कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उनके खिलाफ वीर सावरकर से जुड़े आपराधिक मानहानि का केस शुक्रवार को रद्द कर दिया. यह मामला उत्तर प्रदेश में दर्ज किया गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत और मजिस्ट्रेट के समन आदेश को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि जब सैंक्शन की जरूरत होती है और वह नहीं है, तो मामला वहीं खत्म हो जाता है.
कोर्ट ने कहा कि यूपी सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में सैंक्शन का कोई जिक्र नहीं है. इसे देखते हुए, शिकायत और मजिस्ट्रेट द्वारा पारित आदेश रद्द किए जाते हैं.
जानें क्या है पूरा मामला?
इस विवाद की शुरुआत 2022 में हुई थी. अपनी 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में वीर सावरकर को लेकर बयान दिया था. राहुल गांधी ने उस बयान में सावरकर को 'अंग्रेजों का नौकर' बताते हुए कहा था कि सावरकर अंग्रेजों से पेंशन लेते थे.
वकील नृपेंद्र पांडे ने इसको लेकर निकली अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी. कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ पहली नज़र में आईपीसी 153(A) और 505 के तहत केस मानते हुए राहुल गांधी को समन जारी किया था.
सुप्रीम कोर्ट ने सावरकर के लिए अपमानजनक बयान देने के लिए राहुल गांधी को जमकर फटकार लगाई थी. कोर्ट ने कहा था कि अगर वो इस तरह के बयान देंगे तो उस पर कोर्ट खुद संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू करेगा. कोर्ट ने ये भी कहा था कि गांधी जी भी फिरंगी सरकार को चिट्ठी लिखते वक्त खुद को आपका आज्ञाकारी ही लिखते थे. आपको इतिहास का पता होना चाहिए. आपने महाराष्ट्र की धरती पर ऐसा बयान दिया, जहां के लोग सावरकर को पूजते हैं.