किताबों के बस्ते और स्कूल यूनिफॉर्म में सिरोंज के बस स्टैंड पर जब दर्जनों छात्राओं ने एक सुर में नारेबाजी शुरू की तो यात्रियों से लेकर बस चालकों तक सब ठिठक गए. विदिशा जिले के सिरोंज में किराया बढ़ाए जाने के विरोध में कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राएं बुधवार को अचानक सड़कों पर उतर आईं. छात्राओं ने सिरोंज बस स्टैंड पर करीब आधे घंटे तक जमकर विरोध प्रदर्शन किया और "विधायक जी हमारा किराया कम करो!" के सीधे व तीखे नारे लगाए.
बस स्टैंड पर आधे घंटे तक गूंजते रहे नारे
स्कूल आने-जाने के लिए रोजाना बसों पर निर्भर रहने वाली छात्राओं का आरोप है कि बस ऑपरेटरों ने मनमाने तरीके से किराया बढ़ा दिया है, जिससे उनके दैनिक जेब खर्च और पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है. गुस्से में कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राएं क्लास छोड़कर सीधे बस स्टैंड पहुँच गईं और बस ऑपरेटरों व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.छात्राओं ने किसी अधिकारी के बजाए सीधे स्थानीय विधायक को कटघरे में खड़ा करते हुए किराया घटाने की मांग की और आधे घंटे तक आवागमन ठप सा कर दिया.
देश भर में दिख रहे हैं 'Gen Alpha' के आक्रामक तेवर
1. हमीरपुर (उत्तर प्रदेश): कीचड़ भरे रास्ते के खिलाफ 5 किमी की 'तिरंगा यात्रा'
मुद्दा: यूपी के हमीरपुर (चांदपुर) में स्कूली बच्चे दशकों से 1.5 किमी लंबे कीचड़ और जलभराव वाले रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर थे.
एक्शन: मंगलवार को करीब 300 प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के बच्चों (Gen Alpha) ने हाथ में तिरंगा और तख्तियां लेकर 5 किलोमीटर लंबी पैदल मार्च निकाली और सीधे कलेक्ट्रेट का मेन गेट ब्लॉक कर दिया. अफसरों की गाड़ियां अंदर-बाहर नहीं जा पाईं और बच्चों ने पक्की सड़क बनने तक हटने से साफ इनकार कर दिया.
2. फतेहपुर (उत्तर प्रदेश): पंखे, पानी और बदहाल मिड-डे मील पर 1500 बच्चों का 'सिट-इन'
मुद्दा: सर्वोदय इंटर कॉलेज (किशनपुर) में क्लासरूम में पंखे न होना, नंगे बिजली तार (जिनसे करंट लगता था), गंदे टॉयलेट और कीड़े वाले मिड-डे मील का मुद्दा.
एक्शन: 28 जुलाई को कक्षा 6 से 12 तक के करीब 1,500 स्कूली बच्चे सड़कों पर बैठ गए. 5-6 घंटे चले इस प्रदर्शन ने पूरे जिला प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए. अंततः एसडीएम को मौके पर आकर नए पंखे और आरओ (RO) प्लांट लगाने का लिखित आदेश देना पड़ा.
3. पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): जवाहर नवोदय विद्यालय में फोन जब्ती के बाद नेशनल हाईवे जाम
मुद्दा: शिक्षकों द्वारा चेकिंग के दौरान 14 मोबाइल फोन जब्त करना, साथ ही हॉस्टल में खराब खाने और स्पोर्ट्स किट न मिलने की शिकायत.
एक्शन: दसवीं से बारहवीं के छात्रों ने स्कूल से बाहर निकलकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया. उन्होंने सिर्फ फोन वापसी ही नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वाई-फाई और लैपटॉप-टैबलेट जैसी डिजिटल सुविधाओं की मांग रख दी.
4. छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): भारी बारिश में सड़क पर बैठे एकलव्य विद्यालय के बच्चे
मुद्दा: तामिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के मेस में घटिया खाना (दाल-सब्जी में कीड़े मिलना).
एक्शन: जुलाई के आखिरी हफ्ते में भारी बारिश के बावजूद स्कूली छात्र-छात्राएं सड़क पर धरने पर बैठ गए. अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर जांच कमेटी बैठाने और वेतन रोकने की कार्रवाई के बाद ही बच्चे माने.
5. पालघर (महाराष्ट्र): दिखावे की पानी आपूर्ति की पोल खोली
मुद्दा: डहाणु (पालघर) के सरकारी स्कूल में टॉयलेट्स की बदहाली और यह आरोप कि पानी सिर्फ अधिकारियों के इंस्पेक्शन के दिन ही आता है.
एक्शन: नन्हें बच्चों ने स्कूल का गेट लॉक करके अधिकारियों के सामने एक सुर में जवाब दिया और 'हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते' के नारे लगाए.
(नोट: मामले में प्रदर्शनकारी छात्राओं और स्थानीय विधायक का आधिकारिक बयान/बाइट आना अभी बाकी है, जिसके आधार पर स्टोरी अपडेट की जाएगी.)