कहते हैं चमकते सितारे को हर कोई सलाम करता है. शोबिज में भी बिल्कुल ऐसा ही है. हिट स्टार्स को हर कोई भुनाना चाहता है. उन्हें बार-बार रियलिटी शोज में टीआरपी के लिए लाया जाता है. टीवी शोज की दुनिया में अब इस ट्रेंड ने रफ्तार पकड़ ली है. इसका हालिया एग्जांपल सिंगिंग के सबसे बड़े शो इंडियन आइडल 17 के अनाउंसमेंट वीडियो से मिलता है. सीजन 17 लेजेंड्स स्पेशल होने वाला है.
कुछ ऐसा होगा जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी. आइडल के अब तक के स्टार्स को सिंगिंग शो में लाकर मेकर्स ने बड़ा दांव खेला है. इसे इंडियन आइडल का सबसे बड़ा सीजन कहा जा रहा है. शो की टैगलाइन है... सिर्फ एक बार जीतना काफी नहीं होगा. बार-बार जीतना पड़ता है.
नए खिलाड़ी आउट, लेजेंड्स की एंट्री
लेजेंड्स के कमबैक को लेकर हुई इस स्पेशल अनाउंसमेंट ने फैंस की एक्साइटमेंट को पीक पर ला दिया है. हिमेश रेशमिया जज पैनल पर बैठेंगे. बाकी जजों और कंटेस्टेंट्स का अभी खुलासा नहीं हुआ है. यूजर्स का मानना है कि सीजन 17 सबसे बेस्ट और लेजेंडरी होने वाला है. ये शो इस बार टीआरपी के सारे रिकॉर्ड्स तोड़ देगा. नए टैलेंट को दरकिनार कर पुराने धुरंधर सिंगरों को साथ लाने की मेकर्स की ये ट्रिक कितनी कारगर साबित होगी, ये तो वक्त ही बताएगा. लेकिन इससे पहले जानते हैं इंडियन आइडल से पहले कौन से शोज पुराने खिलाड़ियों को वापस लाने का ट्विस्ट ला चुके हैं.
इन शोज ने फॉलो किया ट्रेंड
इसके लिए ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है. स्टंट शो खतरों के खिलाड़ी 15 में पुराने स्टार्स को लाने का दांव चला गया है. नए खिलाड़ियों के साथ पुराने सीजन्स के हिट स्टार्स को शो में लाया गया. इनमें रुबीना दिलैक, करण वाही, ऋत्विक धनजानी, विशाल आदित्य सिंह, जैस्मिन भसीन और अविका गौर का नाम शामिल है. ओल्ड बैच एंड न्यू बैच के कॉन्सेप्ट ने शो को लेकर यकीनन बज क्रिएट किया. शो को लॉयल ऑडियंस के अलावा नए खिलाड़ियों का फैनबेस भी मिला. लेकिन खतरों के खिलाड़ी इकलौता ऐसा शो नहीं है. बिग बॉस में भी कई दफा ये ट्विस्ट फेंका गया है.
सलमान खान के शो में कई दफा टीआरपी के लिए कंटेस्टेंट्स को रिपीट किया गया है. कभी वो चैलेंजर बनकर आए तो कभी खिलाड़ी या फिर कभी ये स्टार्स हफ्ते भर के लिए जोश हाई करने आए. रश्मि देसाई, देवोलीना भट्टाचार्जी, राखी सावंत, हिना खान, गौहर खान, सिद्धार्थ शुक्ला, अब्जू रोजिक का नाम इसमें शामिल है. रियलिटी शोज में स्टार्स के रिपीट होने का ये ट्रेंड कितना लाभकारी है, इसके क्या मायने हैं, चलिए जानते हैं...
लेजेंड्स को रिपीट करने की क्या वजहें?
नॉस्टैल्जिया फैक्टर
आजकल फिल्मों से लेकर टीवी तक... हर जगह नॉस्टैल्जिया फैक्टर का ट्रेंड चल पड़ा है. ये टर्म ऑडियंस में एक साथ कई इमोशंस को पैदा करता है. एक्साइटमेंट के साथ उन्हें इमोशनल करता है. पुराने हिट शोज के आइकॉनिक स्टार्स को फिर से मंच या स्क्रीन पर देखना फैंस का दिल छू लेता है. मेकर्स आजकल इस इमोशंस को धड़ल्ले से बेच रहे हैं. नॉस्टैल्जिया फैक्टर पब्लिक के लिए ट्रीट बनकर उभरा है.
लेजेंड्स का फैंडम
जब किसी शो में नए स्ट्रगलिंग खिलाड़ी आते हैं तो उनका फैनबेस तैयार होने में टाइम लगता है. शो और चैनल को भी इसका फायदा इंस्टैंट नहीं होता. जबकि पुराने हिट स्टार्स के साथ उनका पूरा फैंडम शो के साथ जुड़ता है. शो को इंस्टैंट क्लिक मिलता है. शो का तगड़ा प्रमोशन भी हो जाता है. लेजेंड्स के नाम पर शो को धमाकेदार स्टार्स मिलता है.
गारंटेड टीआरपी
अब धुरंधर खिलाड़ी होंगे तो टीआपरी तो छप्परफाड़ मिलेगी ही. हर दर्शक अपने फेवरेट सितारे को स्क्रीन पर देखने को आतुर रहता है. बीते सालों में उसमें क्या बदला, अब उसकी पर्सनैलिटी कैसी है.. ये जानने को लोग उत्सुक रहते हैं. इसलिए शो की स्टार्टिंग टीआरपी तगड़ी होती है. पुराने धुरंधर खिलाड़ी शो को व्यूअरशिप और रेटिंग में सुपर डुपर रिजल्ट देते हैं.
अब तक जिस भी शो में पुराने खिलाड़ियों के कमबैक का पैटर्न दिखा है, ये हिट रहा है. अब देखना होगा इंडियन आइडल 17 के लिए ये एक्सपेरिमेंट कितना फायदेमंद होता है.