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'सीबीआई जांच से क्यों भाग रही सोरेन सरकार?': बाबूलाल मरांडी का तीखा हमला, निशिकांत दुबे ने घेरा

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर सोमवार को रांची में पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया. इसके विरोध में भाजपा ने मंगलवार को झारखंड बंद बुलाया. पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर बातचीत की जगह बल प्रयोग करने का आरोप लगाया और सीबीआई जांच की मांग दोहराई. सांसद निशिकांत दुबे ने भी गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठाए.

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झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में BJP का बंद (Photo: PTI)
झारखंड में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में BJP का बंद (Photo: PTI)

रांची में सोमवार को छात्रों पर पुलिस की सख्ती के बाद मंगलवार को बीजेपी ने पूरे झारखंड में बंद बुलाया है. भाजपा ने आरोप लगाया कि झामुमो सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठियों का इस्तेमाल किया. 

पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे मामले को छात्रों के हक और न्याय की लड़ाई बताया है, जबकि सांसद निशिकांत दुबे का बयान कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधने तक सीमित रहा.

पूरा मामला जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है. झारखंड में छात्र 25 जुलाई से इन परीक्षाओं में पारदर्शिता, कुछ परीक्षाओं को रद्द करने और सीबीआई या राज्य से बाहर के रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों की निगरानी में जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. सोमवार को हजारों छात्र विधानसभा की तरफ मार्च करते हुए कई बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़े, जिसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हो गई. 

पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर के पास वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. कई छात्रों ने घायल होने का दावा किया, वहीं पुलिस के मुताबिक 14 पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए.

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इसी घटना के विरोध में बीजेपी ने मंगलवार को सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक झारखंड बंद का ऐलान किया है, हालांकि जरूरी सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि छात्रों के साथ अपराधियों जैसा बर्ताव किया गया. बंद के असर से राज्य के कई शहरों में स्कूल और दुकानें बंद रहीं और रांची समेत कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही काफी कम रही.

यह भी पढ़ें: 'अधिकारियों पर फेंके जूते-चप्पल... जवान को कुचलने की कोशिश', छात्रों के विधानसभा घेराव के दौरान लाठीचार्ज पर रांची प्रशासन का दावा

बाबूलाल मरांडी ने बताया कि उन्हें सुबह-सुबह हिरासत में लेकर खेलगांव में रोक दिया गया. उन्होंने कहा कि छात्र पिछले 15 दिनों से धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं और यह लड़ाई अचानक शुरू नहीं हुई है. उनका कहना था कि अगर सरकार सीबीआई जांच का ऐलान कर देती तो यह नौबत ही नहीं आती. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बातचीत की जगह लाठी का सहारा लिया.

वहीं सांसद निशिकांत दुबे ने आरोपी धर्मेंद्र की गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल तो उठाए, लेकिन उनका ज्यादातर बयान कांग्रेस, झामुमो और राजद पर निशाना साधने और राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव पर टिप्पणी करने पर केंद्रित रहा. उन्होंने छात्र आंदोलन में शामिल कुछ समूहों पर राजनीति से प्रेरित होने का आरोप भी लगाया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए विधानसभा मार्च निकालने का ऐलान किया है.

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निशिकांत दुबे ने झारखंड पेपर लीक मामले में आरोपी धर्मेंद्र की गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री सोरेन से सवाल किया. उन्होंने पूछा कि आरोपी की गिरफ्तारी किस बड़े अधिकारी के कार्यालय/घर से हुई और क्या सरकार उस अधिकारी के पुराने दागों पर कार्रवाई करेगी या सिर्फ लीपापोती होगी. राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनमें अब ताकत नहीं बची है और वे सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया तक सीमित हैं.

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