उत्तर प्रदेश के उन छात्रों के लिए राहत की खबर है, जो छात्रवृत्ति और फीस की मदद का इंतजार कर रहे थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में 4.60 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं के लिए ₹148 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह रकम सीधे लाभार्थी छात्रों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. इस दौरान सीएम योगी ने छात्रवृत्ति व्यवस्था में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए 2017 से पहले की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए.
किस वर्ग के कितने छात्रों को मिलेगा लाभ?
इस चरण में पिछड़ा वर्ग के 2,23,615 विद्यार्थियों को ₹60.01 करोड़ दिए जाएंगे. वहीं, अनुसूचित जाति के 1,59,959 विद्यार्थियों को ₹64.54 करोड़ मिलेंगे. इसके अलावा सामान्य वर्ग के 38,084 विद्यार्थियों को ₹11.43 करोड़ और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थियों को ₹12.06 करोड़ की राशि दी जाएगी. इन सभी को मिलाकर लाभ पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 4.60 लाख से ज्यादा है और कुल राशि ₹148 करोड़ से अधिक है.
छात्रों के बैंक खाते में सीधे भेजी जा रही रकम
छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का उद्देश्य विद्यार्थियों की पढ़ाई के खर्च में आर्थिक मदद करना है. शुल्क प्रतिपूर्ति के तहत योग्यता विद्यार्थियों की फीस की भरपाई की जाएगी. सरकार की व्यवस्था के अनुसार रकम सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है. उत्तर प्रदेश के छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति सिस्टम में आधार सत्यापन और बैंक खाते की जांच जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल हैं. सरकारी तकनीकी दस्तावेज के मुताबिक भुगतान के लिए PFMS और आधार आधारित भुगतान प्रणाली को जोड़ा गया है.
2017 से पहले की व्यवस्था पर क्या बोले सीएम योगी?
आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले छात्रवृत्ति व्यवस्था को लेकर कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि पहले विद्यार्थियों को उनके हक का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था और व्यवस्था में गड़बड़ियां थी. उपलब्ध सरकारी आंकड़े 2017-18 के बाद छात्रवृत्ति वितरण की रकम और लाभार्थियों की संख्या बताते हैं, लेकिन इससे पहले की व्यवस्था में स्कॉलरशिप खा ली जाती थी जैसे आरोप को स्वतंत्र रूप से तथ्य के रूप में स्थापित नहीं किया जा सकता.
2025-26 में 65.95 लाख से ज्यादा छात्रों को लाभ
सरकार के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 65.95 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जा रहा है. इस दौरान ₹4,793 करोड़ से ज्यादा की राशि का वितरण बताया गया है. सरकार का कहना है कि छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को ऑटोमेशन से जोड़ने से आवेदन से लेकर भुगतान तक की व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाया गया है. इसका उद्देश्य पात्र विद्यार्थियों तक उनकी छात्रवृत्ति की रकम सीधे और समय पर पहुंचाना है.