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महाराष्ट्र में उद्योगों के पलायन पर सियासी संग्राम, शरद पवार के दावे पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिया जवाब

महाराष्ट्र में चाकण औद्योगिक क्षेत्र की खराब सड़कों, पानी की कमी और ट्रैफिक जाम को लेकर सियासी बहस छिड़ गई है. शरद पवार ने आरोप लगाया कि इन समस्याओं की वजह से 20 कंपनियां चाकण छोड़ने की तैयारी में हैं और पांच साल में राज्य में 36,211 कंपनियां बंद हुई हैं. मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इनमें ज्यादातर शेल कंपनियां थीं जो कभी काम नहीं कर रही थीं.

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उद्योगों के पलायन और चाकण के खराब इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है (Photo: PTI)
उद्योगों के पलायन और चाकण के खराब इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है (Photo: PTI)

महाराष्ट्र में चाकण औद्योगिक क्षेत्र की खस्ता सड़कों, पानी की किल्लत और भयंकर ट्रैफिक जाम को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है. एनसीपी (शरद पवार गुट) प्रमुख शरद पवार ने आरोप लगाया कि खराब बुनियादी ढांचे की वजह से चाकण की 20 औद्योगिक इकाइयां, जिनमें 2000 से ज्यादा मजदूर काम करते हैं, यहां से जाने की योजना बना रही हैं. पवार ने संसद के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले पांच साल में राज्य में 36,211 निजी कंपनियां बंद हो चुकी हैं और सरकार से तुरंत बुनियादी सुविधाएं सुधारने की मांग की.

इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सफाई दी कि बंद हुई कंपनियों में से करीब 76 प्रतिशत ऐसी 'निष्क्रिय' शेल कंपनियां थीं जो कभी काम ही नहीं कर रही थीं और नियमित जांच के दौरान उन्हें रजिस्टर से हटाया गया.

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में करीब 4 लाख कंपनियां अभी भी सक्रिय हैं और नई कंपनियों के रजिस्ट्रेशन के मामले में राज्य देश में पहले नंबर पर है. उन्होंने बताया कि चाकण की समस्याओं को तुरंत और लंबे समय के लिए सुलझाने के लिए सरकार ने एक बड़ी टीम बना दी है, जिसमें कई विभागों के अधिकारी शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: सुखबीर बादल आखिर क्यों गए थे नादेंड़? हमले के बाद CM फडणवीस ने दिए जांच के आदेश

विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना जारी रखा. एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि संसद के आंकड़े बताते हैं कि महाराष्ट्र में 36,112 कंपनियां बंद हुई हैं और एक भी कंपनी का बंद होना गलत है. शिवसेना (उद्धव गुट) नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि पांच साल में 35,000 से ज्यादा कंपनियां महाराष्ट्र छोड़ गईं, जिनमें से 680 गुजरात चली गईं. उन्होंने कहा कि चाकण और नासिक में बुनियादी सुविधाएं बिगड़ रही हैं जबकि मुख्यमंत्री दावोस जाकर समझौते साइन कर रहे हैं.

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वहीं राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कंपनियों के पलायन की बात को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि एक भी कंपनी यहां से नहीं गई है और उन्होंने खुद स्थानीय उद्योगपतियों से फोन पर बात की है. सामंत ने बताया कि वे 16 तारीख को खुद चाकण जाकर उद्यमियों से मिलेंगे और जब तक उनकी सभी समस्याएं हल नहीं हो जातीं, वहीं डटे रहेंगे.

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