झारखंड के नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने परीक्षा रद्द करने के हेमंत सोरेन के फैसले पर हमला बोला है. मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने सोची-समझी साजिश के तहत परीक्षाओं को रद्द करने का नाटक रचा है ताकि असली गुनहगारों को बचाया जा सके.
बाबूलाल मरांडी ने रांची स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार ने कैबिनेट बैठक के जरिए झारखंड के युवाओं को गुमराह करने की पूरी प्लानिंग बनाई है.
उन्होंने सवाल उठाया कि छात्र पिछले 24 दिनों से सिर्फ CBI जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार इससे भाग रही है. मरांडी ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC में नौकरियां बेचने के खेल में सरकार के बड़े लोग शामिल हैं, इसीलिए निष्पक्ष जांच से बचा जा रहा है.
'राहुल गांधी साझेदार हैं, इसलिए साधे हुए हैं चुप्पी'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि वो झारखंड सरकार में साझेदार हैं, इसलिए इस घोटाले पर पूरी तरह खामोश हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती बोर्डों में बड़े पदों की सौदेबाजी होती है और इस भ्रष्टाचार का फायदा सत्ता में बैठे सहयोगियों तक भी पहुंचता है.
'कोर्ट में स्टे दिलवाकर दलालों को बचाने का खेल'
मरांडी ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षाएं रद्द करने के फैसले का असर ये होगा कि गलत तरीके से चुने उम्मीदवार कोर्ट जाएंगे. वहां CID वही रिपोर्ट पेश करेगी जो पहले से लीपापोती करती आई है. नतीजा ये होगा कि कोर्ट से इस फैसले पर स्टे मिल जाएगा और पैसे देकर नौकरी पाने वाले लोग फिर से सुरक्षित हो जाएंगे. इस पूरी प्रक्रिया में आंदोलन कर रहे निर्दोष छात्रों के हाथ सिर्फ धोखा लगेगा.
CBI जांच से ही बेनकाब होंगे सफेदपोश- मरांडी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 2024 से पद पर मौजूद JSSC चेयरपर्सन और मामले की गलत जांच करने वाले CID अफसरों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि सिर्फ परीक्षा रद्द करना समस्या का समाधान नहीं है. जब तक पूरे मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंपी जाती, तब तक घोटाले में शामिल अफसर, दलाल और सफेदपोश बेनकाब नहीं होंगे.
उन्होंने छात्रों से अपील की कि वो अपनी सीबीआई जांच की मांग पर अड़े रहें और बीजेपी उनके इस संघर्ष में पूरी मजबूती से साथ खड़ी है.