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केरलम में लैंडस्लाइड, गुजरात-महाराष्ट्र में तबाही... देशभर में मॉनसून से हाहाकार, कई राज्यों में अलर्ट

देशभर में मॉनसून की भारी बारिश से तबाही मची है. केरलम के वायनाड में हुए भूस्खलन में तीन लोगों की मौत हो गई. महाराष्ट्र के पालघर और रत्नागिरी में भी भूस्खलन और बाढ़ से जान-माल का नुकसान हुआ है. गुजरात के सूरत में पांच मौतें हुईं हैं, जबकि उत्तर भारत में बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है और मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

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भारत के कई राज्यों में मॉनसून से तबाही मची है. (Photo- Reuters/AFP)
भारत के कई राज्यों में मॉनसून से तबाही मची है. (Photo- Reuters/AFP)

देशभर में मॉनसून कहर बरपा रहा है. एक तरफ कई राज्यों में बारिश से मौसम सुहाना हो गया है, तो वहीं कुछ राज्यों में दर्दनाक हादसे हो गए. केरलम के वायनाड में एक सुरंग परियोजना स्थल पर भूस्खलन हो गया. वहीं, गुजरात और महाराष्ट्र में भी मूसलाधार बारिश ने आफत ढा दी है. 

दूसरी तरफ, दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के दौरान उत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

केरलम के पहाड़ी जिले वायनाड की मेप्पाडी पंचायत में एक बहु-करोड़ रुपये की टनल प्रोजेक्ट चल रही थी. भारी बारिश के कारण खुदाई की गई मिट्टी का एक बहुत बड़ा ढेर अचानक ढह गया. इस भूस्खलन की चपेट में आने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, 10 लोग घायल हो गए और पांच लोग लापता हैं.

केरलम में भूस्खलन से हाहाकार

एक वीडियो क्लिप में देखा गया कि मीनाक्षी पुल के पास जमा मिट्टी का ढेर बारिश में अचानक ढह गया. ये मलबा अपने साथ पेड़ों को उखाड़ता हुआ और टनल निर्माण स्थल के पास लगे लोहे और कपड़े के बैरिकेड्स को बहा ले गया. जिला प्रशासन के मुताबिक, इस आपदा से कुल 18 लोग प्रभावित हुए हैं. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि घटना के वक्त वहां कोई मजदूर नहीं था. मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका वाले लोग इंजीनियर और सुरक्षा कर्मचारी हैं.

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मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि प्रभावित इलाके में बचाव दल भेजे जा रहे हैं. पुलिस के साथ-साथ अग्निशमन और बचाव कर्मियों को पहले ही तैनात किया जा चुका है. इसके अलावा थ्रिशूर में सेना की एक टीम को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर तुरंत मौके पर भेजा जा सकता है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली में मॉनसूनी बारिश के बाद भी फील लाइक टेंपरेंचर 49 डिग्री क्यों?

महाराष्ट्र में भूस्खलन और हादसे: पालघर में अब तक 10 मौतें

मुंबई में दो दिनों की लगातार मूसलाधार बारिश के बाद मंगलवार को थोड़ी राहत मिली. हालांकि, पड़ोसी जिले पालघर में पिछले एक सप्ताह के दौरान बाढ़ से जुड़े हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है.

महाराष्ट्र के तटीय रत्नागिरी में भी भारी बारिश की वजह से सोमवार रात को एक बड़ा भूस्खलन हुआ. खेड तहसील के दहिवली इलाके में मिट्टी धंसने से पांच मकान मलबे में दब गए. अधिकारियों ने बताया कि मलबे से एक 75 साल की बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दो लोगों को बचाने की कोशिश जारी हैं.

पुणे जिले के आलंदी में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए पंढरपुर जा रहे हजारों 'वारकरी' तीर्थयात्रियों को उस रास्ते से यात्रा न करने की सलाह दी गई है. मुंबई के अंधेरी इलाके में पिछले 24 घंटों के दौरान तेज हवा और भारी बारिश के कारण एक बगीचे में सीमेंट की चादरें गिर गईं. 

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इस हादसे में दो नाबालिग लड़कों की डूबने से मौत हो गई और दो महिलाएं घायल हो गईं. वहीं, पूरे मुंबई शहर में पेड़ और शाखाएं गिरने की 428 घटनाएं, दीवार और मकान गिरने की 28 शिकायतें दर्ज की गईं.

सूरत में 5 की मौत, 2100 लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश रिकॉर्ड की गई. इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित सूरत जिला रहा, जहां पिछले दो दिनों में बारिश के वजह से हुए हादसों में पांच लोगों की जान चली गई. सूरत नगर निगम के कमिश्नर एम नागराजन ने बताया कि प्रभावित इलाकों से करीब 2,100 लोगों को सुरक्षित स्थानों और आश्रय गृहों में पहुंचाया गया है.

जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के एक अधिकारी ने मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि सूरत के रैंडर इलाके में सोमवार को करंट लगने से दो लोगों की मौत हुई थी. मंगलवार को भी करंट लगने से दो और लोगों की जान गई, जबकि एक व्यक्ति की मौत कामरेज इलाके में हुई. मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण गुजरात के सूरत, वलसाड, दादरा और नगर हवेली जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई है.

अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन का नया दौर

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पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की वजह से अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं. मॉनसून सीजन में अब तक राज्य के 26 जिलों में 94,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में चांगलांग में भारी बारिश और बाढ़ देखी गई. 

इसके अलावा ऊपरी सुबनसिरी में बाढ़ की दो और भूस्खलन की तीन घटनाएं दर्ज की गईं. वहीं ऊपरी सियांग में पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड 16 स्थानों पर भूस्खलन हुआ. पूर्वी कामेंग से भी लगातार बारिश के कारण चट्टानें गिरने की खबर है. हाल ही में आई बाढ़ की लहर में चार लोगों की मौत हुई है, 21 घायल हुए हैं और दो महिलाएं लापता हैं. राज्य के 26 जिलों के 333 गांवों में 94,201 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा प्रभावित जिला ऊपरी सियांग है.

उत्तर भारत को उमस से राहत, दिल्ली और गुरुग्राम में जलभराव

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है. दिल्ली के नजफगढ़ में दोपहर 2:30 बजे तक 76 मिमी बारिश दर्ज की गई. इस बारिश से दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव हो गया और पेड़ गिर गए. इससे पहले दिल्ली में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जिससे सुबह के समय भारी उमस थी.

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उत्तर प्रदेश में भी मॉनसून की बौछारों ने राहत दी है. राज्य के बांदा में सबसे ज्यादा 61.4 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा मेरठ में 68.2 मिमी, वाराणसी बीएचयू में 32.2 मिमी, शाहजहांपुर में 24 मिमी और मुज़फ्फरनगर में 20.8 मिमी बारिश हुई.

हरियाणा के गुरुग्राम में 80 मिमी भारी बारिश दर्ज की गई. जिसकी वजह से दिल्ली-जयपुर हाईवे पर नरसिंहपुर के पास मुख्य सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे हाईवे की दो लेन बंद करनी पड़ीं. गुरुग्राम की सिविल लाइन रोड भी अचानक धंस गई, जिससे वहां खड़ी दो कारों के टायर उसमें फंस गए. पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में भी गरज-चमक के साथ बारिश हुई.

हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में अलर्ट, राजस्थान अब भी गर्म

हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी है. शिमला मौसम केंद्र ने 13 जुलाई तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है. हिमाचल के लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि भारी बारिश से निपटने और सड़कों को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरे राज्य में 11,137 बेलदार और 4,228 मल्टी-टास्क वर्कर तैनात किए गए हैं.

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जम्मू-कश्मीर के मौसम केंद्र ने अगले 24 घंटों के दौरान व्यापक बारिश और गरज-चमक का अनुमान जताया है. चिनाब घाटी और पीर पंजाल श्रेणी के संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी दी गई है. दूसरी ओर, राजस्थान में मौसम शुष्क और गर्म बना हुआ है. राज्य का श्रीगंगानगर 42.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, इसके बाद बीकानेर में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

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