेपी के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने संसद की कैंटीन में सांसदों के लिए खास अमृतसरी दावत का आयोजन किया, जिसमें अमृतसर से मंगाए गए छोले-कुलचे, लस्सी और देसी क्रीम से तैयार फ्रूट क्रीम परोसी गई.
इस दावत की सबसे खास बात यह रही की, यहां सिर्फ किसी एक दल के सांसद नहीं पहुंचे, बल्कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के 120 से ज्यादा सांसदों ने इस अमृतसरी खाने का स्वाद लिया. संसद के भीतर जहां अक्सर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिलती है, वहीं खाने की मेज पर कई दलों के सांसद आज एक साथ नजर आए.
अमृतसर के मशहूर छोले-कुलचे को खास तौर पर इस दावत के लिए मंगाया गया था.संसद की कैंटीन में जब यह खाना परोसा गया तो सांसदों के बीच भी उत्सुकता दिखाई दी.तरुण चुघ की इस पहल का मकसद अमृतसर के पारंपरिक खान-पान को संसद तक पहुंचाना था.
बता दें की अमृतसर अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के साथ-साथ अपने खान-पान के लिए भी देशभर में जाना जाता है. वहां के छोले-कुलचे, लस्सी और पंजाबी व्यंजन शहर की पहचान का हिस्सा हैं.
इस दावत के दौरान सांसदों ने साथ बैठकर खाना खाया और अमृतसर के स्वाद का आनंद लिया.संसद के व्यस्त कार्यक्रम के बीच यह आयोजन कुछ देर के लिए ऐसा माहौल लेकर आया, जहां राजनीतिक पहचान से ज्यादा खाने की मेज पर साथ बैठना नजर आया.
सियासत अलग, स्वाद एक
संसद में इस समय अलग-अलग मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार चर्चा और बहस चल रही है. ऐसे माहौल में कैंटीन में हुई यह दावत अपने आप में अलग तस्वीर लेकर आई. यहां राजनीतिक दलों की सीमाएं कुछ देर के लिए पीछे छूटीं और पंजाब का स्वाद बातचीत का हिस्सा बन गया.
120 से ज्यादा सांसदों की मौजूदगी ने इस आयोजन को खास बना दिया.हालांकि संसद की कैंटीन में होने वाली ऐसी दावतें राजनीतिक गतिविधियों से अलग नहीं मानी जातीं, लेकिन अमृतसरी खाने के बहाने अलग-अलग दलों के सांसदों का एक साथ बैठना जरूर दिलचस्प तस्वीर पेश करता है.