अमेरिका में किसी के घर दूध मांगिए तो वह तुरंत फ्रिज खोलकर ठंडा दूध निकाल देगा. लेकिन यूरोप के कई देशों में यही काम कुछ अलग तरीके से होता है. वहां लोग कमरे के तापमान पर रखे पैकेट या बॉक्स से दूध निकालकर गिलास में डाल देते हैं. अब सवाल उठता है कि आखिर यूरोप में दूध को फ्रिज में रखने की जरूरत क्यों नहीं पड़ती? क्या ऐसा दूध खराब नहीं होता और क्या इसे पीना सुरक्षित है?
दूध को लेकर अमेरिका और यूरोप की यह आदत पहली नजर में काफी हैरान करने वाली लग सकती है. आखिर दूध ऐसी चीज है जिसे खराब होने से बचाने के लिए आमतौर पर फ्रिज में रखा जाता है. लेकिन यहां असली फर्क दूध को रखने के तरीके में नहीं, बल्कि उसे प्रोसेस करने के तरीके में है.
असली वजह है दूध को गर्म करने का तरीका
दूध में मौजूद बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए इसे गर्म करके पाश्चराइज किया जाता है. लेकिन अमेरिका और यूरोप में दूध को प्रोसेस करने के लिए एक जैसी तकनीक इस्तेमाल नहीं होती.
अमेरिका और कनाडा में आमतौर पर HTST यानी हाई टेम्प्रेचर शॉर्ट टाइम पेश्चोराइजेशन तकनीक का इस्तेमाल होता है. इसमें दूध को बहुत ज्यादा तापमान पर थोड़े समय के लिए गर्म किया जाता है. इस प्रक्रिया से हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और दूध पीने के लिए सुरक्षित हो जाता है.
लेकिन इस तकनीक से प्रोसेस किए गए दूध की शेल्फ लाइफ ज्यादा लंबी नहीं होती. आम तौर पर इसे करीब 7 से 10 दिन तक ही सुरक्षित रखा जा सकता है. इसलिए इसे लगातार ठंडा रखना जरूरी होता है.
वहीं यूरोप और दुनिया के कई दूसरे हिस्सों में दूध के लिए UHT यानी अल्ट्रा हाई टेम्प्रेचर या अल्ट्रा हीट ट्रीटमेंट तकनीक का इस्तेमाल ज्यादा आम है. इस प्रक्रिया में दूध को HTST की तुलना में और ज्यादा तापमान पर गर्म किया जाता है. इसका फायदा यह होता है कि दूध में मौजूद सूक्ष्मजीवों की संख्या काफी कम हो जाती है और दूध लंबे समय तक खराब हुए बिना रखा जा सकता है.
यही वजह है कि बंद UHT दूध के पैकेट को फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं होती. इसे कमरे के तापमान पर कई महीनों तक रखा जा सकता है. ऐसे दूध की शेल्फ लाइफ करीब तीन महीने तक हो सकती है, हालांकि सही अवधि पैकेजिंग और निर्माता के निर्देशों पर निर्भर करती है.
यानी यूरोप में दूध फ्रिज से बाहर इसलिए नहीं रखा जाता क्योंकि लोग लापरवाही करते हैं. असल वजह है कि वहां इस्तेमाल होने वाला दूध कई बार ऐसी तकनीक से प्रोसेस किया जाता है, जिससे वह बंद पैकेट में लंबे समय तक बिना रेफ्रिजरेशन के सुरक्षित रह सकता है.
क्या पैकेट खुलने के बाद भी फ्रिज की जरूरत नहीं?
यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है. UHT दूध का बंद पैकेट कमरे के तापमान पर रखा जा सकता है, लेकिन पैकेट खुलने के बाद स्थिति बदल जाती है. एक बार पैकेट खोलने के बाद दूध हवा और वातावरण के संपर्क में आता है. इसलिए उसे आम तौर पर फ्रिज में रखना चाहिए और पैकेट पर दिए गए निर्देशों के मुताबिक जल्द इस्तेमाल करना चाहिए. यानी यह मत समझिए कि यूरोप में दूध का खुला पैकेट भी हमेशा बाहर रखा जाता है.
सवाल यह भी है कि जब UHT तकनीक से दूध को लंबे समय तक बिना फ्रिज के रखा जा सकता है, तो अमेरिका में इसका इस्तेमाल ज्यादा क्यों नहीं होता? 1990 के दशक की शुरुआत में एक कंपनी ने अमेरिकी बाजार में UHT दूध बेचने की कोशिश की थी, लेकिन यह वहां ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो सका.
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इसकी एक वजह स्वाद भी बताई जाती है. UHT प्रक्रिया में दूध को बहुत ज्यादा तापमान पर गर्म किया जाता है, जिससे उसके स्वाद में हल्का बदलाव आ सकता है. कुछ लोगों को इसका स्वाद सामान्य पाश्चराइज्ड दूध की तुलना में थोड़ा ज्यादा 'पका हुआ' लगता है.
इसके अलावा अमेरिकी लोगों की ठंडे दूध को लेकर आदत भी एक बड़ी वजह मानी जाती है. वहां लोग दूध को फ्रिज में रखकर ठंडा करके पीने के ज्यादा आदी हैं. इसलिए कमरे के तापमान पर रखा दूध उन्हें असामान्य लग सकता है.
तो यूरोप में फ्रिज के बाहर रखा दूध सुरक्षित है?
अगर वह सही तरीके से UHT प्रोसेस किया गया है और पैकेट बंद है, तो हां. उसे कमरे के तापमान पर रखना सामान्य तौर पर सुरक्षित होता है. हालांकि, पैकेट पर लिखे स्टोरेज निर्देशों का पालन करना जरूरी है.
इसलिए अगली बार अगर यूरोप में किसी दुकान में आपको दूध फ्रिज के बजाय सामान्य शेल्फ पर रखा दिखे तो हैरान होने की जरूरत नहीं है. यह खराब दूध नहीं, बल्कि अलग तरीके से प्रोसेस किया गया दूध हो सकता है.
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यानी अमेरिका और यूरोप में दूध रखने की इस अलग आदत के पीछे कोई रहस्य नहीं, बल्कि पाश्चराइजेशन की अलग तकनीक और लोगों की अलग खान-पान की आदतें हैं.