उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिला कारागार में देर शाम को पॉक्सो एक्ट, छेड़खानी और अपहरण जैसे गंभीर आरोपों में कैद एक 21 साल के विचाराधीन कैदी ने बैरक के पीछे नीम के पेड़ पर बेडशीट का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया. जेल अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों और स्थानीय पुलिस को इसकी घटना की सूचना दी.
मृतक कैदी की पहचान बाराबंकी जिले के पुरवा मजरे सुबेहा निवासी अमित कुमार उर्फ बड्डे यादव उम्र 21 साल के रूप में हुई है. जिला जेल प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अमित कुमार सुल्तानपुर जेल के बैरक नंबर 3 में बंद था. बुधवार की रात लगभग 8:30 बजे उसने बैरक में बिछाने वाली बेडशीट को फाड़ा और बैरक के ठीक पीछे स्थित पेड़ नंबर 403 पर ले जाकर फंदा डाल दिया. इसके बाद वह उसी फंदे पर लटक गया.
बताया जा रहा है कि कुछ कैदियों की नजर जब पेड़ पर लटके शव पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाया और सूचना जेल के सुरक्षाकर्मी और अधिकारी को दी. जबतक सुरक्षाकर्मी और अधिकारी मौके पर पहुंचे तब तक कैदी की मौत हो चुकी थी. जेल अधीक्षक की सूचना पर सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह, कोतवाली नगर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच कि और उससे जुड़े कुछ सबूत इकट्ठे किए. सीढ़ी लगाकर शव को पेड़ से नीचे उतारा गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मामला आत्महत्या जैसा प्रतित हो रहा है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जेल प्रशासन से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है.
मृतक अमित कुमार को अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने की पुलिस ने 31 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था. उस पर आरोप था कि उसने 27 अगस्त को एक गांव की 16 साल की बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था. पीड़िता की मां की शिकायत करने पर पुलिस ने अपहरण, छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था. जहां से न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया था. जानकारी के अनुसार कैदी के खिलाफ यह पहला मामला नहीं था. इससे पहले 27 अप्रैल को भी पीड़िता की मां ने अमित कुमार के विरुद्ध छेड़छाड़ समेत अन्य गंभीर धाराओं में जगदीशपुर थाने में केस दर्ज कराया था. पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था. फिलहाल कैदी की मौत के बाद परिजनों को सूचना दे दी गई है. जेल में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए है.