दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की आबो-हवा में एक बार फिर छात्र राजनीति की गरमाहट महसूस होने लगी है! नॉर्थ से लेकर साउथ कैंपस तक चाय की टपरियों और कॉलेजों के कॉरिडोर्स में जिसका इंतजार महीनों से हो रहा था, आखिरकार उसकी आधिकारिक घोषणा हो गई है.
दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने डूसू (DUSU) चुनाव 2026 की तारीखों का ऐलान कर दिया है. यूनिवर्सिटी के नए नोटिफिकेशन के मुताबिक राजधानी के इस सबसे बड़े छात्रसंघ चुनाव के लिए 18 सितंबर को मतदान होगा और 19 सितंबर को मतगणना के बाद तय हो जाएगा कि इस बार डीयू की सत्ता का सिरमौर कौन बनेगा.
10 सितंबर तक भरे जाएंगे पर्चे, 35 दिन का 'चुनावी घमासान'
तारीखों के ऐलान के साथ ही उम्मीदवारों के पास अपना जनाधार मजबूत करने के लिए करीब 35 दिनों का समय बचा है.
नामांकन की समय-सीमा: 10 सितंबर तक उम्मीदवार अपना पर्चा दाखिल कर सकेंगे. नामांकन के तुरंत बाद पत्रों की जांच होगी और फाइनल कैंडिडेट लिस्ट जारी कर दी जाएगी. चुनाव आयोग और डीयू प्रशासन की ओर से लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत आचार संहिता (Code of Conduct) का कड़ाई से पालन कराया जाएगा. पोस्टर, बैनर और गाड़ियों के इस्तेमाल पर पैनी नजर रहेगी.
'फ्रेशर्स' पर नजर, ABVP और NSUI ने कसी कमर
यूनिवर्सिटी में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही छात्र संगठनों ने नए छात्रों (फ्रेंशर्स) को रिझाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कैंपस में नए छात्रों की मदद, हॉस्टल एडमिशन और मार्गदर्शन के लिए 'वेलकम फ्रेशर्स' अभियान चला रही है. वहीं एनएसयूआई (NSUI)भी कॉलेज यूनिट्स के जरिए नए छात्रों से सीधा संवाद कर रही है और बाहरी राज्यों से आए छात्रों को पीजी (PG) व हॉस्टल की सुविधा दिलाने में मदद कर रही है.
प्रशासन के सामने शांतिपूर्ण चुनाव कराने की चुनौती हर साल लाखों छात्रों की भागीदारी वाले इस चुनाव को 'देश का सबसे बड़ा छात्र चुनाव' माना जाता है. इस बार भी डीयू प्रशासन के सामने निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण चुनाव कराने की बड़ी चुनौती होगी. साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि चुनावी शोर-शराबे में कॉलेजों की नियमित पढ़ाई प्रभावित न हो.