तमिलनाडु सरकार ने भ्रष्टाचार में संलिप्त पुलिसवालों पर बड़ी कार्रवाई की है. TVK सरकार ने रिश्वतखोरी के आरोप में एक हफ्ते के अंदर 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है सरकार के इस सख्त रवैयै से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
पहला मामला तिरुनेलवेली शहर का है. यहां मेलापालयम पुलिस स्टेशन में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सोरना राज रूटीन चेकिंग कर रहे थे. कागजात पूरे नहीं होने पर एक बाइक सवार को रोका गया, लेकिन चालान काटने के बजाय कॉन्स्टेबल ने 1000 रुपये की मांग करते हुए अपना GPay नंबर दे दिया. शिकायत ऊपर तक पहुंची तो तुरंत कार्रवाई हुई और उन्हें ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया गया.
वहीं, दूसरा मामला चेन्नई के नॉर्थ बीच पुलिस स्टेशन का है. यहां सब-इंस्पेक्टर शिवराज और कॉन्स्टेबल विवेक पर गंभीर आरोप लगे हैं. इंटरनल विजिलेंस सेल की जांच में सामने आया कि दोनों ने एक चोरी की बाइक के मालिक से बाइक छोड़ने के बदले GPay के जरिए 10,000 रुपये लिए थे. जांच में आरोप सही मिलने पर अब दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है.
तीसरा मामला माधवरम पुलिस स्टेशन का है, जहां एक सब-इंस्पेक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप था. शुरुआती जांच में विजिलेंस सेल ने आरोप को सही पाया और उन्हें भी सस्पेंड कर दिया गया. हालांकि, सबसे बड़ी कार्रवाई पुझल पुलिस स्टेशन में हुई, जहां सब-इंस्पेक्टर मारिश्वरन को नौकरी से ही निकाल दिया गया. उन पर आरोप था कि 2024 में जब वे अन्ना नगर थाने में थे, तब उन्होंने कई बार रिश्वत मांगी थी. लगातार शिकायतों के बाद जांच हुई और आरोप सही निकले.
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इन सभी मामलों में इंटरनल विजिलेंस सेल ने अहम भूमिका निभाई है. सरकार हेल्पलाइन और सोशल मीडिया पर आ रही शिकायतों पर सीधे नजर रख रही है. अपनी ही पुलिस पर इस तरह खुलेआम एक्शन लेकर सरकार ने लोगों के बीच ये भरोसा जगाने की कोशिश की है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, फिर चाहे वो वर्दी में ही क्यों न हो.