झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ता दिख रहा है. देवेंद्र नाथ महतो पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी खाना लेने से इनकार कर रहे हैं. डॉक्टरों की लगातार निगरानी के बावजूद उन्होंने अपना अनशन खत्म नहीं किया है. महतो समेत चार प्रदर्शनकारी फिलहाल रांची के सदर अस्पताल में इलाज करा रहे हैं.
चारों छात्रों की हो रही नियमित जांच
सदर अस्पताल के डिप्टी सुप्रिटेंडेंट के मुताबिक, चारों छात्रों की नियमित जांच की जा रही है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है.हालांकि, महतो की भूख हड़ताल जारी है.डॉक्टरों ने उन्हें खाना लेने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने इसे मानने से इनकार कर दिया.
महतो ने 11 दिन पहले भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू की थी. सोमवार को आंदोलनकारी छात्रों के साथ झारखंड विधानसभा की ओर मार्च के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद महतो ने अपना अनशन जारी रखा है.
एक प्रदर्शनकारी ने तरल आहार लेना शुरू किया
वहीं, दूसरे प्रदर्शनकारी राहुल क्रांति ने डॉक्टरों की सलाह के बाद तरल आहार लेना शुरू कर दिया है. वह फलों का जूस और दूध ले रहे हैं. क्रांति ने बताया कि उनकी तबीयत अब धीरे-धीरे बेहतर हो रही है. पलामू के रहने वाले क्रांति ने 4 अगस्त को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल शुरू की थी.तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 7 अगस्त को अस्पताल लाया गया था.
छात्रों की हालत स्थिर
वहीं जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच से जुड़ी हबीबा को भी मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया.इसके अलावा जेएसएससी-छात्र मंच से जुड़े महेंद्र प्रताप भी इलाज के लिए सदर अस्पताल में हैं. अस्पताल के चीफ मेडिकल ऑफिसर अमरेंद्र प्रसाद ने बताया कि चारों छात्रों की हालत स्थिर है और डॉक्टर उनकी नियमित निगरानी कर रहे हैं.
इधर, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बुधवार को अस्पताल पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की. उन्होंने छात्रों से अपनी जान जोखिम में डालने से बचने और भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की. मंत्री ने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों पर विचार के लिए टीम गठित की है और बातचीत का दौर भी शुरू हो चुका है. उन्होंने भरोसा दिया कि आगे भी छात्रों से बातचीत जारी रहेगी.
महतो की लगातार बिगड़ रही है हालत
फिलहाल सबसे ज्यादा चिंता देवेंद्र नाथ महतो की जारी भूख हड़ताल को लेकर है. डॉक्टर उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए कुछ खाने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन वह अपनी मांगों पर कायम हैं. दूसरी ओर, सरकार बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने की कोशिश कर रही है. ऐसे में छात्रों का आंदोलन और महतो की सेहत, दोनों पर अब नजर बनी हुई है.