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महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के बीच चिराग पासवान का दावा- JDU के कई विधायक मेरे और BJP के संपर्क में

महाराष्ट्र में सियासी उठापटक क्या शुरू हुई बिहार में भी राजनीतिक दलों ने बयानबाजी शुरू कर दी. अब तक बीजेपी, हम और निषाद पार्टी का नीतीश कुमार सरकार को लेकर बयान आ चुका है. चिराग पासवान का कहना है कि जेडीयू के कई विधायक उनके संपर्क में हैं.

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चिराग पासवान (File Photo)
चिराग पासवान (File Photo)

महाराष्ट्र की सियासत में NCP के अंदर हुए दो फाड़ के बीच अब बिहार की सियासत भी गरमाई हुई है. यहां चिराग पासवान और भारतीय जनता पार्टी (BJP)के एक नेता ने दावा किया है कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कई विधायक उनके संपर्क में हैं. उन्होंने बिहार में महाराष्ट्र जैसी स्थिति बनने की संभावना और महागठबंधन में फूट को लेकर कहा कि यह संभव है. जो लोग दूसरों की पार्टी को तोड़ते हैं, उन्हें भी यह अनुभव करना है.
 
चिराग ने आगे कहा कि इनके (महागठबंधन) विधायकों , सांसदों और नेताओं में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर असंतोष है. इसलिए जेडीयू के कई विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं. कुछ विधायक मेरे संपर्क में भी हैं. इस बीच जेडीयू में टूट की संभावना को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी का भी बयान आया है. 

उन्होंने कहा है कि पूरी जेडीयू बीजेपी के साथ आने के लिए तैयार है. सम्राट ने आगे कहा है कि जेडीयू से जो भी बीजेपी में आएगा, उसका पार्टी में स्वागत किया जाएगा. बिहार की जनता नीतीश कुमार को एक घंटे के लिए भी सीएम मानने को तैयार नहीं है. इसलिए 2024 में बिहार की जनता उन्हें सबक सिखाएगी. बिहार बीजेपी के नेता अरविंद कुमार सिंह ने भी दावा किया है कि बिहार में भी महाराष्ट्र जैसा घटनाक्रम दोहराया जा सकता है. 

HAM का दावा- जेडीयू को तोड़ना चाहते हैं लालू

इस बीच जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने भी इसी तरह का दावा किया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने कहा है कि जेडीयू टूट के कगार पर खड़ी है. नीतीश कुमार अपने विधायकों को बचाने के लिए उनसे वन टू वन मीटिंग कर रहे हैं. लालू यादव जेडीयू के विधायकों को तोड़ना चाहते हैं. नीतीश कुमार को इसकी भनक लग गयी है.

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विपक्षी एकजुटता की हवा निकली: नीतीश

संतोष सुमन का कहना है कि महागठबंधन में आने के बाद नीतीश कुमार भारी दबाव में हैं. हमने कैबिनेट में रहते हुए नीतीश कुमार की झुंझलाहट देखी है. कई बार नीतीश कुमार असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर जाते थे. जेडीयू दो धड़ों में बंट चुकी है. इसमें कुछ लोग बीजेपी के साथ जाना चाहते हैं तो वहीं कुछ लोग आरजेडी के साथ जाना चाहते हैं. नीतीश की विपक्षी एकजुटता मुहिम की हवा निकल गई. 

लोकसभा से पहले NDA में आएंगे नीतीश: निषाद

निषाद पार्टी के चीफ संजय निषाद का कहना है कि बिहार में भी महाराष्ट्र की तरह उलटफेर होगा. नीतीश कुमार भी एनडीए के साथ लोकसभा चुनाव से पहले आ जाएंगे. एनडीए पिछड़ों के साथ खड़ा है. केवल मोदी ही समस्याओं का हल कर सकते हैं. नीतीश कल फिर हमारी विचारधारा से सहमत होंगे. पूरी उम्मीद है समय आने पर बिहार में अपने आप उलटफेर हो जाएगा.

जयंत चौधरी को लेकर भी दी अपनी राय

यूपी में जयंत चौधरी के नाम पर निषाद मुस्कुराते हुए बोले कि किसानों के लिए बीजेपी ही कर सकती है और जयंत को यही चाहिए होगा. कोई भी कहीं भी ऐसे ही नहीं आ जाता, अभी जयंत के लिए परखने का दौर चल रहा है. कभी भी आ जाएंगे, यहां नहीं आएंगे तो कहां जाएंगे. जयंत के वोटर हमारे साथ हैं. जयंत जहां हैं, वहां कुछ बचा ही कहा है. सपा पहले अखाड़े की पार्टी थी पर अब भाड़े की पार्टी है. हर नेता देखता है अगर मोदी के साथ आएगा तो नीतियां बनवाएगा. जयंत जरूर आएंगे, बातचीत है. शिवपाल और अखिलेश की ऊपर से बन रही है अंदर से थोड़ी है. शिवपाल यादव भी बीजेपी में आएंगे.

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बिहार के विपक्ष में भी हो सकती है टूट

इससे पहले बीजेपी नेता सुशील मोदी ने भी दावा किया था कि बिहार में भी विपक्षी दलों में ऐसी टूट हो सकती है. पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि शरद पवार की पार्टी एनसीपी में विद्रोह विपक्षी एकता की पटना बैठक का परिणाम है, जिसमें राहुल गांधी को प्रोजेक्ट करने की जमीन तैयार की जा रही थी. सुशील मोदी ने कहा था कि बिहार में भी महाराष्ट्र-जैसी स्थिति बन सकती है, इसे भांप कर नीतीश कुमार ने विधायकों से अलग-अलग (वन-टू-वन) बात करना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक-सांसद न राहुल गांधी को स्वीकार करेंगे, न तेजस्वी यादव को. पार्टी में भगदड़ की आशंका है.

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