बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) की एक महिला वॉर्ड अधिकारी को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है. दरअसल, एक एक अवैध निर्माण विरोधी अभियान (डिमोलेशन ड्राइव) के दौरान प्रेगनेंट महिला अधिकारी से उग्र भीड़ ने मारपीट की थी. अत्यधिक तनाव और शारीरिक चोट के कारण उन्हें मजबूरी में गर्भपात कराना पड़ा था.
यह गंभीर घटना बीते 30 जुलाई की है. बॉम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस ए.एस. गडकरी और जस्टिस कमल खाता की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की. मामले में उन्होंने इसके लिए राज्य पुलिस को पूरी तरह जवाबदेह ठहराया है.
कोर्ट ने बहुत सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ड्यूटी पर तैनात एक सरकारी कर्मचारी की सुरक्षा करने में स्थानीय पुलिस पूरी तरह नाकाम रही.
कोर्ट ने पाया कि राबाले पुलिस स्टेशन के अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद वे उस आक्रामक भीड़ को नियंत्रित नहीं कर पाए. पुलिस ने प्राथमिक रूप से अपने कानूनी कर्तव्यों का ठीक से पालन नहीं किया.
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गौरतलब है, यह पूरी घटना तब घटी जब नवी मुंबई में अवैध स्ट्रक्चर के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एक डिमोलेशन ड्राइव चलाई जा रही थी. यह कार्रवाई एक्टिविस्ट किशोर सुंदर शेट्टी की तरफ से दाखिल की गई एक अवमानना याचिका के बाद शुरू की गई थी.
नवी मुंबई महानगरपालिका के कानूनी वकील के अनुसार, कार्रवाई को रोकने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों की भीड़ अचानक सिविक टीम पर टूट पड़ी. अदालत में पेश किए गए आधिकारिक रिकॉर्ड और वीडियो फुटेज से यह साफ हो गया कि इस हिंसक झड़प और अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण ही गर्भवती अधिकारी को गर्भपात कराने जैसा कड़ा फैसला लेना पड़ा.
लापरवाह पुलिसकर्मियों के वेतन से होगी वसूली
कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को आदेश दिया है कि वह अगले दो हफ्ते के अंदर 25 लाख रुपये का यह मुआवजा पीड़ित अधिकारी को दे. इसके साथ ही कोर्ट ने एक और बड़ा निर्देश दिया है कि सरकार इस मुआवजे की पूरी रकम मौके पर मौजूद रहे उन लापरवाह पुलिसकर्मियों के वेतन से सीधे तौर पर वसूल सकती है, जो भीड़ को रोकने में असफल रहे थे.
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बेंच ने यह भी माना कि एक महिला द्वारा अपना गर्भ खो देने का जो शारीरिक और मानसिक दर्द होता है, उसकी भरपाई पैसों से कभी नहीं की जा सकती. लेकिन अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस का यह कर्तव्य है कि वे वैध तरीके से डिमोलेशन ड्राइव चला रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराएं.