अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य है (State of India). इसका गठन तत्कालीन नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (एनईएफए) क्षेत्र से किया गया था. 20 फरवरी 1987 को इसे एक राज्य बनाया गया (Formation of Arunachal Pradesh). यह दक्षिण में असम और नागालैंड राज्यों की सीमा बनाता है. यह पश्चिम में भूटान, पूर्व में म्यांमार और उत्तर में मैकमोहन लाइन पर चीन के साथ सीमा साझा करता है. रुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर है. यह क्षेत्रफल के हिसाब से पूर्वोत्तर भारत के सेवन सिस्टर स्टेट्स में सबसे बड़ा है. अरुणाचल प्रदेश चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के साथ 1,129 किलोमीटर की सीमा साझा करता है (Arunachal Pradesh Geographical Location).
भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश की जनसंख्या 1,382,611 है (Arunachal Pradesh Population) और इसका क्षेत्रफल 83,743 वर्ग किलोमीटर है (Arunachal Pradesh Area). यह एक जातीय रूप से विविध राज्य है, जिसमें मुख्य रूप से पश्चिम में मोनपा लोग, केंद्र में तानी, पूर्व में मिश्मी और ताई और राज्य के दक्षिण-पूर्व में नागा लोग हैं. राज्य में लगभग 26 प्रमुख जनजातियां और 100 उप-जनजातियां रहती हैं. राज्य की मुख्य जनजातियां आदि, निशी, सिंगफ़ो, गालो, तागिन, अपतानी और आगे हैं. मिश्मी जनजाति की तीन उप-जातियां हैं- इडु-मिश्मी, दिगारू-मिश्मी और मिजू-मिश्मी (Arunachal Pradesh Tribes).
2011 की जनगणना के अनुसार राज्य में 20.74% न्यिशी, आदि 17.35%, नेपाली 6.89%, तागिन 4.54%, भोटिया 4.51%, वांचो 4.23%, असमिया 3.9%, बांग्ला 3.65% और हिंदी 3.45% भाषा बोली जाती है (Arunachal Pradesh Languages).
अरुणाचल प्रदेश में दो डिवीजन शामिल हैं (Arunachal Pradesh Divisions), पूर्व और पश्चिम. प्रत्येक का नेतृत्व एक डिवीजनल कमिश्नर करता है. राज्य में 26 जिले हैं (Arunachal Pradesh Districts), जिनमें से प्रत्येक का प्रशासन एक डिप्टी कमिश्नर द्वारा किया जाता है.
अरुणाचल प्रदेश में स्तनधारियों और पक्षियों की सबसे अधिक विविधता है. राज्य में पक्षियों की लगभग 750 प्रजातियां और स्तनधारियों की 200 से अधिक प्रजातियां हैं. पहाड़ी ढलानों और पहाड़ियों को अल्पाइन, समशीतोष्ण, और बौना रोडोडेंड्रोन, ओक, पाइन, मेपल और फ़िर के जंगलों से ढका हुआ है. राज्य में मौलिंग और नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान हैं. (Arunachal Pradesh Flora) यहां प्रमुख पशु प्रजातियां बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, एशियाई हाथी, सांभर हिरण, चीतल हिरण, बार्किंग हिरण, सुस्ती भालू, मिथुन (बोस फ्रंटलिस), गौर, ढोले, विशालकाय गिलहरी, मार्बल बिल्ली और तेंदुआ बिल्ली पाए जाते हैं (Arunachal Pradesh Fauna).
देश में मॉनसून सक्रिय बना हुआ है. समुद्र तल पर मॉनसून ट्रफ जम्मू, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बक्सर से होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तर ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट के पास बने निम्न दबाव क्षेत्र तक पहुंच रही है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों में पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं.
अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति गंभीर हो गई है. राज्य के 28 में से 26 जिले प्रभावित हैं और 1.03 लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं. अब तक 7 लोगों की मौत और 29 लोग घायल हुए हैं. 622 मकान, कई सड़कें, पुल, स्कूल और सिंचाई परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं. खेती की 561.75 हेक्टेयर भूमि को नुकसान पहुंचा है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते कई इलाकों में हालात काफी खराब हो गए है. कमुेय नदी का जल स्तऱ बढ़ जाने के बाद कई इलाकों में बाढ़ से हालात हो गए है.. इलाके की कई कॉलोनियों और गांवों की सड़कें पूरी तरह जलमग्न हैं. भूस्खलन और कटाव ने सड़कों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है.
अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को और गंभीर बना दिया है. कई रिहायशी कॉलोनियां पानी में डूब गई हैं और कई इलाकों में सड़कें नदी जैसी दिखाई दे रही हैं. भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. राज्य में करीब 97 हजार लोग बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने से संपर्क टूट गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिग पीड़ित की शिकायत को पूरी तरह भरोसेमंद माना है. अदालत ने जानकारी पाने वाले व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी तय की है कि वो तुरंत पुलिस को सूचना दे. कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के एक मामले में फैसला सुनाते हुए ये निर्देश दिया है.
देशभर में मॉनसून की भारी बारिश से तबाही मची है. केरलम के वायनाड में हुए भूस्खलन में तीन लोगों की मौत हो गई. महाराष्ट्र के पालघर और रत्नागिरी में भी भूस्खलन और बाढ़ से जान-माल का नुकसान हुआ है. गुजरात के सूरत में पांच मौतें हुईं हैं, जबकि उत्तर भारत में बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है और मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
सोशल मीडिया पर दो वीडियो अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की 60 किलोमीटर तक घुसपैठ का दावा करते हुए वायरल हो रहे हैं. हालांकि, फैक्ट चेक में यह दावा भ्रामक निकला. जांच में पता चला कि पहला वीडियो मणिपुर के कांगपोकपी में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़प का है, जबकि दूसरा वीडियो जम्मू-कश्मीर के बालटाल में अमरनाथ यात्रा के दौरान जुटी भीड़ का है.
अगर इस गर्मी भीड़ से दूर किसी अनोखी जगह घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो अरुणाचल प्रदेश के पास ब्रह्मपुत्र नदी की गहरी घाटी आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है. बर्फीले पहाड़, घने जंगल और रोमांच से भरपूर यह जगह हर नेचर लवर का सपना है.
अरुणाचल प्रदेश की नाह वेलफेयर सोसायटी ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल दखल देने की अपील की, ताकि सीमावर्ती क्षेत्र में चीन की गतिविधियों को रोका जा सके. संस्था का कहना है कि इन इलाकों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है.
बाढ़ से बिगड़े हालात के चलते प. बंगाल, अरूणाचल प्रदेश और असम के कई हिस्सों में संकट गहराया है. बंगाल में भारी बारिश से स्थिति गंभीर हुई है. तो अरूणाचल में मूसलाधार बारिश और फ्लैड फ्लड से बड़ी तबाही हुई है. वही असम के धीमाजी में कई गांवों में पानी भरने से मुसीबत बढ़ी है.
अरुणाचल प्रदेश में मानसून की बारिश के बाद नदिया उफान पर हैं. डंबुक इलाके में नदी में आए उफान में फंसे चार लोगों को निकालने गए 7 लोगों की रेस्क्यू टीम की नाव पलट गई जिसके बाद उनकी जान भी आफत में फंस गई. अब उन्हें निकालने के लिए एनडीआरएफ और राज्य पुलिस की टीम कोशिश में जुटी हुई है.
अरुणाचल प्रदेश में इन दिनों कुदरत का कहर बरप रहा है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद राज्य के कई हिस्सों में अचानक आई बाढ़ और भीषण भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. जानकारी के अनुसार राज्य के करीब 9 जिले इस समय बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. सड़कों के टूटने और पुलों के दरकने से कई इलाकों का संपर्क कट गया है.
अरुणाचल प्रदेश में तबाही की भयानक तस्वीरें सामने आई हैं. सिजी ब्लॉक पॉइंट पर जबरदस्त भूस्खलन हुआ है. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि जलधारा किस तरह सब कुछ बहा ले जाने पर उतारू है. देखें.
Beautiful places to Travel in July: अगर आप जुलाई में घूमने का प्लान बना रहे हैं लेकिन बारिश से भी डर रहे हैं तो घबराएं नहीं. भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां इस दौरान बहुत कम बारिश होती है. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे डेस्टिनेशन्स के बारे में बताएंगे, जहां आप सुहावने मौसम, खूबसूरत नजारों और शानदार प्राकृतिक सुंदरता का भरपूर आनंद ले सकते हैं.
North East Best Waterfalls:अगर आप गर्मियों में किसी ठंडी और सुकून भरी जगह की तलाश में हैं तो नॉर्थ ईस्ट आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. यहां के खूबसूरत झरने, हरी-भरी वादियां और प्राकृतिक नजारे आपकी ट्रिप को यादगार बना देंगे.
अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट कामेंग जिले में शुक्रवार को भारतीय सेना का एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया. नेशनल हाईवे-13 पर सड़क से फिसलकर ट्रक गहरी ढलान में जा गिरा. हादसे में एक जवान की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए. SSB की रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया.
अरुणाचल प्रदेश में महज तीन घंटे की तेज बारिश ने भारी तबाही मचा दी। लोअर सुबनसिरी और केई पन्योर जिलों में अचानक आई बाढ़ ने कई गांवों को जलमग्न कर दिया, घरों और खेती-बाड़ी को नुकसान पहुंचाया और अहम सड़क-पुल भी बह गए।
अरुणाचल प्रदेश से तबाही की तस्वीरें सामने आई है. भारी बारिश की वजह से NH-13 होज-पोटिन रोड पर भूस्खलन हुआ है सड़क पूरी तरह से बंद हो गई और ईटानगर से जीरो जा रहे यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए.
Heavy rain triggers landslides, flash floods in Arunachal: अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचाई है. राज्य के केयी पानयोर (Keyi Panyor) इलाके में बाढ़-भूस्खलन की भयावह तस्वीरें सामने आई हैं. जिसमें सड़कों पर बाढ़ का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है.
Most Beautiful Villages in India: भारत की असली खूबसूरती सिर्फ बड़े शहरों और मशहूर पर्यटन स्थलों में नहीं, बल्कि उसके गांवों में भी बसती है. अगर आप भीड़-भाड़ और भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून के कुछ यादगार पल बिताना चाहते हैं तो भारत के ये खूबसूरत गांव आपके लिए बेस्ट साबित हो सकते हैं.
चीन ने तिब्बत में यारलुंग त्सांगपो नदी पर दुनिया के सबसे बड़े बांध का निर्माण शुरू कर दिया है, जो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश और असम के जल संसाधनों और पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित कर सकता है.