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चकाचौंध की जिंदगी छोड़ प्रेमानंद महाराज की सेवा-साधना में लगी इंफ्लुएंसर, कुटिया में जी रही सादा जीवन

कभी बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के साथ काम करने वाली और लग्जरी लाइफ जीने वाली स्वाति मिश्रा ने अचानक सब कुछ छोड़ दिया. दुबई की नौकरी, सोशल मीडिया फेम और ग्लैमर की दुनिया छोड़ अब वो वृंदावन में गुरुजी की सेवा और भक्ति में जीवन बिता रही हैं.

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पहले लग्जरी लाइफ, अब साधना और सेवा, बॉलीवुड की चमक छोड़ भक्ति में रम गई स्वाति (Photo: Screengrab)
पहले लग्जरी लाइफ, अब साधना और सेवा, बॉलीवुड की चमक छोड़ भक्ति में रम गई स्वाति (Photo: Screengrab)

कभी दुबई, मुंबई और ग्लैमर की दुनिया में रहने वाली स्वाति मिश्रा आज वृंदावन की गलियों में साधना और सेवा का जीवन जी रही हैं. सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स, सेलिब्रिटीज का मैनेजमेंट, लग्जरी लाइफ और फिल्म इंडस्ट्री की चमक-दमक छोड़कर उन्होंने अब अपना जीवन गुरु सेवा और भक्ति को समर्पित कर दिया है.

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स्वाति मिश्रा, जिन्हें अब ‘वृंदानी सहचरी’ के नाम से जाना जाता है, ने एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी का ऐसा सफर बताया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. उन्होंने बताया कि वो झांसी की रहने वाली हैं, लेकिन पिछले 5 साल से वृंदावन में रह रही हैं.

उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब वो दुबई और मुंबई में बड़े-बड़े ब्रांड्स और बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के साथ काम करती थीं. उनका काम सेलिब्रिटी मैनेजमेंट और पीआर संभालना था. टिकटॉक और इंस्टाग्राम पर भी उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग थी. स्वाति ने बताया कि उनकी जिंदगी पूरी तरह लग्जरी से भरी हुई थी. उन्होंने कहा- 10 साल तक मैंने घर पर बाल तक नहीं धोए. मेरा पर्सनल हेयर स्टाइलिस्ट और ड्रेस डिजाइनर था. पूरी लाइफस्टाइल एकदम लग्जरी थी. बिजनेस क्लास में सफर करती थी.

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उन्होंने बताया कि दुबई में उनकी नौकरी भी लग चुकी थी और सब कुछ सेट था. लेकिन तभी सोशल मीडिया पर पहली बार गुरुजी का वीडियो सामने आया. शुरुआत में उन्होंने वीडियो स्क्रॉल कर दिया, लेकिन बार-बार वही वीडियो सामने आने लगा. स्वाति के मुताबिक, मुझे समझ नहीं आया कि ऐसा क्यों हो रहा है. फिर मैंने गुरुजी के वीडियो देखना शुरू किया. उसके बाद लगा कि एक बार वृंदावन जाकर दर्शन करके आती हूं.

गुरुजी के एक दर्शन ने बदल दी जिंदगी, छोड़ा दुबई का काम

गुरु पूर्णिमा के समय वो वृंदावन पहुंचीं. उन्होंने बताया कि पहली बार गुरुजी के दर्शन करते ही उनकी पूरी जिंदगी बदल गई. उन्होंने कहा- ऐसा लगा जैसे सब कुछ बदल गया. फिर ना दुबई जा पाई, ना वापस पुरानी जिंदगी में लौट पाई. बस वृंदावन ही अपना घर लगने लगा. स्वाति ने ये भी बताया कि शुरुआत के दिन आसान नहीं थे. 

एक साल तक उन्होंने काफी संघर्ष देखा. परिवार वाले भी परेशान रहते थे, लेकिन उन्होंने भरोसा नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा- गुरुदेव ने कभी किसी के सामने हाथ फैलाने की नौबत नहीं आने दी. जैसे-तैसे हर व्यवस्था होती गई.

शादी टूट गई लेकिन वृंदावन नहीं छोड़ा

स्वाति ने अपने टूटे रिश्ते का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उनका रिश्ता तय हो चुका था, लेकिन जब सामने वाले परिवार को पता चला कि वो वृंदावन में रहकर संतों और गुरुजी की सेवा करती हैं, तो उन्होंने साफ कह दिया कि शादी के बाद वो वृंदावन नहीं जा पाएंगी. इस पर स्वाति ने रिश्ता खत्म कर दिया. उन्होंने कहा- अनंत जन्मों के बाद गुरुदेव मिले हैं, अब वृंदावन नहीं छोड़ सकती.

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आज स्वाति वृंदावन में साधारण जीवन जी रही हैं. वो रोज गुरुजी के दर्शन करती हैं, सेवा करती हैं और साथ में सोशल मीडिया पर भी थोड़ा-बहुत काम संभालती हैं. स्वाति ने कहा- पहले हमेशा डर लगा रहता था कि अगर काम चला गया तो क्या होगा. आज कुछ नहीं है, फिर भी डर नहीं है. क्योंकि भरोसा गुरुदेव पर है. स्वाति ने वैवाहिक जीवन को लेकर भी बात की, और कहा कि- जब लिखा होगा, जिसे जीवन में आना होगा आ जाएगा. वरना गुरु का सहारा तो है ही.

स्वाति का मानना है कि वृंदावन का असर ही अलग होता है. एक बार जो यहां आ जाए और संतों की शरण में चला जाए, उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है.

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