सोशल मीडिया पर भीषण आग का एक वीडियो नेपाल का बताकर वायरल हो रहा है. आग इतनी तेज है कि आसमान में धुआं ही धुआं नजर आ रहा है.
दरअसल, नेपाल में बीते दिनों धार्मिक प्रतीकों और लाउडस्पीकर विवाद को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़पें देखी गई थीं. हालात इतने बिगड़ गए थे कि इस पर काबू पाने के लिए कई जिलों में कर्फ्यू लगाया गया और सेना की भी तैनाती की गई. फिलहाल हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. इसी संदर्भ में ये वीडियो वायरल हो रहा है.
कुछ लोगों का कहना है कि ये नेपाल के एक ऐसे गांव का वीडियो है जहां अवैध घुसपैठिये रहते थे. दावा है कि इस पूरे गांव को आग के हवाले कर दिया गया जिसके बाद पूरा इलाका जलकर राख हो गया.
वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “गजवा ए नेपाल की मानसिकता पाले नेपाल में घुसे अवैध घुसपैठियों के पूरे गांव को जलाकर राख कर दिया गया. ना सबूत बचे ना गवाह.”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो तुर्की के मुगला का है, और वहां जंगल में लगी आग को दिखाता है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये तुर्की के मीडिया संस्थान TRT Haber के यूट्यूब चैनल पर मिला. यहां इसे 29 जुलाई को अपलोड किया गया था. कैप्शन के मुताबिक ये तुर्की के मुगला प्रदेश में लगी जंगल की आग का वीडियो है.
तुर्की के न्यूज आउट्लेट NTV की 29 जुलाई की वीडियो रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो वाला हिस्सा देखा जा सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक मुगला के Seydikemer जिले में एक खेतीबाड़ी की जगह पर लगी आग तेज हवाओं के चलते जंगल तक फैल गई, और देखते-ही-देखते आग ने भीषण रूप ले लिया.
मुगला गवर्नर ऑफिस के हवाले से रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इस आग को बुझाने के अभियान में 5 एयरक्राफ्ट, 18 हेल्पिकॉप्टर, और 93 दमकल गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया. इस अभियान में 800 से ज्यादा जवान शामिल थे.
साफ है कि तुर्की के वीडियो को गलत दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.