श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज, प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) के नाम से जाना जाता है. वह एक हिंदू आध्यात्मिक गुरु, संत और दार्शनिक हैं. वे राधा कृष्ण के उपासक हैं. उनका आश्रम वृंदावन में श्री हित राधा केलि कुंज है. प्रचार से दूर रहने प्रेमानंद अपने आम भक्तों और सेलिब्रिटी भक्तों में बिना भेदभाव किए एक जैसा व्यवहार करते हैं जिसके लिए वह हमेशा सोशल मीडिया पर छाए रहते हैं.
उनके सत्संग और निजी वार्तालाप उनकी सादगी और आध्यात्मिक सूक्ष्मता के लिए जाने जाते हैं. प्रेमानंद महाराज राधावल्लभ संप्रदाय से संबंधित हैं.
प्रेमानंद महाराज का जन्म 1972 में कानपुर के पास सरसौल ब्लॉक के अखरी गांव में हुआ था. प्रेमानंद महाराज का पुराना नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था. उनकी मां का नाम श्रीमती रमा देवी और पिता का नाम शंभू पांडे था. 13 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना पैतृक घर छोड़ दिया और संन्यास ले लिया.
एक्टर गजेंद्र चौहान महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाकर घर-घर पॉपुलर हो गए थे. उन्होंने कई मूवीज में भी काम किया, लेकिन असली पहचान महाभारत शो ने ही दी.
Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने बताया कि भगवान का नाम जप हर अवस्था में किया जा सकता है, जबकि गुरु मंत्र के जप के लिए शास्त्रों में अलग नियम बताए गए हैं.
प्रेमानंद महाराज से एक महिला ने पूछा कि क्या बिस्तर पर बैठकर नाम जप करना उचित होता है या नहीं. इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हां ऐसा किया जा सकता है.
Premanand Maharaj: गजेन्द्र चौहान, जिन्हें महाभारत धारावाहिक में धर्मराज युधिष्ठिर की भूमिका के लिए आज भी याद किया जाता है, हाल ही में प्रेमानंद महाराज जी से मिलने पहुंचे. उनकी मुलाकात और बातचीत का वीडियो लोगों को खूब पसंद आ रहा है.
Premanand Maharaj : सुबह उठते ही सबसे पहले क्या करना चाहिए? क्या योग से पहले स्नान ज़रूरी है या सीधे व्यायाम करना सही होता है? सही मॉर्निंग रूटीन कौन-सा है, जो शरीर और मन दोनों को पूरे दिन ऊर्जावान रखे. प्रेमानंद महाराज का ये नियम सारे सवालों के जवाब देता है.
Premanand Ji Maharaj:मंदिर जाना तभी सच में काम आता है, जब इंसान का मन साफ हो और वह अच्छे काम करता हो. अगर दिल में सच्ची श्रद्धा हो और व्यवहार सही हो, तभी भगवान की पूजा का सही फल मिलता है और ईश्वर की कृपा बनी रहती है.
प्रेमानंद जी महाराज ने अपने प्रवचन में बताया कि जिनके आचरण और विचार गलत होते हैं वो कितनी भी पूजा करें या कितने ही मंदिरों के दर्शन कर लें उन्हें उसका पुण्य नहीं मिलता.
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दरबार में भक्त अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं. कुछ दिन पहले ही में एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज से पूछा कि वो कौन सी क्रीम लगाते हैं, जिससे चेहरे पर सूर्य जैसा तेज दिखाई देता है.
Premanand Maharaj: भारत 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, जिसमें भव्य परेड के माध्यम से देश की प्रगति, सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विविधता प्रदर्शित की जा रही है. इसी को लेकर मथुरा-वृंदावन के प्रेमानंद महाराज का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे राष्ट्र प्रेम और बलिदान की गहरी भावना व्यक्त कर रहे हैं.
प्रेमानंद महाराज ने राष्ट्र प्रेम और बलिदान पर गहरी बात कही है उन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रेम केवल नारे लगाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि ये वो भावना है जो इंसान को अपने प्राणों से भी ऊपर देश को रखने की प्रेरणा देती है, सच्चे देशभक्त वही हैं
वृंदावन के प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने सच्ची ताकत की परिभाषा बताई है. उनका कहना है कि अंडा-मांस खाने से ताकत मिलना केवल एक भ्रम है. इसमें उन्होंने सृष्टि के पांच मुख्य तत्व शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गंध का महत्व भी बताया है.
प्रेमानंद महाराज ने बताया कि सिर्फ मंदिर जाना सच्ची भक्ति नहीं है. अगर व्यक्ति का आचरण और चिंतन शुद्ध नहीं है, तो पूजा का कोई लाभ नहीं मिलता. नाम जप, सही व्यवहार और शुद्ध विचार ही इंसान को सच्ची आध्यात्मिक शांति दिलाते हैं.
अगर कोई आपकी मेहनत की कमाई छीन ले तो कैसे रहें शांत? Vrindavan के Premanand Maharaj ने भक्त को कर्म, क्षमा और विवेक से जुड़ा गहरा spiritual जवाब दिया.
Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज ने जीवन में सुख, सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए भजन, भोजन, खजाना और यारी को निजी रखने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि अपनी दिनचर्या और भजन को भी गुप्त रखना चाहिए ताकि जीवन में स्थिरता बनी रहे.
Premananad Maharaj And Neem Karoli Baba: प्रेमानंद महाराज ने नीम करोली बाबा की शिक्षाओं को जीवंत करते हुए बताया कि गुरु का स्थान हमारे हृदय में होना चाहिए. यदि गुरुदेव प्रगट न हों तो हमें उनका स्मरण कर नामजप करना चाहिए.
Premanand Maharaj ने बताया Neem Karoli Baba से जुड़ने का सरल तरीका. Guru स्मरण और naam jap से कैसे पहुंचे मन की बात.
Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज और कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय के बीच वृंदावन में हुई वार्ता में ठाकुर जी के विवाह की परंपराओं और रस्मों का वर्णन किया गया. आगे महाराज जी ने भक्ति में अपनापन और प्रेम की महत्ता पर जोर दिया, बताया कि भक्ति में नियम से अधिक भाव और प्रेम महत्वपूर्ण है.
प्रेमानंद जी महाराज से एक महिला भक्त ने बहुत ही दिलचस्प सवाल किया और उन्होंने जानना चाहा कि गलती और पाप में वास्तविक अंतर क्या होता है
Premanand Maharaj:जब हम मान लेते हैं कि हमसे गलती हुई है और उसे सुधारने की कोशिश करते हैं, तो भगवान हमारा साथ देते हैं. प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि भगवान का नाम जपने और कीर्तन करने से मन साफ होता है. इससे दिल को शांति मिलती है.
Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज अपने यहां आने वाले भक्तों को केवल आध्यात्मिक ज्ञान ही नहीं देते बल्कि उनके सवालों का भी जवाब देते हैं. कुछ समय पहले एक भक्त ने उनसे पूछा था कि घर में पूजा करने और मंदिर में पूजा करने में क्या अंतर है. इस पर प्रेमानंद महाराज ने भक्त को जो जवाब दिया, वो आपको जरूर सुनना चाहिए.
Premanand Maharaj Teachings: वृंदावन के प्रेमानंद महाराज ईश्वर नाम जप के अलावा भक्तों की शंकाओं का समाधान करने के लिए भी जाने जाते हैं. एक भक्त ने उनसे पूछा कि क्या वाकई 'बुरी नजर' जैसी कोई चीज होती है या यह केवल हमारे मन का एक वहम है?