लोकसभा चुनाव 2019 में सिर से जुड़ी पटना की दो बहनों को अलग-अलग मताधिकार का मौका मिला. चुनाव आयोग की ओर से मांग मान लिए जाने से दोनों बहनें खुश नजर आईं. उन्हें इस बार अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र जारी हुए. जिससे दोनों बहनें अपने-अपने वोट डालने में सफल रहीं.
चुनाव आयोग की ओर से पटना में मतदान को लेकर जागरुकता फैलाने के लिए संचालित ट्विटर हैंडल @SveepP से इन बहनों की तस्वीर को ट्वीट किया गया. तस्वीर में दोनों बहनें अपना पहचान पत्र दिखाने के साथ मतदान के बाद अंगुलियों में लगी स्याही दिखाते हुए नजर आ रहीं हैं.
Saba and Farah ,the conjoined sister of Patna after giving vote ,both as an individual voter
— SVEEP CELL, PATNA (@SveepP)
दरअसल, 22 साल पहले पटना में दोनों बहनें सिर से जुड़ीं हुईं पैदा हुईं. कुछ वर्ष पहले, दिल्ली के एक अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए उन्हें अलग करने के लिए विचार भी हुआ. मगर ऐसा नहीं हो सका. दोनों बहनों का सिर छोड़कर अन्य पूरा शरीर अलग है. इससे पूर्व चुनाव आयोग ने दोनों बहनों को सिर्फ एक ही वोट डालने का अधिकार दिया था. दोनों बहनों को एक ही पहचान पत्र जारी हुआ था.
आयोग का मानना था कि भले ही दोनों बहनें शरीर से अलग हैं, मगर वे मानसिक तौर पर एक हैं. इस नाते उन्हें एक ही वोट डालने का हक है. मगर इस बार पटना के डीएम की पहल पर दोनों बहनों को अलग-अलग मताधिकार मिला. पटना के समनपुरा इलाके में रहने वाली 22 वर्षीय सबाह और फराह ने रविवार को आखिरी चरण में वोट डाला.