चिराग पासवान (Chirag Paswan) पूर्व अभिनेता और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष (LJP) हैं. वे दिवंगत सांसद और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे (Son of Ram Vilas Paswan) हैं. चिराग ने 2019 तक बिहार के जमुई लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे. 2024 लोकसभा चुनाव में बिहार के हाजीपुर सीट से उन्होंने जीत हासिल की और पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनें. 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को 19 सीट मिले.
इनका जन्म 31 अक्टूबर 1982 को दिल्ली में हुआ था (Date Of Birth). वे इंजीनियरिंग में स्नातक हैं. उन्होंने 2011 में कंगना रनौत के साथ एक हिंदी फिल्म मिले ना मिले हम में अभिनय किया था (Chirag Movie).
चिराग पासवान ने जमुई की सीट से लोक जनशक्ति पार्टी के लिए 2014 का चुनाव लड़ा. उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के निकटतम प्रतिद्वंद्वी सुधांशु शेखर भास्कर को 85,000 से अधिक मतों से हराकर पहली बार लोकसभा में प्रवेश किया. पासवान ने 2019 के चुनावों में अपनी सीट बरकरार रखी, कुल 528,771 वोट हासिल कर निकटतम प्रतिद्वंद्वी भूदेव चौधरी को हराया. पासवान को 2014 के भारतीय आम चुनाव में बिहार में जमुई निर्वाचन क्षेत्र से 16वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में चुना गया था, जबकि उनके पिता लोक जनशक्ति पार्टी के माध्यम से हाजीपुर निर्वाचन क्षेत्र से जीते थे (Chirag Political Career).
14 जून 2021 को, पशुपति कुमार पारस (Chirag’s Uncle) ने अपने भतीजे चिराग पासवान की जगह खुद को लोजपा के लोकसभा नेता के रूप में घोषित कर दिया. एक दिन बाद, चिराग ने अपने चाचा पशुपति कुमार पारस और चचेरे भाई प्रिंस राज सहित 5 बागी सांसदों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया .
27 फरवरी 2021 को, लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ₹ 1.11 लाख का दान दिया और कहा कि समाज के वंचित तबके के सभी लोगों का यह कर्तव्य है कि वे इस संबंध में आवाज उठाएं.
वे ‘चिराग का रोजगार’ नाम के एक एनजीओ (Chirag Paswan NGO) चलाते हैं, जो उनके राज्य, बिहार के बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए एक फाउंडेशन है.
इनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @iChiragPaswan है और फेसबुक पेज का नाम Chirag Paswan है.
नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक विरासत की बागडोर अगली पीढ़ी को सौंपने का फैसला किया और राज्यसभा जाने के निर्णय के बाद नीतीश ने अपने बेटे निशांत कुमार को अपना सियासी वारिस चुना. निशांत ने जेडीयू की सदस्यता भी ग्रहण कर ली है और जल्द ही बिहार के डिप्टीसीएम के तौर पर उनकी ताजपोशी भी हो जाएगी.
नीतीश कुमार के बिहार की सक्रिय राजनीति से दूर होने की सूरत में जेडीयू के भविष्य को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. जेडीयू नेता नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार में पार्टी का भविष्य देख रहे हैं - सवाल है कि क्या निशांत कुमार भी चिराग पासवान की तरह सफल होंगे, जबकि उनके पास अनुभव की कमी है.
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव है. विधायकों की संख्या के आधार पर 4 सीटें आसानी से एनडीए जीत लेगी और पांचवीं सीट के लिए अब मुकाबला रोचक होने वाला है. आरजेडी ने नंबर गेम में पीछे होने पर भी राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर सियासी हलचल बढ़ा दी है.
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में दलित वोटों को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है. मायावती ने जहां बीएसपी के अकेले दम पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है, चिराग पासवान सहित यूपी से बाहर के राजनीतिक दल भी अपनी अपनी संभावनाएं तलाश रहे हैं - और बीजेपी तो मैदान में डटी हुई है ही.
Bihar Budget Session के दौरान RJD विधायक कुमार सर्वजीत की टिप्पणी पर सदन में हंगामा. Ram Vilas Paswan को लेकर बयान से सत्ता पक्ष नाराज़, कार्यवाही प्रभावित.
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का कहना है कि लोग अपने स्वार्थ के लिए करते हैं ओछी हरकते.
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का कहना है कि कुछ नेता लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांटते हैं.
दिल्ली में एनडीए संसदीय दल की बैठक के दौरान कंगना रनौत और चिराग पासवान की मुलाकात सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है. दोनों ने 2014 की फिल्म 'मिले ना मिले हम' में साथ काम किया था और अब राजनीति में भी सक्रिय हैं.
आज गणतंत्र दिवस के मौके पर पूरा देश देश भक्ति में डूबा है. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और रागष्ट्रगान गाया.
चिराग पासवान का कहना है कि यह मामला पूरी तरह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है. सवाल यही है कि कांग्रेस के नेताओं का राहुल गांधी के साथ न जुड़ना क्यों हो रहा है. जब कांग्रेस राहुल गांधी वोट चोरी की बात करते हैं, तो वे यह भूल जाते हैं कि उनका जनाधार भी धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है. इस वजह से अब उनकी पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं का विश्वास उन पर और उनकी पार्टी से उठने लगा है.
चिराग पासवान का कहना है कि धार्मिक मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.
शंकराचार्य विवाद पर चिराग पासवान का कहना है कि मैं सनातन धर्म के प्रति विश्वास रखता हूं. मेरा मानना है कि धर्म गुरु और राजनेता जब एक दूसरे के क्षेत्र में हस्तक्षेप करते हैं तो इससे दोनों पक्षों को नुकसान होता है. धर्म गुरुओं को राजनीतिक मामलों से दूर रहना चाहिए और राजनेताओं को धर्म में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. धर्म और राजनीति दोनों का दायरा अलग होना चाहिए. जब दोनों का मिलाजुला हस्तक्षेप होता है तो स्थिति बिगड़ जाती है.
चिराग पासवान ने कहा कि हरियाणा जैसे राज्य कांग्रेस के हाथ से निकल गए. महाराष्ट्र में गठबंधन बनाकर सभी विचारधाराओं को ताक पर रखकर बीएमसी के चुनाव समेत महत्वपूर्ण जीत मिली है. इस हालात में राहुल गांधी और उनकी पार्टी के शीर्ष नेताओं को अब गहराई से मंथन करना होगा.
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने समस्त परिवार के साथ माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजरी लगाई. उन्होंने जम्मू में बीएसएफ मुख्यालय के रोजगार मेले में नियुक्ति पत्र बांटे. वहीं, दर्शन के बाद पासवान ने कहा कि आने वाले पांच साल बिहार के लिए स्वर्ण काल होंगे. उन्होंने धर्म और राजनीति को अलग रखने की बात कही और राहुल गांधी पर जनाधार खोने का आरोप लगाया.
LJP(R) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए बिहार सरकार में नीतीश कुमार के अहम भूमिका पर बात की है. उन्होनें कहा कि 2015 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के न होने पर राजद का पुनरुत्थान संभव नहीं था. 2020 में अगर विपक्ष एकजुट रहता और अलग चुनाव नहीं लड़ता तो राजद का पुनरुत्थान नहीं हो पाता.
चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव के वार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पलटवार किया है. उन्होनें कहा कि इस तरीके से जनादेश का अपमान करना ही इनके जनादेश चोरी का कारण बना है. कैसे यह वोट चोरी का कारण बनता है. जब किसी पार्टी को लोकतंत्र में जीत नहीं मिलती तो वे अक्सर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और निर्वाचन प्रणाली पर सवाल उठाते हैं.
चिराग पासवान ने कहा कि मैं पूरी उम्मीद करता हूँ कि आने वाले पांच साल बिहार के लिए एक स्वर्णिम युग साबित होंगे. इस दौरान डबल इंजन की सरकार से प्रदेश को अनेक लाभ होंगे. हम अपने लोगों द्वारा दिए गए संकल्पों को पूरा करने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे.
चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष की भूमिका लोकतंत्र में बहुत महत्वपूर्ण होती है. कोई भी खामोश रहकर लोकतंत्र की सही भूमिका निभा नहीं सकता. विपक्ष को सवाल पूछना चाहिए और जवाब चाहिए जो लोकतंत्र की खूबसूरती दर्शाता है.
चिराग पासवान ने SIR के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि ये मुद्दा देश में पहली बार नहीं उठाया गया है. पहले भी कई बार यह प्रक्रिया देश में अपनाई गई है और इसका आधार वही पुरानी प्रक्रिया है. पहले यह ऑनलाइन संभव नहीं था लेकिन अब इसे ऑनलाइन भी लागू किया गया है.
चिराग पासवान ने कहा कि जब कभी कोई चौकीदार चोर है कहता है या प्रधानमंत्री जी पर व्यक्तिगत आरोप लगाए जाते हैं, खासकर वोट चोरी जैसे शब्दों के जुड़ने से, विपक्षी दलों को इसका बड़ा नुकसान होता है. ये आरोप और बातें मुख्य रूप से विपक्ष की छवि को कमजोर करती हैं.
चिराग पासवान ने SIR पर विपक्ष के हंगामे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होनें विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि इनका जनाधार खत्म हो रहा है, इसी बात की इन लोगों को तकलीफ है. बिहार में हुए चुनावों के उदाहरण से पता चलता है कि जब तक ये लोग जनता के मुद्दों को सही तरीके से नहीं उठाएंगे, तब तक जनता इन्हें नकारती रहेगी.