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IMD Alert: दिल्ली में उमस के बीच हल्की बारिश के आसार, जानें देश के अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम

आईएमडी ने दिल्ली में सोमवार को बादल और हल्की बारिश का अनुमान जताया है, जबकि गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, राजस्थान, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, हिमाचल और केरल के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश, तेज हवाओं, भूस्खलन, जलभराव और अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग और राज्य एजेंसियों ने लोगों को मौसम अपडेट देखते रहने, जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह जाने, गैरजरूरी यात्रा टालने, नदियों और जलाशयों से दूर रहने, मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और प्रभावित इलाकों में राहत इंतजाम व आवाजाही पर सतर्क रहने की सलाह दी है.

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दिल्ली के ऐतिहासिक इंडिया गेट पर बारिश की फुहारों के बीच टहलते लोग. (Photo: Pixels)
दिल्ली के ऐतिहासिक इंडिया गेट पर बारिश की फुहारों के बीच टहलते लोग. (Photo: Pixels)

मौसम विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में सोमवार के लिए बादल छाए रहने और हल्की बारिश का अनुमान जताया है. अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 32 और 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. दिल्ली में रविवार को उमस भरी गर्मी रही और अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री ज्यादा रहा. दिन के दौरान नमी का स्तर 70 से 85 प्रतिशत के बीच रहा और 1 मिमी बारिश दर्ज हुई. न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री कम है.

इसी बीच दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, उससे लगे पूर्वी राजस्थान और गुजरात पर बना डिप्रेशन कमजोर होकर दक्षिण-पूर्व राजस्थान और आसपास के इलाकों में कम दबाव के क्षेत्र(Low Pressure Area) में बदल गया है. अगले 24 घंटों में इसके दक्षिण राजस्थान से होते हुए पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने और और कमजोर पड़ने का अनुमान है. इस वेदर सिस्टम के कारण पश्चिमी भारत में बारिश का दौर जारी रह सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक वेदर सिस्टम कमजोर पड़ने के बावजूद गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में ज्यादातर जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है.

पश्चिम भारत में बारिश का अलर्ट

कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 3 अगस्त को भी भारी बारिश जारी रह सकती है. पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश का अनुमान है. दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे मध्य महाराष्ट्र में अगले 12 घंटों में 25–35 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार झोंकों में 45 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ के कई जिलों के लिए अगले 24 घंटों में फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम खतरा बताया है. आईएमडी के मुताबिक जमीन पहले से भीगी होने की वजह से भारी बारिश से सतही बहाव बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव या बाढ़ की स्थिति बन सकती है.

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कच्चे मकानों, कमजोर ढांचों और सड़कों को नुकसान हो सकता है. खड़ी फसल, प्लांटेशन और बागवानी पर असर पड़ सकता है, जबकि केला और पपीता के पेड़ उखड़ सकते हैं. भूस्खलन, जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है. खराब विजिबिलिटी की वजह से सड़क, रेल और हेलिकॉप्टर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. आईएमडी ने लोगों से मौसम अपडेट पर नजर रखने, जरूरत पड़े तो सुरक्षित जगह जाने, आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहने, पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने, जलाशयों से दूर रहने और बिजली गिरने के समय उपकरणों का प्लग हटाने की सलाह दी है. प्रभावित इलाकों में पर्यटन, मनोरंजन गतिविधियों और हेलिकॉप्टर सेवाओं को मौसम सामान्य होने तक नियंत्रित रखने को कहा गया है.

गुजरात में कमजोर पड़ा वेदर सिस्टम

अहमदाबाद मौसम विभाग के डायरेक्टर अशोक कुमार दास ने कहा कि गुजरात में 4 वेदर सिस्टम एक्टिव हैं. उनके मुताबिक लो प्रेशर, मॉनसून ट्रफ, शीयर जोन और वेस्टर्न डिस्टर्बन्स की वजह से राज्य के कुछ हिस्सों में तेज बारिश हो रही है. उन्होंने कहा कि कल से राज्य में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट नहीं दिया गया है, लेकिन मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने के लिए अलर्ट किया गया है और सभी पोर्ट पर 3 नंबर का सिग्नल लगाया गया है. अशोक कुमार दास ने कहा कि इस मानसून सीजन में गुजरात में अब तक औसत 16 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज हुई है. आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अब तक 439.9 मिमी बारिश हुई है, जबकि यह 380.9 मिमी होनी चाहिए थी. उन्होंने यह भी कहा कि अगस्त और सितंबर में राज्य में सामान्य से कम बारिश हो सकती है.

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हिमाचल प्रदेश में 7 अगस्त तक अलग-अलग इलाकों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. बारिश से हुए भूस्खलन और फ्लैश फ्लड के बाद राज्य में 102 सड़कें वाहनों के लिए बंद हैं. सबसे ज्यादा 43 सड़कें मंडी जिले में बंद हैं. इसके बाद कुल्लू में 33, शिमला में 11, चंबा और कांगड़ा में 5-5, सिरमौर में 4 और ऊना में 1 सड़क बंद है. 1 जुलाई से 31 जुलाई के बीच हिमाचल प्रदेश में 255.9 मिमी के औसत के मुकाबले 275.6 मिमी बारिश हुई, जो 8 प्रतिशत ज्यादा है. मौसम विभाग के मुताबिक अगस्त में चंबा जिले के कुछ हिस्सों और उससे लगे लाहौल के इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है.

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केरल के 12 जिलों में स्कूल रहेंगे बंद

केरल में आईएमडी ने 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों के लिए बहुत भारी बारिश और गरज के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है. ऑरेंज अलर्ट का मतलब 24 घंटे में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक बहुत भारी बारिश की आशंका है. राज्य में तेज बारिश से भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं जारी हैं. राज्य के 14 में से 12 जिलों में शैक्षणिक संस्थानों के लिए सोमवार को अवकाश घोषित किया गया है. केवल कोल्लम और तिरुवनंतपुरम जिलों को इस आदेश से बाहर रखा गया है.

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कुछ जिलों में आंशिक अवकाश घोषित किया गया है, जो केवल उन स्कूलों और कॉलेजों पर लागू होगा, जहां राहत शिविर (रिलीफ कैंप) चल रहे हैं या जो प्रभावित क्षेत्रों में स्थित हैं. जिन जिलों में छुट्टी घोषित की गई है, उनमें पथानामथिट्टा, इडुक्की, एर्नाकुलम, कोट्टायम, अलाप्पुझा, त्रिशूर, मलप्पुरम, पलक्कड़, कोझिकोड, कन्नूर, वायनाड और कासरगोड शामिल हैं. केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूस्खलन, मडस्लाइड और फ्लैश फ्लड वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से कहा है कि प्रशासन कहे तो सुरक्षित जगह चले जाएं. नदियों के किनारे और बांधों के डाउनस्ट्रीम में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर हटने की सलाह दी गई है.

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से यह भी कहा है कि अपने इलाकों में राहत शिविर खुले हैं या नहीं, इसकी जानकारी रखें और जरूरत हो तो दिन के समय वहां चले जाएं. कमजोर या असुरक्षित मकानों में रहने वाले लोगों को तेज हवा की आशंका को देखते हुए सावधान रहने को कहा गया है. नदियों, नालों और दूसरे जलाशयों में नहाने, मछली पकड़ने या पार करने के लिए नहीं जाने की हिदायत दी गई है. पुलों पर भीड़ नहीं लगाने और उफनते जलाशयों के पास फोटो या सेल्फी नहीं लेने को कहा गया है. मौसम चेतावनी हटने तक गैरजरूरी यात्रा, खासकर पहाड़ी इलाकों, झरनों और जलाशयों की यात्रा से बचने की अपील की गई है.

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