आमिर खान की फिल्मों में काम कर चुके एक्टर प्रदीप रावत का निधन हो चुका है. 4 अगस्त 2026 को उन्होंने 74 साल की उम्र में अपनी अंतिम सांस ली. वो लंबे समय से ब्लड कैंसर के कारण बीमार थे. उनका जाना पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए दुखद है. प्रदीप रावत आखिरी बार बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर छावा में नजर आए थे.
लगान में सिख बनकर छाए थे
प्रदीप रावत को वैसे हिंदी ऑडियंस गजनी में विलेन के रोल से पहचानती होगी. मगर जो असली फिल्मी प्रेमी हैं, उन्हें वो लगान फिल्म में एक सिख फौजी देवा सिंह सोढ़ी के रोल से भी जानते होंगे. ये वो किरदार था जो अपनी तेज गेंदबाजी और धुआंधार बल्लेबाजी से अंग्रेजों को धूल चटाने की काबिलियत रखता था. प्रदीप रावत ने ये रोल बखूबी निभाया था.
फिल्म लगान में देवा का रोल पहले मुकेश ऋषि को ऑफर हुआ था, जो तब के जमाने के सबसे मशहूर विलेन थे. लेकिन ये किरदार वो अपने बिजी शेड्यूल के चलते नहीं कर पाए. कुछ समय पहले प्रदीप रावत ने सिद्धार्थ कन्नन संग बातचीत में बताया था कि उनकी झोली में लगान फिल्म कैसे आई. इसका एक मजेदार किस्सा था, जिसे उन्होंने अपने अंदाज में सुनाया.
मुकेश ऋषि ने क्यों छोड़ी थी लगान?
प्रदीप रावत ने कहा था- मुकेश ऋषि जी पहले से ही साउथ की 6 फिल्मों में बिजी चल रहे थे. उस वजह से वो लगान के लिए डेट मैनेज नहीं कर पा रहे थे, जिसके बाद उन्हें वो फिल्म छोड़नी पड़ी थी. उनके फिल्म छोड़ने के बाद मैं फिल्म के लिए अगली पसंद था. इससे पहले मैंने सरफरोश में आमिर के साथ काम किया था और उन्होंने ही मुझे पसंद किया था.
'लगान में रोल ऑफर करने के लिए आमिर ने मुझे आधी रात में फोन किया था. वो फोन मेरी बहन ने उठाया था और उसे यकीन नहीं हो रहा था कि आमिर ने फोन किया है. उसने आमिर से फोन पर कहा कि क्यों बदमाशी कर रहे हो? फिर उन्होंने (आमिर) कहा कि मैं वाकई आमिर खान बोल रहा हूं.'
प्रदीप रावत ने आगे बताया था कि आमिर से बात करने के बाद, उनकी बहन ने सरफरोश के राइटर उमाशंकर पाठक से बात की. चूंकि वो कई बार एक्टर के घर आ जा चुके थे, इसलिए उनकी बहन उन्हें अच्छे से जानती थीं. इसके बाद उन्होंने ही प्रदीप रावत की बहन को बताया कि ये आमिर ही बोल रहे हैं. फिर अगले दिन एक्टर को ऑफिस बुलाया गया, जहां जाकर उन्होंने लगान फिल्म साइन की.