डीजल ईंधन का सबसे आम तरह का पेट्रोलियम ईंधन तेल है. पेट्रोलियम-व्युत्पन्न डीजल को पेट्रोडीजल कहा जाता है (Petrodiesel).
पेट्रोल एक पारदर्शी, पेट्रोलियम-व्युत्पन्न ज्वलनशील तरल है.इसमें ज्यादातर कार्बनिक यौगिक होते हैं जो पेट्रोलियम को कंप्रेस कर प्राप्त किए जाते हैं, जिन्हें विभिन्न प्रकार के योजक के साथ बढ़ाया जाता है. औसतन 42-यूएस-गैलन (160-लीटर) बैरल कच्चे तेल से तेल रिफाइनरी में प्रसंस्करण के बाद लगभग 19 यूएस गैलन (72 लीटर) गैसोलीन का उत्पादन हो सकता है (Petrol).
पेट्रोल में मुख्य रूप से हाइड्रोकार्बन और साथ ही अन्य कार्बनिक यौगिकों के अंश होते हैं. जब बड़ी मात्रा में मृत जीव, ज्यादातर जोप्लांकटन और शैवाल, तलछटी चट्टान के नीचे दबे होते हैं और लंबे समय तक गर्मी और दबाव दोनों के बीच होते हैं, तब एक जीवाश्म ईंधन, पेट्रोलियम में बदल जाता है (Composition of Petrol).
पेट्रोल का उत्पादन 2035 से तक चरम पर पहुंचने की उम्मीद है. आमतौर पर, तेल की कीमत का मतलब होता है कच्चे तेल के एक बैरल (159 लीटर) की मौजूदा कीमत. तेल की कीमतें किसी भी देश के घरेलू उत्पादन स्तर के बजाय वैश्विक आपूर्ति और मांग से निर्धारित होती हैं (Oil Price).
दुनिया हर दिन लगभग 100 मिलियन बैरल (16 मिलियन क्यूबिक मीटर) तेल की खपत करती है. विश्व में सबसे ज़्यादा तेल की खपत संयुक्त राज्य अमेरिका करता है. यह हर दिन 1,88,35,000 बैरल तेल की खपत करता है. 97,90,000 बैरल के साथ चीन दूसरे स्थान पर है. जापान 44,64,000 बैरल की खपत के साथ तीसरे नंबर पर है. तेल की सर्वाधिक खपत करने वाले देशों की लिस्ट में भारत नंबर चार पर आता है. भारत 32,92,000 बैरल तेल की दैनिक खपत करता है. पांचवें स्थान पर आने वाला रूस 31,45,000 बैरल तेल का उपयोग हर दिन करता है (Oil Consumption by Countries).
2016 के आंकड़ों के मुताबिक, तेल का उत्पादन करने वाले देशों की लिस्ट में, रूस हर दिन 1,05,51,497 बैरल के साथ पहले नंबर पर है. सऊदी अरब 1,04,60,710 बैरल के साथ दूसरे और 88,75,817 बैरल के साथ तीसरे स्थान पर है (Oil Production by Countries).
पेट्रोल और डीजल के दाम में पाकिस्तान सरकार ने एक बार फिर कटौती की है. पिछले सप्ताह भी इसमें कटौती की थी. यह कटौती मार्च और अप्रैल में भारी बढ़ोतरी के बाद आया है.
महाराष्ट्र के हिंगोली में सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने की वजह से एक महिला के अजन्मे बच्चे की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने डीजल न होने का हवाला देकर एंबुलेंस भेजने से मना कर दिया, जबकि प्रशासन का दावा है कि डीजल की कमी नहीं थी, बल्कि ड्राइवर छुट्टी पर था.
नेपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतें भारत से 35 से 50 रुपए ज्यादा होने का असर अब यूपी-नेपाल बॉर्डर पर साफ दिखाई देने लगा है. सीमा से सटे कई जिलों में पेट्रोल पंप सूख चुके हैं, लंबी कतारें लग रही हैं और किसानों से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक संकट गहराता जा रहा है.
दिल्ली एनसीआर के रहने वालों के लिए महंगाई ने एक बार फिर सुबह-सुबह झटका दिया है. हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद अब सीएनजी की कीमतों में भी इजाफा हो गया है. इससे रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ेगा और आम आदमी की जेब पर दबाव बढ़ेगा.
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में फिर से तनाव बढ़ गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल साइट्स और जहाजों पर कार्रवाई की है. इस घटनाक्रम के बाद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर वैश्विक चिंता और गहरा गई है. हमले की खबर सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली. विशेषज्ञों का मानना है कि हालात बिगड़े तो महंगाई और ईंधन कीमतों पर असर बढ़ सकता है.
गाजियाबाद के मुरादनगर में डीजल के ₹1 बकाया मांगने पर मथुरापुर के ग्राम प्रधान झब्बर सिंह, उसके भाई और भांजे ने सेल्समैन रिंकू की बेरहमी से पिटाई कर दी. पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.
CNG Price Hike After Petrol-Diesel: देश में लगातार लोगों पर महंगाई की मार पड़ रही है. मिडिल ईस्ट टेंशन से गहराया तेल-गैस संकट आम लोगों की मुसीबत का सबब बनता जा रहा है, बीते 12 दिन में भारत में पेट्रोल-डीजल के साथ ही सीएनजी भी लगातार महंगी हुई है.
देश में 12 दिनों में पेट्रोल-डीजल 7 रुपये तक और CNG 6 रुपये महंगी हो चुकी है. अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच आम आदमी पर महंगाई का दबाव बढ़ा है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज स्ट्रेट बंद रहने से वैश्विक तेल-गैस सप्लाई प्रभावित हुई है. इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
महंगाई का लगातार चौथा झटका पेट्रोल-डीजल के दाम को लगा है. 4 दिन में साढ़े सात रुपए तक पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ चुके है. जनता अब सवाल करने लगी है कि आमदनी दो वही है बस पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते जा रहे है. अब सवाल ये है कि समय के साथ जनता को महंगाई की मार कितनी और झेलनी पड़ेगी.
देश की राजधानी दिल्ली में ईंधन की चौतरफा मार से आम जनता बेहाल हो गई है. पेट्रोल और डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी के बाद अब दिल्ली-NCR में सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी दो रुपये प्रति किलोग्राम का बड़ा इजाफा कर दिया गया है.
चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 105.36 रुपये से बढ़कर 107.77 रुपये हो गई है. डीजल की भी कीमतें बढ़ गई हैं और अब डीजल का दाम 99.55 रुपये हो गया है.
आज सुबह महंगाई का चौथा झटका पेट्रोल-डीजल के दाम पर लगा है. चार दिन में साढ़े सात रुपए तक पेट्रोल-डीजल बढ़ चुका है. जनता अब सवाल करने लगी है कि आमदनी तो वही है. बस पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ता जा रहा है. अब सवाल है कि महंगाई के युद्ध में अभी कितना और जनता को लड़ना होगा. क्योंकि जनता तो अपने बच्चों के भविष्य के लिए भी लड़ ही रही है. कभी पेपर लीक, कभी कॉपी जांचने में पूरा सिस्टम वीक.
देश में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक और आर्थिक बहस तेज हो गई है. पिछले दस दिनों में तेल के दामों में चार बार बढ़ोतरी हो चुकी है और दिल्ली समेत ज्यादातर शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये को पार कर चुकी है. ईंधन के दामों में कई बार बढ़ोतरी होने के बाद आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की वजह से विपक्ष सरकार पर हमलावर है जबकि सरकार का पक्ष है कि वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय संकटों के बावजूद भारत में स्थिति नियंत्रित है. आर्थिक जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया और अन्य वैश्विक तनावों का असर सिर्फ तेल की कीमतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव महंगाई, रोजगार, आर्थिक विकास और विकास दर पर भी पड़ सकता है. इसी मुद्दे पर देखें दंगल
तेल की बढ़ी कीमतों पर क्या बोले J&K के लोग?
दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच चुका है. मुंबई में पेट्रोल की नई कीमत 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है. कोलकाता में पेट्रोल का भाव 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये हो गया है. चेन्नई में भी पेट्रोल 107.77 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर हो चुका है.
तेल की बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस का कहना है कि तेल कंपनियां भारी लाभ कमा रही हैं लेकिन आम जनता महंगे दामों के कारण दबाव में है.
petrol diesel price hike: सप्ताह के पहला दिन सोमवार महंगाई के अटैक के साथ शुरू हुआ. देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर चौतरफा महंगाई की मार पड़ रही है. महज 10 दिनों में तेल कंपनियों ने चौथी बार इनकी कीमतों में बढ़ोतरी कर आम लोगों को झटका दिया है. चार साल तक कीमतें स्थिर रखने के बाद कंपनियों ने अचानक 15 मई को ईंधन के दाम में बढ़ोतरी की गई थी, इसके बाद जो सिलसिला शुरू हुआ वो लगातार जारी है.
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. लंबे समय बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद बाजार में तेजी से हलचल बढ़ी. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर होर्मुज स्ट्रेट सामान्य रूप से खुलता है और तनाव कम होता है, तो दुनिया भर में ईंधन कीमतों पर दबाव घट सकता है.
आम अवाम पर जून से कुदरत का जुल्म बरपा हुआ है. ऊपर से भीषण गर्मी और बिजली-पानी की किल्लत में पेट्रोल-डीजल की महंगाई जेब जला रही है. पिछले 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल डीजल के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं. आज से पेट्रोल 2 रुपये 61 पैसे और डीजल 2 रुपये 71 पैसे महंगा हो गया. इसके साथ ही दिल्ली में भी पेट्रोल अब शतक के पार चला गया है.
तेल की बढ़ती कीमतों पर स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कच्चे माल की कीमतें बढ़ती हैं तो इसका सीधा असर पूरे उद्योग पर पड़ता है. इस स्थिति में न केवल कच्चा माल महंगा होता है, बल्कि उससे निर्मित सभी उत्पाद भी महंगे हो जाते हैं. इससे हर प्रकार के उत्पादों की लागत बढ़ती है और इसका प्रभाव उद्योग की सभी शाखाओं पर फैल जाता है.
Petrol-Diesel Price Hike Impact: एक बार नहीं, दो बार नहीं, बल्कि सिर्फ 10 दिन में भारत में पेट्रोल-डीजल चार बार बढ़ चुका है. फ्यूल प्राइस में दनादन इजाफे ने आम लोगों के लिए महंगाई के जोखिम को बढ़ा दिया है.