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दिल्ली पुलिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचीं नेहा बोरा, 10 हजार के बॉन्ड नोटिस को चुनौती

AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस के कारण बताओ नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. पुलिस ने शांति बनाए रखने के नाम पर 10,000 रुपये का मुचलका और जमानत राशि जमा करने को कहा था, जिसे नेहा बोरा ने चुनौती दी है.

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नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस के नोटिस को रद्द करने की मांग की है. (File Photo-PTI)
नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस के नोटिस को रद्द करने की मांग की है. (File Photo-PTI)

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने दिल्ली पुलिस के कारण बताओ नोटिस के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है. दिल्ली पुलिस के नई दिल्ली जिला मजिस्ट्रेट के इस नोटिस में शांति बनाए रखने की आड़ में 10,000 रुपये का मुचलका और जमानत राशि जमा करने का निर्देश दिया गया था.

इस नोटिस के विरोध में नेहा बोरा ने याचिका दायर की है और इसे तुरंत रद्द करने की मांग की है. AISA के मुताबिक, नेहा बोरा की लीगल टीम दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग करेगी.

वकीलों की टीम (जिसमें अभीक चिमनी, प्रांजल अब्रोल, मोक्ष शामिल हैं) हाईकोर्ट के सामने इस मामले को पेश करेगी. साथ ही, वकीलों की टीम स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में भी पेश होकर इस नोटिस का जवाब देगी और कोर्ट को हाईकोर्ट में दी गई चुनौती के बारे में बताएगी.

आज ही SEM में पेशी का आदेश

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 18 अक्टूबर को नेहा बोरा को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/130 और धारा 135(3) के तहत एक नोटिस भेजा था. 17 अक्टूबर 2026 की तारीख वाले इस नोटिस में नेहा को 19 अक्टूबर दोपहर 2 बजे स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM), नई दिल्ली के सामने पेश होने का आदेश दिया गया था.

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नोटिस के जरिए उनसे मांग की गई थी कि वो 'जांच अवधि के दौरान शांति बनाए रखने के लिए' 10,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड और एक जमानतदार जमा करें. कानूनी सलाह लेने के बाद नेहा ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी. उनकी याचिका में तर्क दिया गया है कि ये नोटिस अस्पष्ट, तथ्यात्मक रूप से गलत और संविधान के आर्टिकल 19 और 21 का सीधा उल्लंघन है.

पुलिस सर्विलांस और डराने-धमकाने का आरोप

AISA ने सवाल उठाया है कि 16 अक्टूबर को हिरासत से रिहा होने के बाद से ही दिल्ली पुलिस के सादे कपड़ों में जवान नेहा का पीछा क्यों कर रहे हैं? संगठन ने पूछा, 'क्या किसी छात्रा और छात्र नेता को डराने-धमकाने के लिए पीछा करना दिल्ली पुलिस का नया प्रोटोकॉल बन गया है?'

शांतिपूर्ण विरोध को कुचलने की कोशिश: AISA

छात्र संगठन AISA का कहना है कि ये नोटिस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार को आपराधिक रूप देने की एक सोची-समझी कोशिश है. संगठन ने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनों को दबाने के लिए दिल्ली पुलिस लगातार BNSS की धारा 163 का गलत इस्तेमाल कर रही है.

यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को किया रिलीज, तिरंगा मार्च से पहले हुई थी डिटेन

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AISA ने अपने बयान में कहा, 'मोदी सरकार और दिल्ली पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रही है. SIR में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग की भूमिका को सामने लाने वाले छात्रों पर पुलिस और दक्षिणपंथी समूहों ने बर्बरता की है. अगर सच में किसी ने जनता की शांति भंग की है, तो वो गैर-कानूनी कदम उठाने वाली दिल्ली पुलिस है, जिसने 40,000 से ज्यादा अर्धसैनिक बलों की तैनाती की, मेट्रो स्टेशन और इंटरनेट बंद किए.'

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