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हिमाचल में तेल पर लगा अनाथ और विधवा सेस, महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल

हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 'अनाथ और विधवा सेस' बढ़ा दिया गया है. यह फैसला बुधवार रात 12 बजे से लागू होगा, जिसके बाद पेट्रोल और डीजल महंगे हो जाएंगे.

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हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर लगा नया सेस. (Photo: PTI)
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर लगा नया सेस. (Photo: PTI)

हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल महंगा होने जा रहा है. राज्य सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 'अनाथ और विधवा सेस' बढ़ाने का फैसला लिया है. नई दरें 12 अगस्त को रात 12 बजे से लागू होंगी. 

फिलहाल, लागू किए गए नए सेस के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 60 पैसे (₹0.60) की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. यह राज्य स्तर पर लगाया गया एक विशेष सेस है, जिसका सीधा असर अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला है. यानी अब हिमाचल में लोगों को एक लीटर तेल खरीदने के लिए पहले के मुकाबले 60 पैसे ज्यादा चुकाने होंगे.

12 अगस्त से लागू होंगी नई दरें

पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की बढ़ी हुई कीमतें 12 अगस्त 2026 की आधी रात यानी बुधवार रात 12 बजे से प्रभावी हो जाएंगी. रात 12 बजे के बाद से ही पेट्रोल पंपों पर नई दरों के हिसाब से ईंधन मिलेगा. 

कानूनी आधार की बात करें, तो इस फैसले की नींव अप्रैल 2026 के विधानसभा बजट सत्र में ही रख दी गई थी. तब हिमाचल प्रदेश VAT (संशोधन) कानून, 2026 पारित हुआ था, जिसमें इस सेस की अधिकतम सीमा ₹5 प्रति लीटर तय की गई थी. अब अधिसूचना जारी कर इसकी शुरुआती दर 60 पैसे लागू कर दी गई है.

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राज्य सरकार के इस फैसले से मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल सामाजिक कल्याण की योजनाओं में किए जाने की बात कही जा रही है.

इसके अलावा, राज्य सरकार भवन एवं अन्य निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों के कल्याण के लिए भी बड़ा कदम उठाने जा रही है. हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड 15 अगस्त 2026 को 14 कल्याणकारी योजनाओं के तहत 4,967 पात्र लाभार्थियों को 20.61 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगा.

बोर्ड में इस समय करीब 4.84 लाख मजदूर पंजीकृत हैं. बोर्ड के मुताबिक, मौजूदा सरकार अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में अब तक निर्माण श्रमिकों को लगभग 95 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है. आने वाले साल में 300 करोड़ रुपये बांटने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक मदद पहुंच सके.

e-KYC से पकड़े गए 70 हजार फर्जी लाभार्थी

कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए बोर्ड ने 98 हजार पंजीकृत मजदूरों का e-KYC सत्यापन कराया. जांच में खुलासा हुआ कि साल 2021-22 के दौरान लगभग 70 हजार अपात्र लोगों के नाम दर्ज कर लिए गए थे और उन्हें 176 करोड़ रुपये से ज्यादा बांट दिए गए थे. अब e-KYC के जरिए इन फर्जी नामों को हटाकर व्यवस्था सुधारी जा रही है, ताकि मदद सिर्फ सही और हकदार मजदूरों तक ही पहुंचे.

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किस योजना और जिले को कितना मिलेगा फंड?

  • शादी सहायता योजना: ₹8.98 करोड़
  • शिक्षा सहायता योजना: ₹7.89 करोड़
  • मृत्यु व अंत्येष्टि सहायता: ₹1.49 करोड़
  • CM/PM आवास योजना: ₹89.77 लाख
  • एकल, परित्यक्ता और दिव्यांग महिलाओं के लिए: ₹61 लाख
  • मातृत्व/पितृत्व सहायता योजना: ₹38.02 लाख

कुल मिलाकर, एक तरफ 12 अगस्त की मध्यरात्रि से हिमाचल में पेट्रोल और डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर 'अनाथ एवं विधवा सेस' लागू हो जाएगा. दूसरी तरफ 15 अगस्त को 14 कल्याण योजनाओं के तहत 4,967 पात्र निर्माण श्रमिकों को 20.61 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. सरकार का कहना है कि इन दोनों कदमों का उद्देश्य सामाजिक कल्याण योजनाओं को मजबूत करना है.
 

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