नेपाल में भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच एक संकरे रास्ते पर भागते कुछ लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. उनके पीछे-पीछे पानी तेजी से बहता हुआ आ रहा है. ये वीडियो किसी पहाड़ी इलाके का है और काफी ऊंचाई से बनाया गया है.
फेसबुक से लेकर एक्स तक ये नेपाल का बताकर शेयर हो रहा है. एक फेसबुक यूजर ने इसे पोस्ट करते हुए लिखा, 'Hollywood की फिल्मों में ही ऐसे सीन देखे हैं- आगे आगे अपनी जान बचाने के लिए भागते लोग और पीछे पीछे अजगर जैसा निगल जाने को तैयार पीछा करता पानी.'

दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी टीवी और न्यूज 18 तमिलनाडु ने भी इस वीडियो को नेपाल बाढ़ के संदर्भ में शेयर किया. आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो नेपाल का नहीं, यमन का है.
कैसे पता चली सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें पता लगा कि इसे एक फेसबुक यूजर ने 4 अगस्त, 2026 को पोस्ट किया था. उसने अरबी भाषा में कैप्शन लिखा था जिसका हिंदी अनुवाद है, "याफा में हुई आज की बारिश का वीडियो. ये एक ऐसा दृश्य है जो आंखों को सुकून देता है और निर्जीव भूमि में जान फूंक देता है. साथ ही, ये लोगों में उम्मीद की किरण भी जगाता है." याफा, यमन का एक पहाड़ी क्षेत्र है.
इस फेसबुक यूजर ने वायरल वीडियो से मिलती-जुलती जगह के और भी कई वीडियो शेयर किए हैं. 4 अगस्त को उन्होंने इस तरह के नौ वीडियो शेयर किए और ज्यादातर पोस्ट्स में बारिश के लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा किया.
अल जजीरा की 27 जून, 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक यमन पिछले कई महीनों से सूखे का प्रकोप झेल रहा था.
यमन की न्यूज वेबसाइट 'Aden Al-Ghad' की 3 अगस्त, 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, 2 अगस्त, 2026 को हुई तेज बारिश के चलते यमन के सब्बाह जिले में स्थित कॉफी बागानों की सिंचाई में काफी मदद मिली. ये बागान Al-Arqa और Tasa इलाकों में हैं. इन इलाकों में यमन की मशहूर Yafei कॉफी की खेती होती है.
नेपाल से भी सामने आया है एक ऐसा वीडियो
27 अगस्त को ये खबर लिखे जाने तक नेपाल की विकराल बाढ़ के चलते 350 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और 900 से भी ज्यादा लोग लापता हैं. इस त्रासदी के बाद नेपाल से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ मजदूरों को तेजी से आते पानी के सैलाब के आगे-आगे भागते हुए देखा जा सकता है.
साफ है, यमन का एक पुराना वीडियो अब नेपाल बाढ़ का बताकर शेयर किया जा रहा है.