समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ के जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को निजी हाथों में दिए जाने को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि 'कमीशन ही भाजपा का मिशन है' और भाजपा सार्वजनिक संपत्तियों का निजीकरण कर रही है.
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि लखनऊ के JPNIC को 831 करोड़ रुपये में निजी हाथों में बेच दिया गया है और निजी कंपनी इससे केवल पार्किंग के जरिए ही इससे अधिक कमाई कर सकती है. उन्होंने कहा कि जनता अब कहने लगी है, 'जो लूटे जनता की कमाई, वो भाजपाई!'
अखिलेश यादव ने इसके साथ ही कई अन्य सार्वजनिक संपत्तियों और परियोजनाओं का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार की निजीकरण नीति पर सवाल उठाए. उन्होंने ऐतिहासिक इमारत छतर मंजिल, शान-ए-अवध, लखनऊ के बस स्टैंड, जनेश्वर मिश्र पार्क के कार्यक्रम लॉन की बुकिंग, रिवर फ्रंट के आंशिक हिस्से और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल ठेके को भाजपा की कथित 'निजीकरण की भ्रष्ट नीति' का शिकार बताया.
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अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि किसान बाजार के साथ भी इन्होंने यही किया. उन्होंने कहा कि किसान बाजार में भी शानदार जगह बनाई गई थी. इन लोगों ने होटल के रूप में उसे भी अपने स्वजातीय लोगों को बेच दिया. ऊंची सी बिल्डिंग दिखती होगी. अखिलेश यादव ने कहा कि जो किसान बाजार के साथ किया, वही अब जेपीएनआईसी के साथ भी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जेपी बेच दिया है.
अखिलेश ने कहा कि आप जेपीएनआईसी देख रहे हैं, जब इसका शिलान्यास हुआ था तब नेताजी मौजूद थे. उस समय जो सपना देखा था, जो नेताओं ने कहा था कि जय प्रकाश नारायण से लोग जो एसोसिएट करते हैं, इमारत उनको लेकर मैसेज दे. उन्होंने कहा कि युवाओं को जगाने का काम किया था. उनकी संपूर्ण क्रांति ने देश में बदलाव लाने का काम किया था.
सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का बस चले तो वह खुद भाजपा को भी बेच दे, लेकिन पार्टी की इतनी बदनामी हो चुकी है कि अब उसका कोई खरीदार नहीं मिलेगा.
पूर्व सीएम अखिलेश ने आरोप लगाया कि दिल्ली का बड़ा इंजन बड़ी चीजें बेच रहा है और यूपी का छोटा इंजन छोटा बेच रहा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी बीजेपी सरकार नहीं दुकानदार है. यह सरकार नहीं चला रहे हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि कोई खरीदार नहीं मिल रहा, वरना ये बीजेपी को ही बेच दें. उन्होंने कहा कि समय आने पर जिन अधिकारियों ने यह बड़ा घपला किया है, उनकी जांच होगी.