नेहा बोरा (Neha Bora) एक छात्र कार्यकर्ता है. वह ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर काम कर रही है. नेहा मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा की रहने वाली है. उनके पिता भारतीय सेना में थे. नेहा थिएटर आर्टिस्ट भी है.
उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने अंबेडकर यूनिवर्सिटी से एमए किया. फिलहाल वह जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी यानी जेएनयू के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स से पीएचडी कर रही है. उनकी पीएचडी असिस्टेंट प्रोफेसर ब्रह्म प्रकाश के मार्गदर्शन में चल रही है.
नेहा बोरा साल 2026 में दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान चर्चा में आई. इन प्रदर्शनों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी. यह मांग पेपर लीक और नीट परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर उठाई गई थी.
नेहा ने सोनम वांगचुक के साथ दिल्ली में 23 दिन तक भूख हड़ताल की.
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी है. छात्रों के समर्थन में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा रांची पहुंचीं. इसी दौरान AISA ने विधानसभा तक मार्च निकाला, जहां हंगामे के बीच नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की बात सामने आई है.
रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में निकले AISA के विधानसभा मार्च के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना सामने आई. छात्र आंदोलन 14वें दिन भी जारी है और अभ्यर्थी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर, भूख हड़ताल पर बैठे कुछ स्टूडेंट्स की तबीयत भी बिगड़ने की खबर है, जिनमें एक स्टूडेंट को अस्पताल ले जाया गया.
रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
जंतर मंतर पर तो आप प्रोटेस्ट में सबसे आगे थीं, यहां भूख हड़ताल भी की थी. अब रांची में क्यों नहीं दिख रहीं. यहां भी छात्रों का मुद्दा है तो आप वहां क्यों नहीं पहुंची.... बीते कुछ दिनों से लगातार कॉकरोच जनता पार्टी के साथ-साथ जेएनयू की रिसर्च स्कॉलर और AISA की नेशनल प्रेसीडेंट नेहा बोरा से लोग यही सवाल पूछ रहे हैं. नेहा बोरा ने aajtak.in से बातचीत में इन सब सवालों के जवाब दिए.
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. छात्रों को नेहा वोहरा, अभिजीत दिपके और कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार जैसे कई चर्चित व्यक्तियों का समर्थन मिला है.