स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision) भारत के चुनाव आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची (voter list) को अपडेट और शुद्ध करना होता है. “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” यह शब्द ना सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, बल्कि इसका सीधा असर मतदाताओं पर पड़ता है.
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision) एक प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) को अपडेट करता है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि वोटिंग के दिन सही और अपडेटेड जानकारी के साथ वोटर लिस्ट तैयार हो.
NVSP पोर्टल पर जाकर वोटर लिस्ट में अपना नाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. “Voter Helpline” ऐप से भी पता लगाया जा सकता है. स्थानीय BLO (Booth Level Officer) से संपर्क कर सकते हैं. साथ ही, सुधार/नामांकन के लिए Form-6, 7, 8 का उपयोग किया जा सकता है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे पर जबरदस्त उबाल देखने को मिला. ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की और SIR प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए. उनके साथ अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी के अलावा तीन ऐसे BLO के परिजन भी थे जिनकी मौत काम के दबाव की वजह से हुई बताई गई. इसके अलावा नौ ऐसे लोग भी डेलिगेशन में शामिल थे जो जीवित हैं लेकिन ड्राफ्ट सूची में उनके नाम मृत वोटरों के रूप में दर्ज कर दिए गए हैं. BLO के परिजन और मतदाताओं ने अपनी बात आयोग के सामने रखी. इस दौरान ममता बनर्जी बेहद आक्रोशित दिखीं और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली में चुनाव आयोग के ऑफिस में मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh कुमार से मुलाकात की बैठक के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर प्रक्रिया के कथित पीड़ितों के साथ चुनाव आयोग जाने की तैयारी के बीच दिल्ली के बंग भवन के बाहर भारी पुलिस तैनाती पर आपत्ति जताई. ममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस पर बंगाल से आए लोगों को डराने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि वे न्याय की मांग करने आए हैं, कोई आंदोलन नहीं कर रहे.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने पश्चिम बंगाल में चल रही SIR यानि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ रिट याचिका दायर की है.
दिलीप घोष का कहना है कि SIR पूरा होकर ही रहेगा.
सिर इलाके में हो रही गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस का एक डेलीगेशन मुख्य चुनाव अधिकारी से मिला. कांग्रेस ने बताया कि भाजपा के इशारे पर काम रोक दिया जा रहा है. साथ ही उन्होंने गलत फॉर्म 7 भरने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की. प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने इस मुद्दे पर आज तक से विशेष बातचीत में विस्तार से जानकारी दी। इस मुलाकात का मकसद चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और उत्पन्न हुए विवादों को सुलझाने का प्रयास था. कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की कि वे जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करें ताकि किसी भी तरह का मतदाता अधिकारों का उल्लंघन न हो.
इंडिया टुडे–सी वोटर के 'मूड ऑफ द नेशन' सर्वे में भारत में चुनावों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर सवाल पूछे गए. सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले भारत में चुनाव पर भरोसे में गिरावट दर्ज की गई है. जनवरी में 37 फीसदी लोगों ने कहा चुनाव स्वतंत्र नहीं होते.
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में SIR की समय सीमा बढ़ाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. बंगाल की तरफ से एडवोकेट कपिल सिब्बल ने मामूली कारणों से नोटिस भेजे जाने पर आपत्ति जताई. सुनवाई में चुनाव आयोग ने समय सीमा बढ़ाने का विरोध किया है.
संसद के बजट सत्र की बुधवार से शुरुआत हो गई. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सदन के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और विरासत से लेकर विकास का संदेश दिया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस बीच विपक्ष ने मनरेगा, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस और चुनाव आयोग स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर बताया कि SIR प्रक्रिया जल्द ही देश के शेष राज्यों में भी लागू की जाएगी. मौजूदा समय में 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR जारी है, जिसमें बिहार में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और असम में विशेष पुनरीक्षण चल रहा है.
अमर्त्य सेन ने आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान करने की इच्छा जताते हुए कहा कि वे जरूर वोट डालना चाहते हैं, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में मतदान की तारीख कब तय होती है. उन्होंने बताया कि हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर होने और ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज के पूर्व मास्टर होने के कारण उनकी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियां भी हैं.
उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कई स्थानों पर अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के मिलने की आशंका बनी थी, लेकिन वे अचानक गायब हो गए. यह संदेह और मजबूत हो गया है कि अवैध बांग्लादेशी प्रदेश में रह रहे हैं. इसी कारण कार्रवाई जारी है और लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में पुलिस ने दोबारा छानबीन की. इस दौरान वहां 55 बांग्लादेशी फरार पाए गए जिनका पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
बंगाल में SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के 49वें अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले के उद्घाटन में बताया कि SIR प्रक्रिया के कारण अब तक कम से कम 110 लोगों की मौत हो चुकी है.
चुनाव आयोग ने SIR को लेकर साफ किया है कि चुनाव में किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके तहत चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रखने और सभी सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं.
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची निरीक्षण (SIR) की समय-सीमा आगे बढ़ सकती है. चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन को देखते हुए अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की 14 फरवरी की तय तारीख पर पुनर्विचार कर रहा है. आयोग का कहना है कि समीक्षा के बाद ही तय होगा कि मौजूदा समय-सीमा बरकरार रहेगी या बदली जाएगी.
SIR में कथित गड़बड़ी को लेकर गुजरात कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि तीन दिनों में करीब 10 लाख फॉर्म 7 भरे गए, जिनके माध्यम से ड्राफ्ट सूची से नाम हटाने का षड्यंत्र रचा गया है. यह घटनाक्रम चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता की ओर इशारा करता है. कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग के खिलाफ सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन करेगी और इस मामले की जांच की मांग करेगी.
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के संबंध में अहम निर्देश जारी किए हैं. कोर्ट ने कहा कि ऐसे 1.36 करोड़ लोगों को नोटिस दिया गया है जिन्हें अपनी दावे और आपत्तियां जमा करने की अंतिम तिथि के बाद 10 दिन तक दस्तावेज प्रस्तुत करने की अनुमति होगी. न्यायाधीश सूर्यकांत और बागची ने यह स्पष्ट किया कि मतदाता अपने निकटवर्ती इलेक्टोरल ऑफिस या ग्राम पंचायत में साक्ष्य जमा कर सकते हैं.
शिवसेना उद्धव गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने SIR के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है लेकिन चुनाव आयोग के कामकाज को जिस तरह एक उपकरण बनाकर बीजेपी के पक्ष में इस्तेमाल किया जा रहा है वह स्थिति चिंताजनक है.
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी और बीजेपी के बीच शह-मात का खेल चल रहा है. ममता सरकार सवा करोड़ वोटर्स के नाम काटने को केंद्र के खिलाफ साजिश का नरेटिव सेट करना चाहती है. सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले, जिसमें वोट कटने वालों का नाम सार्वजिनक रूप से प्रदर्शित करने को कहा गया है टीएमसी सरकार इसे अपना जीत बता रही है. वास्तविकता क्या है इसे समझते हैं...
चुनाव आयोग ने गुरुवार रात बड़ा फैसला लेते हुए मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) की समय-सीमा बढ़ा दी. पश्चिम बंगाल, गोवा, लक्षद्वीप, राजस्थान और पुडुचेरी में SIR की प्रक्रिया अब 19 जनवरी तक चलेगी. इस फैसले से मतदाता विवरण में सुधार और छूटे नाम जोड़ने को और समय मिलेगा.
बंगाल में वोटर रिवीजन को लेकर ममता बनर्जी के तेवर बेहद सख्त हो गए हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त को SIR पर 5वीं चिट्ठी लिखने के बाद आज ममता बनर्जी ने यहां तक आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को बीजेपी ब्लैकमेल कर रही है. इस बीच बंगाल में हिंदुओं की घटती आबादी को भी बीजेपी मुद्दा बनाती हुई नजर आ रही है. बंगाल के चुनाव में वोट युद्ध होगा या धर्म युद्ध? देखें हल्ला बोल.