डीके शिवकुमार (DK Shivkumar) कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने 3 जून 2026 को शपथ ली. पूर्व सीएम सिद्धारमैया का पद से इस्तीफे का ऐलान करने के बाद डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव किया गया था. वे कर्नाटक के 9वें उप मुख्यमंत्री भी रहे हैं.
डीके शिवकुमार कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के पूर्व अध्यक्ष हैं. वह कनकपुरा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं. साथ ही एचडी कुमारस्वामी के मंत्रिमंडल में सिंचाई मंत्री रह चुके हैं. पहले उन्होंने सिद्धारमैया सरकार के तहत कर्नाटक सरकार में ऊर्जा मंत्री के रूप में कार्य किया था.
वे 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए सिद्धारमैया के साथ चुनाव प्रचार में शामिल थें. चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 135 सीट पर जीत हासिल की (Karnataka Assembly Election 2023).
15 मई 1962 को कर्नाटक में जन्में (DK Shivkumar Born) शिवकुमार ने 1980 के दशक की शुरुआत में एक छात्र नेता के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और धीरे-धीरे कांग्रेस पार्टी के रैंकों के माध्यम से आगे बढ़ते रहें. उन्होंने अपना पहला चुनाव 1989 में जीता और मैसूरु जिले के सथानूर निर्वाचन क्षेत्र से कर्नाटक विधानसभा के लिए चुने गए (DK Shivkumar Debut in Politics).
शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. उनका एक छोटा भाई डीके सुरेश है. वो भी एक राजनेता है (DK Shivkumar Brother).
शिवकुमार ने 1993 में उषा से शादी की (DK Shivkumar Wife) और उनके तीन बच्चे हैं. दो बेटियां, ऐश्वर्या और आभरण और एक बेटा आकाश है. उनकी सबसे बड़ी बेटी की शादी कैफे कॉफी डे के संस्थापक वी जी सिद्धार्थ के बेटे अमर्त्य से हुई है (DK Shivkumar Children).
झारखंड में राज्यसभा तो कर्नाटक में एमएलसी चुनाव के लिए मतदान हो गया है. राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और बीजेपी के विधायक एकजुट होकर विधानसभा पहुंचे.
कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने भाजपा और जेडीएस गठबंधन के भीतर एक बड़ा सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा सात में से पांच सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद, भाजपा ने अपनी ही पार्टी के उन विधायकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का संकल्प लिया है जिन्होंने क्रॉस वोटिंग की है.
झारखंड राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने क्रॉस वोटिंग के जरिए कांग्रेस को मात दिया तो कर्नाटक में बीजेपी के साथ खेला हो गया. कर्नाटक एमएलसी चुनाव में बीजेपी और जेडीएस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के चलते कांग्रेस पांच सीटें जीतने में सफल रही, जो सीधे तौर पर जेडीएस को झटका लगा है, लेकिन उसकी आंच में बीजेपी भी झुलस गई है.
कर्नाटक में डीके शिवकुमार की अगुवाई में सरकार गठन के बाद से ही विभाग बंटवारे को लेकर मंत्रियों की नाराजगी देखने को मिल रही है. नाराज मंत्रियों की लिस्ट में कृष्णा बायरे गौड़ा का नाम भी जुड़ गया है.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने निर्वाचन क्षेत्र कनकपुरा का पहला दौरा मेट्रो ट्रेन से किया. उन्होंने इस यात्रा के दौरान आम नागरिकों के साथ बातचीत की. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये कदम पर्यावरण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे को स्वीकार करने से साफ इनकार किया है. सीएम शिवकुमार ने रामलिंगा रेड्डी अपना दोस्त बताया.
सियासत में कदम रखते ही राहुल गांधी ने 2004 में युवाओं को आगे लाने की मुहिम शुरू की थी. उस वक्त जब वे बदलाव करना चाहते थे, तो पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के पास जाकर अपना वीटो लगवा दिया करते थे, लेकिन मल्लिकार्जुन खड़गे के अध्यक्ष बनने और राहुल गांधी के 'नेता प्रतिपक्ष' के बाद हालात बदले तो कांग्रेस भी बदलने लगी है.
कांग्रेस में संगठन और नेतृत्व स्तर पर पीढ़ीगत बदलाव के संकेत दिख रहे हैं. राज्यसभा टिकटों से लेकर राज्यों के नेतृत्व तक, नई पीढ़ी के नेताओं को जिम्मेदारी मिलने को राहुल गांधी की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. इन बदलावों को कांग्रेस की 2029 की राजनीतिक तैयारी और नेतृत्व के नए ढांचे के रूप में भी देखा जा रहा है
कर्नाटक में नई सरकार के गठन और विभागों के बंटवारे के तुरंत बाद कांग्रेस के भीतर का आंतरिक असंतोष एक बड़े राजनीतिक संकट में बदल गया है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.
Karnataka Cabinet Portfolio Allocation: कर्नाटक की डीके शिवकुमार कैबिनेट विस्तार में सबसे चौंकाने वाला और बड़ा फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे को लेकर है, जिन्हें राज्य का नया गृह मंत्री बनाया गया है.
कर्नाटक में सत्ता नेतृत्व का परिवर्तन कर कांग्रेस ने नई जाति केमिस्ट्री बनाने की कोशिश की है. वोक्कालिगा समाज से डीके शिवकुमार को सीएम बनाया तो दलित समुदाय से जी परमेश्वर को डिप्टी सीएम की कुर्सी सौंपी है. सियासी बैलेंस बनाए रखने के लिए ओबीसी समुदाय से आने वाले बीके हरिप्रसाद को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है.
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को अपने पद की शपथ लेने के तुरंत बाद राज्य की जनता के लिए कल्याणकारी योजनाओं की झड़ी लगा दी है. उन्होंने कैबिनेट की पहली ही बैठक में छात्रों, युवाओं और किसानों के हित में पांच महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं.
कर्नाटक कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए बीके हरिप्रसाद को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. इससे पहले ये जिम्मेदारी डीके शिवकुमार संभाल रहे थे.
डीके शिवकुमार के कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनते ही उनके दफ्तर में वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की नई तैनाती की है. तुषार गिरी नाथ को अतिरिक्त मुख्य सचिव और नगर विकास विभाग का समवर्ती प्रभार दिया गया है. वहीं, राजेंद्र चोलन को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है.
कर्नाटक मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद डीके शिवकुमार ने कैबिनेट की पहली बैठक की है. इसके बाद उन्होंने कहा कि सत्ता का ट्रांसफर बेहद आसानी से हुआ है. छात्रों के लिए मुफ्त बस पास, 56 हजार सरकारी नौकरियां और सामूहिक नेतृत्व के बड़े फैसलों के साथ 'डीके युग' की शुरुआत हो चुकी है.
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पदभार संभालने के बाद अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत दिया है. पहली कैबिनेट बैठक में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया. सरकार ने छात्र हित और रोजगार सृजन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही है. नई सरकार शिक्षा, रोजगार और विकास को केंद्र में रखकर काम करने का संदेश देती नजर आ रही है.
हम आपको सीधे लिए चलते हैं बेंगलुरु, जहां कर्नाटक की राजनीति का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक अध्याय लिखा जा रहा है. कर्नाटक के नए 'कप्तान' के रूप में डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. मंच सज चुका है, बेंगलुरु का ग्लास हाउस इस ऐतिहासिक पल का गवाह बन रहा है. कांग्रेस आलाकमान के दोनों सबसे बड़े चेहरे राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे खुद इस भव्य समारोह में हिस्सा ले रहे हैं.
कांग्रेस नेता डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. कांग्रेस नेतृत्व की मौजूदगी में हुए भव्य समारोह में 13 मंत्रियों ने भी उनके साथ शपथ ग्रहण की. शिवकुमार ने सिद्धारमैया की जगह ली है, जिन्होंने 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था.
सिद्धारमैया को दिल्ली शिफ्ट करने की कोशिश भी बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा जैसी ही लगती है. जब क्षेत्रीय जनाधार वाले नेता राष्ट्रीय ढांचे में जगह पाते हैं, तब यह देखना महत्वपूर्ण हो जाता है कि वास्तविक निर्णय प्रक्रिया में कितना महत्व मिलता है - कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर यही देखने को मिल रहा है.
कर्नाटक के नए 'कप्तान' के रूप में डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. मंच सज चुका है, बेंगलुरु का ग्लास हाउस इस ऐतिहासिक पल का गवाह बन रहा है. कांग्रेस आलाकमान के दोनों सबसे बड़े चेहरे राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी इस भव्य समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे हैं.
Karnataka CM Swearing-In LIVE Updates: डीके शिवकुमार की एक लंबा सियासी सफर अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. वे मुख्यमंत्री पद की शपथ की तैयारी कर रहे हैं. इसके साथ ही सिद्धारमैया की विदाई के बाद राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है.