कर्नाटक में 19 मंत्रियों को अब तक विभाग नहीं मिला है. 3 अगस्त को शपथ लेने वाले ये मंत्री अभी तक अपने मंत्रालय का औपचारिक कार्यभार नहीं संभाल पाए हैं. इस बीच 13 अगस्त से कर्नाटक विधानसभा सत्र शुरू होना है. ऐसे में सरकार के सामने समय बहुत कम बचा है और विभागों के बंटवारे को लेकर उलझन बढ़ गई है.
यह इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि सत्र शुरू होने में सिर्फ 48 घंटे बचे हैं, लेकिन 19 नए मंत्रियों में से किसी को भी अब तक कोई विभाग नहीं सौंपा गया है. विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर मंत्रियों से सवाल-जवाब के दौरान अपने विभागों से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने की उम्मीद रहेगी. ऐसे में यह देरी अब सरकार के कामकाज और सदन की तैयारी, दोनों से जुड़ा बड़ा सवाल बन गई है.
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शपथ लेने के बाद विभाग का इंतजार कर रहे मंत्री
जिन मंत्रियों ने शपथ ली, वे अब भी इस इंतजार में हैं कि उन्हें कौन सा विभाग मिलेगा. सत्र से ठीक पहले यह स्थिति सरकार के लिए असहज मानी जा रही है, क्योंकि नए मंत्रियों को यह भी पता नहीं है कि सदन में उन्हें किन मसलों पर जवाब देना होगा. विभाग तय नहीं होने से प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है.
डीके शिवकुमार दो बार कर चुके दिल्ली की यात्रा
कैबिनेट विस्तार के बाद एक और बात चर्चा में है. सरकार में इस समय एक भी महिला मंत्री नहीं है. इससे विभागों के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान का सियासी पहलू भी जुड़ गया है. दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इस मसले पर बात करने के लिए 2 बार दिल्ली जा चुके हैं. वहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल से विभागों के बंटवारे पर चर्चा की. इसके बावजूद अब तक कोई आखिरी फार्मूला सामने नहीं आया है.
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मुख्यमंत्री जल्द करेंगे विभागों का बंटवारा
बेंगलुरु में मंत्री संतोष लाड ने विभागों के बंटवारे पर कहा कि आज शाम मुख्यमंत्री विभाग बांटेंगे. जो भी विभाग मिलेगा, हम काम करेंगे. फिलहाल नजर इस बात पर है कि 13 अगस्त से पहले विभागों का बंटवारा हो पाता है या नहीं. क्योंकि सत्र सिर पर है और नए मंत्रियों को न सिर्फ सदन में जवाब देना है, बल्कि अपने-अपने विभागों का काम भी संभालना है. (द्वारकानाथ की रिपोर्ट)