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'छात्रों की सुने झारखंड सरकार, बल प्रयोग गलत...', रांची प्रोटेस्ट पर बोले राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है.

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राहुल गांधी ने रांची स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर बल प्रयोग को लेकर टिप्पणी की है
राहुल गांधी ने रांची स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर बल प्रयोग को लेकर टिप्पणी की है

झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार को आंदोलन के 17वें दिन रांची की सड़कों पर हजारों अभ्यर्थी विधानसभा घेराव के लिए उतरे थे. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की, बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश और वाटर कैनन का इस्तेमाल भी देखने को मिला. छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर आ गई है. वहीं, इस प्रोटेस्ट को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों पर बल प्रयोग गलत है. 

उन्होंने X पर पोस्ट लिखकर कहा कि सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए.

 

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए ही निकाला जाना चाहिए.

बातचीत से निकले समाधान- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, 'झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल का इस्तेमाल गलत है. छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है.' उन्होंने झारखंड सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों की बात सुनने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की अपील की. राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात लगातार सुननी चाहिए और उनके मुद्दों को तुरंत हल करना चाहिए.

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कई दौर की बातचीत के बाद भी नही बनी बात

बता दें कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्र सोमवार को विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे. राज्य सरकार के साथ कई दौर की बातचीत फेल होने के बाद से छात्रों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया था.

हालांकि सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 प्रतिशत मांग मान ली गई है. वही रांची में विधानसभा की ओर मार्च कर रहे छात्रों को पुलिस ने बैरिकेड से रोकने की कोशिश की. लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग लांघकर आगे बढ़ गए. छात्र शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे, लेकिन दोपहर तक आंदोलन और बड़ा हो गया. 

प्रदर्शनकारी छात्रों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल
सोमवार को झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों को वॉटर कैनन का सामना करना पड़ा; उन्होंने एक के बाद एक कई बैरिकेड तोड़े. हाथों में तिरंगा और प्लेकार्ड लिए प्रदर्शनकारी नाचने लगे, जब नए विधानसभा कॉम्प्लेक्स की ओर जाने वाली सड़क पर जगन्नाथपुर मंदिर के पास आखिरी बैरिकेड पर पहुंचने पर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया.

क्या बोले देवेंद्र नाथ महतो?

JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो इस मुद्दे पर नौ दिनों से अनशन पर हैं, 10.5 किलो वज़न घटने के बावजूद एम्बुलेंस में बैठकर मार्च में शामिल हुए. उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर लिए हुए देखा गया. उन्होंने कहा, "हम शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे हैं, और हम सभी से अपील करते हैं कि वे शांति बनाए रखने में हमारी मदद करें. हम उन लाखों छात्रों की आवाज़ उठा रहे हैं जो अपने सपनों और करियर के लिए लड़ रहे हैं... मेरी सेहत बिगड़ रही है."

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हमारे साथ देशद्रोहियों से जैसा हो रहा है बर्ताव

प्रदर्शनकारियों के हाथों में जो प्लेकार्ड थे, उन पर लिखा था "JSSC-CGL परीक्षा रद्द करें या CBI जांच कराएं", "CID, JSSC पर छापा मारने से क्यों बच रही है?" और "निष्पक्ष जांच कराएं, सच सामने लाएं." एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "अगर हम विधानसभा तक नहीं पहुंच सकते, तो हमारी आवाज़ उन तक पहुंचनी चाहिए. हम सरकार से नहीं डरते, जो हमारे साथ देशद्रोहियों जैसा व्यवहार कर रही है. हमें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है.

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