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फैक्ट चेक: परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर रांची में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन का नहीं है ये वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें जमीन पर बैठे कुछ प्रदर्शनकारी छात्र कुछ लोगों से बहस करते नजर आ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो JPSC-JSSC की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और भ्रष्टाचार को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का है. आजतक की टीम ने इस वीडियो का फैक्ट चेक किया है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये वीडियो रांची का है, जहां JPSC और JSSC परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अधिकारियों को जमीन पर बैठाकर बातचीत के लिए मजबूर किया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये वीडियो रांची नहीं, बल्कि धनबाद के ‘बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय’ का है, जहां AISA से जुड़े छात्र प्रदर्शन कर रहे थे.

झारखंड की राजधानी रांची में छात्र JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और भ्रष्टाचार को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें जमीन पर बैठे कुछ प्रदर्शनकारी छात्र कुछ लोगों से बहस करते नजर आ रहे हैं. इनमें से एक छात्र एक वरिष्ठ व्यक्ति को जमीन पर बैठने के लिए कहता है. छात्र इस बात पर अड़ जाता है कि जब तक व्यक्ति जमीन पर नहीं बैठेगा, वो आगे की बात नहीं करेंगे. आखिरकर उस आदमी को बैठना पड़ता है.

वीडियो को एक्स और फेसबुक पर शेयर करते हुए कुछ यूजर्स ने दावा किया ये रांची का वीडियो है, जहां छात्र बीते कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि इन प्रदर्शनकारी छात्रों को बंद कमरे में बातचीत के लिए बुलाया गया था लेकिन छात्रों ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कहा कि बातचीत सबके सामने खुले मंच पर होगी.

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आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो रांची नहीं, बल्कि धनबाद के ‘बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय’ का है, जहां AISA से जुड़े छात्र प्रदर्शन कर रहे थे.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

वीडियो के फ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें 'The Dhanbad Resistance' नाम के एक यूट्यूब चैनल पर इसका एक लंबा वर्जन मिला. यहां इसे 28 जुलाई को अपलोड किया गया था. इसमें वायरल वीडियो वाला हिस्सा देखा जा सकता है.

वीडियो के कैप्शन के मुताबिक, ये मामला धनबाद के ‘बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU)’ का है, जहां वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) ने छात्रों से जुड़ी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था.

इस जानकारी के साथ सर्च करने पर हमें ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ और ‘हिंदुस्तान’ की न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 27 जुलाई को धनबाद के BBMKU के मुख्य कैंपस में AISA कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया, और प्रशासनिक भवन में सांकेतिक तालाबंदी भी कर दी. प्रदर्शन की वजह से कुलपति प्रो. राम कुमार सिंह समेत कई अधिकारी घंटों तक भवन के अंदर प्रवेश नहीं कर सके और बाहर ही खड़े रहे.

प्रदर्शनकारियों ने कुलपति को मांगपत्र सौंपा, जिसमें एलएलएम की पढ़ाई शुरू करने, पूर्व सांसद ए.के. राय के नाम पर सेंट्रल लाइब्रेरी बनाने, और 77 करोड़ रुपये के फंड से लैब व आधुनिक सुविधाएं विकसित करने जैसी मांगें शामिल थीं.

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विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को लिखित रूप से आश्वासन दिया कि लॉ कॉलेज में 2027 के अकैडमिक सत्र से एलएलएम की पढ़ाई शुरू करने का प्रस्ताव राज्य मुख्यालय को भेजा जाएगा, और सेंट्रल लाइब्रेरी के नामकरण से जुड़ा प्रस्ताव भी राज्य सरकार को भेजने की बात कही गई. कुलपति के इस आश्वासन के बाद AISA ने प्रदर्शन वापस ले लिया.

यानी साफ है कि ये वीडियो रांची में हो रहे छात्रों के प्रदर्शन का नहीं है.

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