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बॉलीवुड छोड़ साउथ क्यों चले गए थे 'गजनी' के विलेन? जब कहा था- मांगना नहीं पड़ता, तीन गुना पैसा मिलता है

प्रदीप रावत ने जितना काम अपने करियर में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के अंदर किया था, उससे कई ज्यादा वो साउथ की अलग-अलग भाषाओं में कर चुके थे. एक बार उन्होंने खुद बताया था कि साउथ सिनेमा में कैसे बॉलीवुड से कई गुना ज्यादा पैसे मिला करते हैं.

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साउथ के खूंखार विलेन रहे प्रदीप रावत (Photo: ITGD)
साउथ के खूंखार विलेन रहे प्रदीप रावत (Photo: ITGD)

आमिर खान की फिल्म गजनी के विलेन प्रदीप रावत अब हमारे बीच नहीं रहे. कैंसर से लंबी बीमारी के चलते उनका 74 साल की उम्र में निधन हुआ. 4 अगस्त को उनके गुजरने की खबर सामने आई, जिससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई. प्रदीप रावत का योगदान बतौर कलाकार काफी ज्यादा रहा था. 

साउथ के मशहूर विलेन रहे प्रदीप रावत

प्रदीप रावत ने ना सिर्फ हिंदी सिनेमा, बल्कि तेलुगू, तमिल, कन्नड़, मलयालम समेत कई रीजनल भाषाओं की फिल्मों में काम किया था. उनकी शुरुआत टीवी पर महाभारत में अश्वत्थामा बनकर हुई थी. इसके बाद उन्होंने हिंदी की कई सारी फिल्मों-टीवी शोज में काम किया. लेकिन फिर एक ऐसा फेज आया, जब उन्होंने साउथ इंडस्ट्री में जाना सही समझा. 

प्रदीप रावत ने साउथ की कई फिल्मों में काम किया, जिसमें सबसे ज्यादा उन्होंने विलेन के रोल्स किए थे. उनका पहला काम ही आज के समय में इंडियन सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर एस.एस. राजामौली के साथ था. वो साल 2004 में उनकी स्ये फिल्म में भिक्षु यादव बनकर आए थे, जिसके लिए उन्होंने अवॉर्ड भी जीता था. इसके बाद वो तमिल फिल्म गजनी में भी विलेन बनकर आए, जो बाद में हिंदी में रीमेक बनकर छा गई थी. 

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साउथ में काम करने का एक्सपीरियंस

कुछ साल पहले प्रदीप रावत ने सिद्धार्थ कन्नन संग बातचीत में बताया था कि उन्होंने क्यों हिंदी फिल्में छोड़कर साउथ जाने की सोची. एक्टर ने कहा था कि बॉलीवुड के मुकाबले, साउथ में एक्टर्स को कई गुना ज्यादा पैसा मिलता है. प्रदीप रावत ने कहा था- आज के समय में एक्टर्स को मुंबई से ज्यादा साउथ में पैसा मिलता है. अगर आपको मुंबई में 100 रुपये मिलते हैं, तो वहां 300 रुपये देते हैं. दोनों में तीन गुना पैसों का अंतर है. 

'अगर मुंबई में किसी एक्टर को काम के लिए एक दिन में एक लाख रुपये मिल रहे हैं, तो साउथ में तीन लाख रुपये दिए जाएंगे. वहां एक बात और है कि पैसे मांगने भी नहीं पड़ते. लेकिन इधर आपको पूछना पेमेंट के लिए पूछना पड़ता है.' प्रदीप रावत ने कहा था कि उन्हें मैडॉक फिल्म्स वालों से पैसे सामने से मांगने की जरूरत नहीं पड़ी थी. तब वो विक्की कौशल की छावा फिल्म में काम कर रहे थे, जिसे उन्होंने लगान के बाद अपना सबसे बेस्ट सेट एक्सपीरियंस बताया था. 

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