वायनाड (Wayanad) केरल राज्य का एक जिला है (District of Kerala). यह उत्तर-पूर्व में स्थित है. जिले का प्रशासनिक मुख्यालय कलपेट्टा नगर पालिका में है (Wayanad Administrative Headquarter). यह केरल का एकमात्र पठार है. इस जिले का गठन 1 नवंबर 1980 को कोझिकोड और कन्नूर जिलों से अलग करके, केरल के 12वें जिले के रूप में किया गया था. जिले का 885.92 वर्ग किमी क्षेत्र जंगल से आच्छादित है (Wayanad Area).
वायनाड में तीन नगरपालिका शहर हैं- कलपेट्टा, मननथावाडी और सुल्तान बाथेरी. इस क्षेत्र में कई मूल जनजातियां रहती हैं. काबिनी नदी, कावेरी नदी की एक सहायक नदी है, जिसका उद्गम वायनाड से होता है (Wayanad River).
वायनाड जिले की अनुमानित जनसंख्या 8,46,637 है. जिले का जनसंख्या घनत्व 397 निवासी प्रति वर्ग किलोमीटर है (Wayanad Population). यहां की प्रमुख भाषा मलयालम (Malayalam) है.
जिले में 3 विधानसभा क्षेत्र है (Wayanad Constituency).
वायनाड एक दार्शनिक जिला है. वायनाड की जिला पर्यटन संवर्धन परिषद (डीटीपीसी), जिले में पर्यटन संबंधी देख रेख करती है. डीटीपीसी केरल सरकार के पर्यटन विभाग के तहत कार्य करती है (Wayanad Tourism).
Best Places to Visit in Monsoon: अगर आप मानसून में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो साउथ इंडिया आपके लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन हो सकता है. यहां की कई जगहें बारिश के मौसम में और भी ज्यादा खूबसूरत हो जाती हैं. आज हम आपको साउथ इंडिया की ऐसी ही कुछ शानदार जगहों के बारे में बताएंगे, जहां मानसून के दौरान घूमने का मजा कई गुना बढ़ जाता है.
केरल के वायनाड में 2024 के विनाशकारी भूस्खलन के दो साल बाद भी प्रभावित परिवार पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं. 2026 में हुए नए भूस्खलन ने पुराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया है. पुनर्वास कार्य धीमा है और कई परिवार अभी भी अस्थायी आवास में हैं.
केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन ने कई जिंदगियां छीन लीं और कई लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया. इस आपदा से बचकर निकले एक दंपति ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे वे खतरे के बीच से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, जिससे घटना की भयावहता सामने आती है.
केरलम के वायनाड में भूस्खलन के हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है. इस आपदा में कपल पलराज और कूडम्माल बाल-बाल बच गए थे. उन्होंने इसे 'चमत्कार' बताया है. कपल ने बताया कि वो बस स्टेशन पर खड़े थे जब मलबा धीरे-धीरे शुरू होकर अचानक तेज हो गया. इसके बाद उन्होंने मदद के लिए चिल्लाते हुए भागकर अपनी जान बचाई.
जुलाई की शुरुआत में मॉनसून ने जोरदार वापसी की है. राहत वाली यह बारिश अब कई राज्यों में बाढ़, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ा रही है.
केरलम के वायनाड में हुए लैंडस्लाइड हादसे में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. साथ ही कई और लोगों की दबे होने की आशंका है. मौके पर राहत और बचाव काम जारी है. इस हादसे का VIDEO सामने आया है. इसमें दिख रहा है कि तेज बारिश के चलते लैंड स्लाइड हुई और अचानक पूरा मलबा तेजी से बहने लगा. लोग मलबे से बचकर भागते दिखे. दर्जनों चपेट में आ गए, गाड़ियां बह गईं.
वायनाड में 2024 और 2026 के भयानक लैंडस्लाइड्स ने सैकड़ों जिंदगियां छीन लीं. भारी बारिश तो ट्रिगर थी, लेकिन जंगल कटाई, अनियोजित निर्माण, पहाड़ी की खुदाई और जलवायु परिवर्तन जैसी इंसानी गलतियां इन आपदाओं को घातक बना रही हैं.
देशभर में मॉनसून की भारी बारिश से तबाही मची है. केरलम के वायनाड में हुए भूस्खलन में तीन लोगों की मौत हो गई. महाराष्ट्र के पालघर और रत्नागिरी में भी भूस्खलन और बाढ़ से जान-माल का नुकसान हुआ है. गुजरात के सूरत में पांच मौतें हुईं हैं, जबकि उत्तर भारत में बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है और मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
केरल के वायनाड के कल्लाडी में हुए भूस्खलन को राज्य सरकार ने "मानव निर्मित" आपदा बताया है. मंत्रियों का कहना है कि टनल निर्माण से निकली मिट्टी को वैज्ञानिक तरीके से नहीं हटाने के कारण भारी बारिश में हादसा हुआ. घटना में एक व्यक्ति की मौत, सात लोग घायल और सात लापता हैं. सरकार ने निर्माण कंपनी की भूमिका की जांच शुरू कर दी है, जबकि एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं.
केरल के वायनाड क्षेत्र में भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटना ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है. कई लोगों के हताहत होने की खबर है, जबकि राहत और बचाव टीमें लगातार काम कर रही हैं. प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद में जुटा है और हालात पर नजर बनाए हुए है.
मॉनसून तो अब पूरे हिंदुस्तान में आ चुका है और इसके साथ ही पूरे देश में मुसीबत भी मूसलाधार हो गई है... महाराष्ट्र, गुजरात, और तटीय राज्यों में लगातार बारिश हो रही है... आज केरल के वायनाड में एक बड़ा हादसा हो गया.. हादसे से ज्यादा भयावह इसकी तस्वीरें हैं.. यहां बारिश की वजह से लैंडस्लाइड हुआ. देखें विशेष.
केरल के वायनाड में भारी बारिश के दौरान कंस्ट्रक्शन साइट पर भूस्खलन हुआ, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई और 8 घायल हो गए. राहत और बचाव कार्य जारी है, प्रभावितों को चुलिक्का सरकारी एलपी स्कूल में राहत शिविर में रखा गया है.
वायनाड में 265 मिमी भारी बारिश के बाद कल्लाडी सुरंग परियोजना पर भीषण भूस्खलन हुआ है. इसे 'ग्रे राइनो' लैंडस्लाइड कहा जाता है. यानी इकोलॉजिकली सेंसटिव क्षेत्र में बेहिसाब निर्माण, जंगलों की कटाई और मलबे के अवैज्ञानिक डंपिंग के कारण यह आपदा आई है.
केरलम के वायनाड में मंगलवार दोपहर तेज बारिश के चलते लैंडस्लाइड हुआ. हादसे में 2 की मौत हो गई, 8 लोग घायल हुए हैं. कई लोगों के फंसे होने की सूचना है. हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ. यहां मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है. टनल से मिट्टी निकालकर बाहर जमा की गई थी. बारिश के चलते मिट्टी खिसक गई, जिससे पेड़ उखड़ गए और बैरिकेड भी बह गए.
केरल के वायनाड जिले में भारी बारिश के चलते भयंकर लैंडस्लाइड हुआ जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई. मिट्टी के तेज बहाव ने सड़क पर मौजूद गाड़ियों और लोगों को अपनी चपेट में ले लिया.
केरल में वायनाड में भारी बारिश से भारी तबाही मची है. केरल के वायनाड में एक सड़क निर्माण परियोजना के पास लैंडस्लाइड से भारी नुकसान हुआ है. लैंडस्लाइड के बाद काफी दूर तक मलबा फैल गया. इस हादसे का एक और ताजा ताजा वीडियों सामने आया है जहां मलबे के बहाव ने एक ट्रक को बहा लिया.
केरल के वायनाड में भारी बारिश के दौरान कंस्ट्रक्शन साइट पर भूस्खलन हुआ, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई और 8 घायल हो गए. राहत और बचाव कार्य जारी है, प्रभावितों को चुलिक्का सरकारी एलपी स्कूल में राहत शिविर में रखा गया है.
केरल के वायनाड में टनल प्रोजेक्ट के पास भूस्खलन से सात लोगों के फंसे होने की आशंका है. मंत्री ने इसे मानवजनित हादसा बताते हुए लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है.
अगर आप भी घूमने के शौकीन हैं, लेकिन दोस्तों की वजह से बार-बार आपका प्लान कैंसिल हो रहा है तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. भारत की 5 ऐसी शानदार जगहें हैं, जहां आप अकेले ही जा सकते हैं और आपको काफी मजा भी आएगा. आइए आपको सोलो ट्रैवलर्स के लिए बेस्ट डिस्टिनेशन के बारे में डिटेल में बताते है.
केरल के वायनाड में हाथी के हमले में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना मेप्पडी इलाके में उस वक्त हुई जब दंपति स्कूटर से जा रहे थे. लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं.
4 जून को सभी चुनाव नतीजे एक साथ आए थे, और केरलम के अलावा हर जगह सरकार बन चुकी है. केरलम में मुख्यमंत्री बनाने के लिए कांग्रेस आलाकमान बैठकें और बातचीत लगातार कर रहा है. जयराम रमेश कह रहे हैं कि सीएम के नाम की घोषणा कल यानी गुरुवार को कर दी जाएगी.