रविवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा सरकार पर 10 सालों में 26,386 स्कूल बंद करने का आरोप लगाया.
अखिलेश यादव ने रविवार को डाटा जारी करते हुए भाजपा कार्यकाल में 26,386 स्कूलों के बंद होने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि सबसे ज्यादा 758 प्राइमरी स्कूल लखीमपुर खीरी में बंद हुए. उनका कहना है कि भाजपा सरकार की कोशश है कि PDA के लोगों को पढ़ने नहीं देना है. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विधानसभा क्षेत्र गोरखपुर में 500 स्कूलों के बंद होने का दावा किया.
सपा प्रमुख ने कहा कि वह भाजपा सरकार की खराब व्यवस्थाओं को जनता के सामने रखना चाहते हैं. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के 7 हजार स्कूलों में बिजली नहीं है, 2,300 स्कूलों में शौचालय नहीं हैं, 576 स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है और 23 हजार स्कूलों में कंप्यूटर नहीं हैं. उनका यह भी आरोप है कि 26 हजार स्कूल बंद कर दिए गए हैं और अब तक 20 से अधिक भर्ती व परीक्षा पेपर लीक हो चुके हैं.
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युवाओं का समर्थन करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि Gen-Z और Gen-Alpha अपनी बात रखना जानते हैं और लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि, "भ्रष्ट, जुल्मी और पापी लोग भाजपा में हैं. जहां भी जमीन मिलती है, भाजपा उस पर कब्जा करने की कोशिश करती है."
उनका कहना है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर भाजपा को सफाई देनी चाहिए. उन्होंने उपचुनाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश भर में उपचुनाव हो रहे हैं, यहां नहीं हो रहे.
जंतर मंतर पर हुए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम सब देख रहे हैं दिल्ली में क्या हुआ. उन्होंने सवाल किया कि लाठीचार्ज किसके आदेश पर हुआ. उनका आरोप था कि भाजपा ने अधिकारियों को आगे कर दिया.
सपा प्रमुख ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी किसी की सगी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर जिस मंत्री से लोग जवाब चाहते हैं वे सदन में आकर जवाब देने को तैयार नहीं हैं.