स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision) भारत के चुनाव आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची (voter list) को अपडेट और शुद्ध करना होता है. “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” यह शब्द ना सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, बल्कि इसका सीधा असर मतदाताओं पर पड़ता है.
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision) एक प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) को अपडेट करता है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि वोटिंग के दिन सही और अपडेटेड जानकारी के साथ वोटर लिस्ट तैयार हो.
NVSP पोर्टल पर जाकर वोटर लिस्ट में अपना नाम ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. “Voter Helpline” ऐप से भी पता लगाया जा सकता है. स्थानीय BLO (Booth Level Officer) से संपर्क कर सकते हैं. साथ ही, सुधार/नामांकन के लिए Form-6, 7, 8 का उपयोग किया जा सकता है.
अमित शाह ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को चुनौती दी कि CEC और SIR विवाद पर संसद में चर्चा कर ली जाए. उन्होंने कहा कि भाजपा के पास छिपाने को कुछ नहीं है और विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है. शाह ने हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली, पुडुचेरी, असम और बंगाल के नतीजे गिनाए. उनका कहना है कि हार के बाद विपक्ष अंपायर पर बेईमानी का आरोप लगा रहा है और वोट चोरी की बात कह रहा है.
विपक्ष 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली और प्रतीकात्मक संसद के जरिए एसआईआर पर सरकार को घेरेगा. जवाब में बीजेपी करीब 800 जिलों में पदयात्रा, जनसभा और जनसंपर्क के जरिए अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाएगी.
कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने 'SIR' पर दिए बयान पर सफाई दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्रक्रिया का समर्थन नहीं कर रहे, बल्कि कांग्रेस ने 'फॉर्म-7' के जरिए वोटर लिस्ट से नाम हटाने की बीजेपी की साजिश को नाकाम किया है. वह राहुल गांधी के साथ खड़े हैं.
केंद्र सरकार ने दिल्ली में CAPF की 270 कंपनियों की तैनाती 16 नवंबर तक बढ़ा दी है. गृह मंत्रालय ने INDIA ब्लॉक की 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली, संभावित प्रदर्शनों और त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया है. इस तैनाती को तीसरी बार बढ़ाया गया है.
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और नगालैंड के लिए वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समय सीमा तीसरी बार बढ़ा दी है.
कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हुई. उन्होंने बताया कि हटाए गए करीब एक करोड़ नाम मृत, दूसरी जगह जा चुके या एक से ज्यादा बार दर्ज लोगों के थे, जबकि उनकी आपत्ति दूसरे राज्यों में इसे लागू करने के तरीके पर थी.
दिल्ली की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में 47.5 लाख नाम हटाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मृत और स्थानांतरित मतदाताओं का स्पष्ट आंकड़ा मांगा है. अदालत ने पता बदलने या गणना फॉर्म नहीं भर पाने वालों को फॉर्म 6 के लिए मजबूर न करने को कहा.
कर्नाटक के भाजपा नेता अशोक ने राज्य चुनाव आयोग पर 20 करोड़ रुपये के मतदाता पहचान पत्र घोटाले का आरोप लगाते हुए 31 लाख अतिरिक्त कार्ड छापने का दावा किया. उन्होंने इसे जीबीए चुनाव में कथित गड़बड़ी से जोड़ते हुए सीबीआई जांच और गड़बड़ी नहीं होने पर कार्ड तुरंत बांटने की मांग की.
दिल्ली में वोटर लिस्ट के SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि पता बदलने वाले वोटरों को फॉर्म-6 भरने के लिए क्यों कहा जा रहा है. कोर्ट ने एन्यूमरेशन फॉर्म और फॉर्म-8 भरने का मौका देने को कहा. चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट लिस्ट की आखिरी तारीख बढ़ाने का भरोसा दिया.
सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला लिया गया है. 25 और 26 नवंबर को दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अगली सुनवाई 17 नवंबर 2026 को हो सकती है. इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच कर रही है. अदालत ने याचिकाकर्ताओं को जवाबी हलफनामे पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है.
सोशल मीडिया पर एक मीम खूब वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति कहता है, मायसेल्फ पुअर सर्वेंट. यह सुनकर दूसरा व्यक्ति जब 'पुअर सर्वेंट' को लेकर सवाल पूछता है, तो पहला व्यक्ति इसका मतलब 'गरीब दास' बताता है.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों को गलत बताया. उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में 10 लाख से ज्यादा बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने काम किया और 95 करोड़ मतदाताओं की पहचान की गई. उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया.
कर्नाटक में चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की है, जिसमें लगभग 1.08 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. ये नाम हटाना एन्यूमरेशन फॉर्म न जमा करने के कारण हुआ है. वहीं, चुनाव आयोग ने 61,867 मतदाताओं को अयोग्य घोषित किया है.
Supreme Court Writ Petition Hearing Updates: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के कामकाज को चुनौती देने वाली करीब तीन दर्जन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है. इनमें SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून पर सवाल उठाए गए हैं.
एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली और BJP का देशव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर सियासी जंग को तेज कर रहे हैं.
मेघालय में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है. इसमें 21,83,963 मतदाता दर्ज हैं, जबकि पहले राज्य में 23,49,645 वोटर थे. चुनाव आयोग के मुताबिक, प्रक्रिया के दौरान 1,65,682 नाम हटाए गए.
महाराष्ट्र की मतदाता सूची के एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग समेत चार पक्षों से जवाब मांगा है. अदालत की सुनवाई 5 नवंबर को होगी, जहां नाम हटाने और सूची में कथित गड़बड़ियों के आरोपों पर विचार किया जाएगा.
कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर ECINET सॉफ्टवेयर की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया. कांग्रेस ने कहा कि यह जानकारी इसलिए छुपाई जा रही है क्योंकि इससे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में हुई हेराफेरी का पर्दाफाश हो सकता है.
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर देश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं. संसद द्वारा पारित कानून के तहत चुनाव आयुक्त की चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश को बाहर कर दिया गया है. अब इस समिति में प्रधानमंत्री, उनके द्वारा नामित एक केंद्रीय मंत्री और विपक्ष के नेता शामिल हैं. विपक्षी दलों और विश्लेषकों का आरोप है कि यह व्यवस्था लोकतांत्रिक संतुलन को बिगाड़ती है, क्योंकि इसमें सरकार के पास स्पष्ट बहुमत होता है. सवाल है क्या लोकतांत्रिक ढांचे में जनादेश बड़ा है या जन आंदोलन? देखें राउंडटेबल.
यूपी चुनाव में 'वोट चोरी' और चुनाव आयोग बड़ा मुद्दा बनता नजर आ रहा है. लेकिन अब इस मुद्दे पर सियासत के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. जिसमें अब घुसपैठिए की एंट्री हो चुकी है. कैसे SIR से शुरू हुई लड़ाई घुसपैठिए तक पहुंची, देखें विशेष.