जन सुराज पार्टी ने जब से प्रशांत किशोर को बाकीपुर विधानसभा उपचुनाव का उम्मीदवार घोषित किया है, तब से इस सीट का सियासी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है. उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही साफ हो गया है कि प्रशांत किशोर उस सीट पर बीजेपी को चुनौती देंगे, जिसे पिछले चार दशक से पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है.
प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी के ऐलान के बाद महागठबंधन की रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं. हालांकि अभी तक महागठबंधन ने अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन उसके दो प्रमुख सहयोगी दलों, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के अलग-अलग रुख सामने आए हैं.
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आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने साफ कहा कि बाकीपुर विधानसभा उपचुनाव उनकी पार्टी ही लड़ेगी. उन्होंने कहा कि आरजेडी इस सीट से अपना उम्मीदवार उतारेगी. तिवारी ने याद दिलाया कि पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर आरजेडी को करीब 44 हजार वोट मिले थे. उनके बयान से संकेत मिलता है कि पार्टी किसी दूसरे विपक्षी उम्मीदवार का समर्थन करने के बजाय खुद मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है.
वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अलग राय रखी है. कांग्रेस प्रवक्ता ऋषि मिश्रा ने कहा कि अब जब प्रशांत किशोर ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है, तो उन्हें कांग्रेस और आरजेडी के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत करनी चाहिए. उनका कहना है कि यदि बातचीत के बाद सहमति बनती है, तो महागठबंधन बीजेपी के खिलाफ प्रशांत किशोर को साझा विपक्षी उम्मीदवार के तौर पर समर्थन देने पर विचार कर सकता है.
ऋषि मिश्रा ने कहा कि अगर विपक्ष एकजुट होकर एक ही उम्मीदवार उतारता है, तो बीजेपी को मजबूत चुनौती दी जा सकती है और विपक्षी वोटों का बंटवारा भी रोका जा सकता है. उन्होंने कहा कि यदि प्रशांत किशोर इसके लिए तैयार हैं, तो उन्हें महागठबंधन के नेताओं से बातचीत कर साझा रणनीति बनाने की पहल करनी चाहिए.
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आरजेडी और कांग्रेस के अलग-अलग रुख ने बाकीपुर उपचुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर मतभेद की तस्वीर साफ कर दी है. एक ओर आरजेडी इस सीट पर खुद चुनाव लड़ने के पक्ष में है, जबकि कांग्रेस साझा विपक्षी उम्मीदवार की वकालत कर रही है.
अब जबकि प्रशांत किशोर आधिकारिक तौर पर चुनावी मैदान में उतर चुके हैं, राजनीतिक नजरें महागठबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि महागठबंधन अपना उम्मीदवार उतारता है या बीजेपी को चुनौती देने के लिए किसी साझा चेहरे पर सहमति बनाने की कोशिश करता है.